फाल्टा उपचुनाव के शुरुआती रुझानों में बीजेपी उम्मीदवार देबांग्शु पांडा बढ़त बनाए हुए हैं। वहीं, टीएमसी पिछड़ती नजर आ रही है, जबकि सीपीआई(एम) दूसरे स्थान पर बनी हुई है। पश्चिम बंगाल के फाल्टा उपचुनाव में बीजेपी उम्मीदवार देबांग्शु पांडा लगातार बढ़त बनाए हुए हैं। चुनाव आयोग के ताजा आंकड़ों के मुताबिक, 16 राउंड की मतगणना के बाद पांडा को 94,460 वोट मिल चुके हैं और उन्होंने अपनी बढ़त को और मजबूत कर लिया है। वह अपने निकटतम प्रतिद्वंद्वी, सीपीआई(एम) उम्मीदवार शंभुनाथ कुर्मी से 62,402 वोटों से आगे चल रहे हैं। मौजूदा रुझान बीजेपी के पक्ष में साफ तौर पर जाते दिख रहे हैं। वहीं, इस चुनाव में सबसे बड़ा नुकसान तृणमूल कांग्रेस (TMC) को होता नजर आ रहा है। पार्टी के उम्मीदवार और फाल्टा के पूर्व विधायक जहांगीर खान अब तक सिर्फ 5,134 वोट ही हासिल कर सके हैं। ऐसे में उनकी जमानत जब्त होने की आशंका भी जताई जा रही है। खास बात यह है कि जहांगीर खान ने पहले चुनाव लड़ने से इनकार किया था, जिसके बाद मुकाबला बीजेपी और कांग्रेस के बीच माना जा रहा था। लेकिन नतीजों के रुझानों ने सभी को चौंका दिया है। टीएमसी के कमजोर पड़ने के बावजूद कांग्रेस तीसरे स्थान पर खिसक गई, जबकि सीपीआई(एम) उम्मीदवार दूसरे नंबर पर पहुंच गए हैं।
बंगाल की सियासत में नई हलचल, फाल्टा उपचुनाव ने बदला पूरा खेल
अगर आगे के राउंड में भी यही रुझान बने रहते हैं, तो यह पश्चिम बंगाल की राजनीति में बड़े बदलाव का संकेत हो सकता है. खासकर BJP की बढ़त और CPI(M) की वापसी चर्चा का बड़ा विषय बन गई है. हालांकि अभी मतगणना पूरी नहीं हुई है और अंतिम नतीजों के लिए बाकी राउंड की गिनती का इंतजार किया जा रहा है. सभी पार्टियों की नजर अब अगले चरणों की काउंटिंग पर टिकी हुई है. 2021 में हुए विधानसभा चुनाव में फाल्टा से AITC के शंकर कुमार नशकर को जीत मिली थी, जबकि 2016 में AITC के तमनोश खोष को जीत मिली थी.


