बिहार की बहुचर्चित बांकीपुर विधानसभा सीट पर हो रहे उपचुनाव की मतगणना जैसे-जैसे आगे बढ़ रही है, चुनावी समीकरणों में बड़ी हलचल देखने को मिल रही है। मतगणना के 11वें राउंड की प्रक्रिया पूरी होने के बाद ‘जन सुराज’ के संस्थापक प्रशांत किशोर ने अपने निकटतम प्रतिद्वंद्वियों पर बढ़त बनाते हुए जीत की दिशा में मजबूत कदम बढ़ा दिए हैं। शुरुआती रुझानों और अब तक के आंकड़ों ने राजनीतिक गलियारों में चर्चाओं का बाजार गर्म कर दिया है।
प्रशांत किशोर का शानदार प्रदर्शन
11वें राउंड की मतगणना के आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, प्रशांत किशोर ने अब तक 21,941 वोट हासिल कर लिए हैं। वहीं, भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के उम्मीदवार नीरज कुमार 18,994 वोटों के साथ दूसरे स्थान पर बने हुए हैं। प्रशांत किशोर ने अब तक कुल 6,419 वोटों की निर्णायक बढ़त बना ली है। तीसरे स्थान पर राष्ट्रीय जनता दल (आरजेडी) की प्रत्याशी रेखा कुमारी चल रही हैं, जो मुख्य मुकाबले से फिलहाल काफी पीछे नजर आ रही हैं।
मुकाबले का विश्लेषण
बांकीपुर की इस सीट पर प्रशांत किशोर की बढ़त को एक बड़ा राजनीतिक उलटफेर माना जा रहा है। एक ऐसी सीट जिसे बीजेपी का गढ़ कहा जाता था, वहाँ जन सुराज की एंट्री ने पुराने समीकरणों को पूरी तरह से बदल दिया है। विश्लेषकों का मानना है कि प्रशांत किशोर की ‘पदयात्रा’ और उनके द्वारा उठाए गए जनहित के मुद्दों का असर सीधा मतपेटी में दिखाई दे रहा है।
दूसरी ओर, बीजेपी के लिए यह बढ़त चिंता का विषय बनी हुई है। पार्टी अपने पारंपरिक वोट बैंक को बचाने में संघर्ष करती नजर आ रही है। आरजेडी के लिए भी यह चुनाव परिणाम एक बड़ा झटका साबित हो सकता है, क्योंकि वे तीसरे स्थान पर पिछड़कर मुकाबले से बाहर होते दिख रहे हैं।
मतगणना केंद्र पर कड़ी निगरानी
एएन कॉलेज स्थित मतगणना केंद्र पर सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं। चुनाव आयोग के पर्यवेक्षकों की मौजूदगी में प्रत्येक राउंड की गिनती निष्पक्षता के साथ की जा रही है। 11 राउंड बीत जाने के बाद, अब समर्थकों की निगाहें अगले राउंड पर टिकी हैं। मतगणना केंद्र के बाहर प्रशांत किशोर के समर्थकों में उत्साह का माहौल है, जबकि अन्य दलों के खेमे में मायूसी छाई हुई है।
क्या बरकरार रहेगी प्रशांत किशोर की यह रफ्तार?
अगले कुछ राउंड्स काफी निर्णायक होंगे। बांकीपुर की जनता ने इस बार ‘बदलाव’ का जो मूड दिखाया है, वह साफतौर पर प्रशांत किशोर के पक्ष में जाता दिख रहा है। यदि यह बढ़त अगले राउंड्स में भी इसी तरह बरकरार रहती है, तो यह बिहार की राजनीति के लिए एक ऐतिहासिक मोड़ होगा। प्रशांत किशोर की यह चुनावी पारी न केवल उनके भविष्य को दिशा देगी, बल्कि प्रदेश में एक नए राजनीतिक विकल्प के उदय का संकेत भी है।


