सावन के सोमवार के मौके पर उज्जैन में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ने के बीच नागचंद्रेश्वर मंदिर क्षेत्र में अचानक अफरातफरी की स्थिति बन गई। दर्शन के लिए बड़ी संख्या में पहुंचे श्रद्धालुओं के बीच धक्का-मुक्की होने से तीन लोग दब गए। हादसे के बाद मौके पर मौजूद प्रशासन और पुलिसकर्मियों ने तत्काल स्थिति संभालने की कोशिश की और घायलों को इलाज के लिए उज्जैन जिला अस्पताल पहुंचाया गया।
बताया जा रहा है कि नागचंद्रेश्वर मंदिर में दर्शन के लिए लाखों श्रद्धालु पहुंच चुके हैं। प्रशासन के मुताबिक, अब तक पांच लाख से अधिक श्रद्धालु दर्शन कर चुके हैं। जैसे-जैसे दिन बढ़ा, मंदिर परिसर और आसपास के रास्तों पर श्रद्धालुओं की भीड़ भी बढ़ती चली गई। इसी दौरान हरसिद्धि मंदिर और बड़े गणेश मंदिर के सामने भी भारी भीड़ जमा हो गई, जिससे लोगों को आगे बढ़ने में परेशानी होने लगी।
लाइन खुलते ही बिगड़ी स्थिति
ग्वालियर से दर्शन के लिए पहुंचे एक श्रद्धालु ने बताया कि वह और उनके परिवार के लोग रात करीब 12 बजे से लाइन में लगे हुए थे। श्रद्धालु के मुताबिक, काफी देर तक लाइन में खड़े रहने के बाद अचानक भीड़ का दबाव बढ़ गया। श्रद्धालु ने बताया कि वीआईपी दर्शन के कारण करीब एक से डेढ़ घंटे तक सामान्य दर्शन की लाइन रोक दी गई थी।
इस दौरान बड़ी संख्या में लोग लाइन में खड़े रहे। उनका कहना है कि जब अचानक लाइन खोली गई तो लोगों का दबाव एक साथ आगे बढ़ गया और देखते ही देखते धक्का-मुक्की शुरू हो गई। उन्होंने बताया कि इसी दौरान कुछ लोग भीड़ में दब गए। हादसे में उनकी भतीजी सोनम राणा भी घायल हो गईं, जिन्हें इलाज के लिए अस्पताल ले जाया गया।
बैरिकेडिंग के बावजूद बढ़ा भीड़ का दबाव
नागचंद्रेश्वर मंदिर तक श्रद्धालुओं को व्यवस्थित तरीके से पहुंचाने के लिए बैरिकेडिंग की गई है। इसके बावजूद श्रद्धालुओं की संख्या लगातार बढ़ने के कारण कई जगहों पर भीड़ का दबाव बढ़ गया। मंदिर क्षेत्र में एक साथ बड़ी संख्या में लोगों के पहुंचने से आवाजाही प्रभावित हुई और कुछ समय के लिए स्थिति काफी तनावपूर्ण हो गई। भीड़ में मौजूद लोग एक-दूसरे को संभालने की कोशिश करते नजर आए। कुछ श्रद्धालुओं को सांस लेने में परेशानी हुई, जबकि धक्का-मुक्की के दौरान कई लोग गिर भी गए। इसी बीच तीन श्रद्धालुओं के दबने की सूचना सामने आई।
जिला अस्पताल में घायलों का इलाज
हादसे के बाद घायलों को तुरंत उज्जैन जिला अस्पताल ले जाया गया, जहां उनका इलाज चल रहा है। अस्पताल में भी प्रशासन की ओर से आवश्यक व्यवस्थाएं की गई हैं। फिलहाल घायलों की स्थिति को लेकर विस्तृत मेडिकल अपडेट का इंतजार है। घटना के बाद प्रशासनिक अधिकारी और पुलिस बल मौके पर मौजूद रहे। अधिकारियों ने भीड़ को नियंत्रित करने के साथ-साथ श्रद्धालुओं से संयम बनाए रखने की अपील की। लोगों से कहा गया कि वे धक्का-मुक्की न करें और किसी भी तरह की अफवाह या पैनिक की स्थिति पैदा न होने दें।
पांच लाख से ज्यादा श्रद्धालु कर चुके दर्शन
उज्जैन में सावन के सोमवार और धार्मिक आयोजन के चलते इस समय बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे हैं। नागचंद्रेश्वर मंदिर में दर्शन के लिए लंबी कतारें लगी हुई हैं। बताया जा रहा है कि अब तक पांच लाख से अधिक श्रद्धालु दर्शन कर चुके हैं। श्रद्धालुओं की भारी संख्या को देखते हुए प्रशासन के लिए भीड़ को नियंत्रित करना बड़ी चुनौती बना हुआ है। मंदिर के आसपास बैरिकेडिंग, पुलिस बल और प्रशासनिक अधिकारियों की तैनाती की गई है। इसके बावजूद अलग-अलग स्थानों पर भीड़ का दबाव देखने को मिल रहा है।
प्रशासन ने की पैनिक न करने की अपील
अफरातफरी की घटना के बाद प्रशासन लगातार श्रद्धालुओं से शांत रहने की अपील कर रहा है। अधिकारियों का कहना है कि भीड़ में धक्का-मुक्की से बचना बेहद जरूरी है। श्रद्धालुओं को निर्धारित मार्ग से ही आगे बढ़ने और सुरक्षाकर्मियों के निर्देशों का पालन करने को कहा जा रहा है। फिलहाल प्रशासन की प्राथमिकता भीड़ को व्यवस्थित करना और श्रद्धालुओं को सुरक्षित तरीके से दर्शन कराना है। नागचंद्रेश्वर मंदिर और आसपास के प्रमुख मार्गों पर सुरक्षा व्यवस्था बढ़ाई गई है, ताकि दोबारा ऐसी स्थिति न बने।


