गोंडा | पॉक्सो और यौन उत्पीड़न के मामले में दिल्ली की अदालत से बाइज्जत बरी होने के बाद पूर्व सांसद बृजभूषण शरण सिंह के निजी सचिव संजीव सिंह ने मीडिया से बात की। उन्होंने अदालत के फैसले को न्याय की जीत बताते हुए कहा कि उनके खिलाफ लगाए गए सभी आरोप राजनीति से प्रेरित थे।

बृजभूषण शरण सिंह को कोर्ट से राहत मिलने के बाद उनके निजी सचिव संजीव सिंह ने अपनी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि यह फैसला सच्चाई की जीत है और न्याय व्यवस्था पर उनका पूरा भरोसा था।उन्होंने कहा कि लंबे समय से चल रहे इस मामले में अब राहत मिली है और आगे की प्रक्रिया को लेकर भी उन्हें विश्वास है कि न्याय मिलेगा।
मीडिया से बातचीत में बृजभूषण के निजी सचिव संजीव सिंह ने कहा कि पूरा देश इस फैसले का स्वागत कर रहा है। कैसरगंज के लोग स्वागत कर रहे हैं, देवीपाटन मंडल के लोग स्वागत कर रहे हैं। हम सब इस फैसले से बहुत संतुष्ट हैं। यह फैसला बहुत न्यायप्रिय, न्यायपूर्ण और विधिवत तरीके से अदालत के द्वारा दिया गया फैसला है।
उन्होंने आगे कहा कि उन्हें पहले से ही न्याय व्यवस्था पर भरोसा था। मुकदमे लम्बे चलते हैं क्योंकि गवाहियां होती हैं।भारत की न्याय प्रक्रिया इतनी अच्छी है कि दोनों पक्षों को अपना पक्ष रखने का मौका मिलता है। हमें अपने ऊपर विश्वास था, कोर्ट के ऊपर विश्वास था। अगर हमने कोई अपराध किया ही नहीं है तो अपराध साबित कहां से होगा, गवाही आएगी कहां से। आज नेताजी का पक्ष सही साबित हुआ है।

संजीव सिंह ने बृजभूषण के 3 साल पहले दिए बयान को भी दोहराया। उन्होंने कहा नेताजी ने तब भी कहा था कि अगर आरोप साबित हो जाए तो मैं 1 मिनट में फांसी पर लटक जाऊंगा। उन्हें पहले दिन से पता था कि ये आरोप राजनैतिक महत्वाकांक्षा को लेकर लगाए गए हैं।साथ ही उन्होंने आरोप लगाया कि यह साजिश बीजेपी को कमजोर करने के लिए रची गई थी। ये वो लोग हैं जो बीजेपी को अस्थिर करना चाहते थे। देवीपाटन मंडल में नेताजी को अस्थिर करना चाहते थे। सीधे – सीधे इसके पीछे कांग्रेस के लोग हैं, हुड्डा परिवार है। बहुत बड़ी टीम है उनकी, वो सारे लोग इसमें शामिल थे।

उल्लेखनीय है कि पहलवानों द्वारा लगाए गए आरोपों के बाद यह मामला पिछले 3 साल से देश भर में चर्चा में था। अब अदालत से राहत मिलने के बाद कैसरगंज और आसपास के इलाकों में उनके समर्थकों ने जश्न मनाया। सोशल मीडिया पर भी न्याय की जीत ट्रेंड कर रहा है। इस फैसले के बाद अब सभी की नजरें इस बात पर हैं कि बरी होने के बाद वे आगे की राजनीति में क्या भूमिका निभाते हैं।

रिपोर्ट | काजल कुमारी @nation

