विशेष कार्यक्रम का नेतृत्व प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी करेंगे। पश्चिम बंगाल में मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी के नेतृत्व में सरकार बनने के बाद यह प्रधानमंत्री का पहला राज्य दौरा होगा।
कोलकाता को मुख्य केंद्र चुने जाने पर जताया गर्व
राज्य सचिवालय नबान्ना में आयोजित एक बैठक में मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के मुख्य आयोजन के लिए कोलकाता का चयन होना पूरे राज्य के लिए गर्व की बात है। उन्होंने कहा कि पहली बार पश्चिम बंगाल सरकार आधिकारिक रूप से योग दिवस समारोह में भाग ले रही है, जिससे राज्य के लोगों में उत्साह का माहौल है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में बंगाल इस अवसर पर कई नए रिकॉर्ड स्थापित कर सकता है। उन्होंने राज्य के सभी नागरिकों से कार्यक्रम में बढ़-चढ़कर हिस्सा लेने की अपील की।
राज्यभर में होंगे सामूहिक योग कार्यक्रम
रेड रोड के अलावा राज्य के विभिन्न जिलों, शैक्षणिक संस्थानों, पार्कों और सार्वजनिक स्थलों पर भी एक साथ योग प्रदर्शन आयोजित किए जाएंगे। इसके लिए कई जिलों में पहले से प्रशिक्षण शिविर भी लगाए जा चुके हैं।
योग को दैनिक जीवन का हिस्साने पर जोर बना बैठक में केंद्रीय आयुष राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) प्रतापराव जाधव और पश्चिम बंगाल के स्वास्थ्य मंत्री डॉ. शरदवत मुखर्जी भी मौजूद रहे। इस दौरान राज्य सरकार के विभिन्न विभागों और पुलिस प्रशासन को आयोजन के सफल संचालन की जिम्मेदारी सौंपी गई।
प्रतापराव जाधव ने कहा कि सरकार का प्रयास है कि योग केवल एक दिन का आयोजन न रह जाए, बल्कि लोगों की दिनचर्या का हिस्सा बने, जिससे स्वस्थ जीवनशैली को बढ़ावा मिल सके।
सरकारी कर्मचारियों के लिए योग कार्यक्रम अनिवार्य
पश्चिम बंगाल के मुख्य सचिव मनोज कुमार अग्रवाल ने कहा कि योग भारत की प्राचीन विरासत है और इसकी शुरुआत भारत से ही हुई थी। राज्य सरकार ने सभी सरकारी कर्मचारियों के लिए योग दिवस कार्यक्रम में भाग लेना अनिवार्य किया है।
कर्मचारियों को 21 जून की सुबह 6:30 बजे से 7:45 बजे तक अपने कार्यालयों, घरों, रेड रोड और मिलन मेला जैसे निर्धारित स्थलों पर योग सत्र में शामिल होना होगा।
पश्चिम बंग दिवस को लेकर भी राजनीतिक चर्चा तेज
योग दिवस से एक दिन पहले, 20 जून को राज्य में पश्चिम बंग दिवस (पश्चिमबंगा दिवस) मनाया जाएगा। यह दिन ऐतिहासिक रूप से महत्वपूर्ण माना जाता है क्योंकि 20 जून 1947 को जनसंघ के संस्थापक श्यामा प्रसाद मुखर्जी ने बंगाल विभाजन के समर्थन में प्रस्ताव रखा था।
भारतीय जनता पार्टी का मानना है कि इस निर्णय ने बंगाल के हिंदुओं के लिए सुरक्षित मातृभूमि का मार्ग प्रशस्त किया था। इसी कारण भाजपा नेतृत्व ने श्यामा प्रसाद मुखर्जी के योगदान को व्यापक रूप से याद करने और पश्चिम बंग दिवस को बड़े स्तर पर मनाने का आह्वान किया है।
भाजपा ने किया व्यापक जनभागीदारी का आह्वान
भाजपा के आधिकारिक सोशल मीडिया पेज पर जारी संदेश में कहा गया, “20 जून केवल एक तारीख नहीं है। पश्चिम बंग दिवस हमें उस इतिहास की याद दिलाता है, जो बचाया गया और जिसे खोया भी जा सकता था। यह दिन उस नेतृत्व और साहस को याद करने का अवसर है, जिसने इतिहास की दिशा बदल दी।”
पार्टी ने राज्यभर के लोगों से पश्चिम बंग दिवस और अंतरराष्ट्रीय योग दिवस दोनों कार्यक्रम में सक्रिय भागीदारी की अपील की है।


