उत्तर प्रदेश के रामपुर से समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता मोहम्मद आजम खान पर प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने आज बड़ा कदम उठाया है। जौहर ट्रस्ट, जो कि मोहम्मद आजम खान का प्रमुख संगठन है, उस पर लगभग 494 करोड़ रुपए के खर्च का खुलासा न कर पाने और काले धन के उपयोग का संदेह जताते हुए ED ने रामपुर में उनके आवास, जौहर विश्वविद्यालय समेत कुछ अन्य स्थानों पर छापेमारी की है।
दो पेन कार्ड रखने के मामले में आयकर विभाग की कार्रवाई के बाद अब प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने भी शिकंजा कसना शुरु कर दिया है। बीते जुलाई माह में ईडी ने आजम खान पर चल रहे मुकदमों के बारे में जानकारी मांगी थी, जिसके बाद माना जा रहा था कि आजम खान और उनके ट्रस्ट पर ईडी की कार्रवाई हो सकती है। बुधवार को सुबह सात बजे ईडी ने रामपुर स्थित उनके आवास, विश्वविद्यालय समेत रिश्तेदारों के घरों पर छापा मारा।
यह कार्रवाई ऐसे समय में हुई है जब आयकर विभाग ने भी ट्रस्ट का पंजीकरण निरस्त कर दिया है। ट्रस्ट पर आरोप है कि वह विश्वविद्यालय के निर्माण में अरबों रुपये का खर्च दिखाने में असमर्थ रहा है। इससे पहले आयकर विभाग ने 23 जून को नोटिस जारी कर ट्रस्ट से वर्ष 2015 से 2020 तक की आय, व्यय, जमीन खरीद और निर्माण कार्यों का विवरण मांगा था। ट्रस्ट इन विवरणों को देने में असमर्थ रहा है, जिसके कारण उसका पंजीकरण निरस्त कर दिया गया है।
जौहर विश्वविद्यालय में अरबों का खर्च और काला धन का संदेह सामने आया है। माना जा रहा है कि जौहर विश्वविद्यालय के निर्माण में भारी मात्रा में काला धन का उपयोग किया गया है। आयकर विभाग द्वारा जारी नोटिस में यह भी कहा गया था कि ट्रस्ट को दान के नाम पर करोड़ों रुपये देने वाली 11 संदिग्ध फर्मों का रिकॉर्ड भी मांगा गया था, लेकिन ट्रस्ट इन ब्योरे को नहीं दे पाया है।
सोनू सिंह @Nation27
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