लखनऊ: राजधानी लखनऊ में अवैध डेयरियों के खिलाफ नगर निगम की कार्रवाई उस समय हंगामे में बदल गई, जब टीम को स्थानीय लोगों और पशुपालकों के भारी विरोध का सामना करना पड़ा। पारा क्षेत्र में रविवार सुबह कार्रवाई करने पहुंची नगर निगम की टीम पर कुछ लोगों ने पथराव शुरू कर दिया। अचानक हुए पथराव से मौके पर अफरा-तफरी मच गई और कर्मचारियों को अपनी जान बचाने के लिए पीछे हटना पड़ा।
इस घटना में नगर निगम के तीन सरकारी वाहन क्षतिग्रस्त हो गए, जबकि कई कर्मचारियों के घायल होने की सूचना है। हालात बिगड़ने के बाद मौके पर मौजूद पुलिस बल ने स्थिति को संभाला। इसके बाद नगर निगम की टीम ने कार्रवाई आगे बढ़ाते हुए 18 भैंसों को पकड़कर ठाकुरगंज स्थित कांजी हाउस भेज दिया।
सुबह कार्रवाई के लिए पहुंची थी नगर निगम की टीम
जानकारी के मुताबिक, नगर निगम की टीम रविवार सुबह पारा क्षेत्र में अवैध रूप से संचालित हो रही डेयरियों के खिलाफ अभियान चलाने पहुंची थी। टीम के साथ पुलिस बल भी मौजूद था। नगर निगम का उद्देश्य क्षेत्र में संचालित ऐसी डेयरियों पर कार्रवाई करना था, जहां नियमों के उल्लंघन की शिकायतें सामने आई थीं। टीम ने जैसे ही कार्रवाई शुरू की, पशुपालकों और कुछ स्थानीय लोगों ने इसका विरोध करना शुरू कर दिया। शुरुआत में मौके पर कहासुनी और विरोध हुआ, लेकिन कुछ ही देर में स्थिति तनावपूर्ण हो गई।
अचानक शुरू हो गया पथराव
बताया जा रहा है कि विरोध के दौरान कुछ लोगों ने नगर निगम की टीम पर पथराव शुरू कर दिया। देखते ही देखते पत्थरबाजी तेज हो गई। अचानक हुए हमले से मौके पर मौजूद कर्मचारियों में भगदड़ जैसी स्थिति बन गई। कर्मचारियों और अधिकारियों ने किसी तरह खुद को सुरक्षित किया। पथराव की चपेट में नगर निगम के तीन सरकारी वाहन भी आ गए। वाहनों के शीशे और अन्य हिस्से क्षतिग्रस्त हो गए। वहीं, पत्थर लगने से नगर निगम के कई कर्मचारियों को चोटें आईं। घटना के बाद कुछ समय के लिए मौके पर तनाव का माहौल बना रहा।
पुलिस की मौजूदगी में पकड़ी गईं 18 भैंसें
हंगामे के बावजूद नगर निगम और पुलिस की टीम ने स्थिति को नियंत्रित करने के बाद अपनी कार्रवाई जारी रखी। पुलिस बल की मौजूदगी में टीम ने 18 भैंसों को पकड़ लिया। इन सभी पशुओं को ठाकुरगंज स्थित कांजी हाउस भेज दिया गया। अधिकारियों का कहना है कि अवैध डेयरियों के खिलाफ अभियान नियमों के तहत चलाया जा रहा है और इस तरह की कार्रवाई आगे भी जारी रह सकती है।
कर्मचारियों की सुरक्षा पर भी उठे सवाल
घटना ने नगर निगम की प्रवर्तन टीम के कर्मचारियों की सुरक्षा को लेकर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। कार्रवाई के दौरान टीम के सामने अचानक विरोध और पथराव की स्थिति बन गई। ऐसे में कर्मचारियों की सुरक्षा के लिए पर्याप्त पुलिस बल की मौजूदगी कितनी जरूरी है, यह घटना एक बार फिर सामने लेकर आई है। पुलिस पूरे मामले की जानकारी जुटा रही है। पथराव करने वालों की पहचान और घटना में शामिल लोगों के खिलाफ आगे की कार्रवाई को लेकर भी जानकारी जुटाई जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि सरकारी वाहनों में तोड़फोड़ और कर्मचारियों पर हमला करने वालों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
अवैध डेयरियों पर कार्रवाई को लेकर सख्ती
लखनऊ के कई इलाकों में आबादी के बीच संचालित डेयरियों को लेकर समय-समय पर शिकायतें सामने आती रही हैं। नगर निगम की ओर से ऐसी डेयरियों के खिलाफ अभियान चलाया जाता है। कार्रवाई के दौरान पशुओं को हटाने के साथ-साथ नियमों का उल्लंघन करने वाले डेयरी संचालकों पर भी कार्रवाई की जाती है। पारा की घटना में सबसे बड़ा सवाल यह है कि आखिर कार्रवाई का विरोध इस हद तक क्यों पहुंचा कि सरकारी टीम पर ही पथराव शुरू हो गया। फिलहाल पुलिस और नगर निगम दोनों स्तर पर मामले की जांच की जा रही है। घटना के बाद इलाके में पुलिस की मौजूदगी बढ़ा दी गई है, ताकि दोबारा किसी तरह का विवाद या तनाव न हो।


