Flood Threat in Azamgarh: अज़मगढ़:घाघरा नदी का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है, जिससे देवारा क्षेत्र में बाढ़ का खतरा गहरा गया है। पहाड़ी इलाकों में हो रही भारी बरसात के कारण पिछले 48 घंटों में नदी में लगभग 7.40 लाख क्यूसेक पानी छोड़ा गया है, जिससे सगड़ी तहसील के तटवर्ती इलाकों में बाढ़ का खतरा मंडरा रहा है। नदी का जलस्तर तेजी से ऊपर बढ़ रहा है, साथ ही नदी के कटाव ने भी रौद्र रूप धारण कर लिया है। महज तीन-चार दिनों में लगभग 14 बीघा जमीन नदी की धारा में समा चुकी है, जिससे किसान निराश और भयभीत हैं।
जलस्तर का बढ़ना और खतरे का संकेत
घाघरा नदी का जलस्तर बदरहुआ नाले पर 71.42 मीटर दर्ज किया गया, जो पिछले एक दिन में 27 सेंटीमीटर ऊपर है। खतरे का स्तर 71.68 मीटर है। यानी, नदी का जलस्तर अब सिर्फ 26 सेंटीमीटर नीचे है। डिघिया नाले पर भी पानी का स्तर 34 सेंटीमीटर बढ़ा है, और अब यह 70.81 मीटर पर पहुंच चुका है। ऊपर से पानी छोड़े जाने के कारण आने वाले दिनों में जलस्तर और भी बढ़ने की आशंका है। Flood Threat in Azamgarh
नदी का कटाव और जमीन का ध्वस्त होना
घाघरा नदी का कटाव तेज हो गया है। सहवदिया, बरामदपुर, चक्की, देवारा खास राजा जैसे इलाकों में नदी की धार ने खेत-खेत को लीलना शुरू कर दिया है। किसानों की उपजाऊ जमीन नदी की तेज धारा में समाने लगी है। सहवदिया के गया सिंह पटेल के खेत के पूरब से लेकर बरामदपुर तक करीब एक किलोमीटर के दायरे में नदी का कटाव जारी है। कई किसानों की जमीन कटान की जद में आ चुकी है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि नदी का कटाव इसी तरह जारी रहा, तो आने वाले दिनों में और भी अधिक जमीन नदी में समा सकती है। Flood Threat in Azamgarh
सुरक्षा उपाय और प्रशासन की तैयारियां
सिंचाई विभाग ने कटाव को रोकने के लिए बंबू क्रेट, गैरेबियन और परकूपाइन जैसे सुरक्षा उपकरण लगाए थे, लेकिन तेज धारा के आगे ये भी बेअसर साबित हो रहे हैं। सहवदिया के सामने लगाए गए कई सुरक्षा उपकरण नदी की तेज धारा में बह गए हैं।
अधिकारियों का कहना है कि यदि जलस्तर इसी तरह बढ़ता रहा, तो स्थिति और भी भयावह हो सकती है। Flood Threat in Azamgarh
प्रभावित क्षेत्रों का जायजा और आगे की कार्रवाई
सिंचाई विभाग के अधिशासी अभियंता वीरेंद्र कुमार सिंह ने कहा कि ऊपर से पानी छोड़ा गया है और अगले एक-दो दिनों में जलस्तर और भी बढ़ सकता है। यदि ऐसा हुआ, तो बाढ़ और कटान का खतरा और भी बढ़ेगा।
एसडीएम सगड़ी संजीव कुमार राय ने बताया कि, “कटान स्थल पर राजस्व कर्मियों को भेजकर स्थिति का जायजा लिया जाएगा और रिपोर्ट जिलाधिकारी को भेजी जाएगी।” Flood Threat in Azamgarh
ग्रामीणों की चिंता और आशंका
पानी के बढ़ने से ग्रामीणों में भय व्याप्त है। यदि जल्द ही कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया, तो बाढ़ के साथ-साथ कटान का संकट भी विकराल हो सकता है। खेत-खलिहान और घरों को खतरा बना हुआ है। Flood Threat in Azamgarh
घाघरा नदी का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है, और तेज धारा ने ग्रामीणों की चिंता और भी बढ़ा दी है। प्रशासन ने निगरानी तेज कर दी है, लेकिन यदि बारिश और पानी की निकासी इसी तरह जारी रही, तो बाढ़ और जमीन का बड़ा नुकसान होने की आशंका है। ग्रामीणों की सुरक्षा और कृषि के हित में त्वरित कदम उठाना आवश्यक हो गया है। Flood Threat in Azamgarh
रिपोर्ट- रामअवतार उपाध्याय/ सोनू सिंह @Nation27
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