Sonbhadra News: सोनभद्र जनपद के केकराही स्थित एक निजी अस्पताल में जच्चा-बच्चा की मौत के मामले ने जिले की स्वास्थ्य व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
इलाज में लापरवाही के आरोपों के बीच पीड़ित परिवार कई दिनों तक कार्रवाई के लिए भटकता रहा। मामला जब जिलाधिकारी चर्चित गौड़ के संज्ञान में पहुंचा तो प्रशासन हरकत में आ गया। डीएम के निर्देश पर स्वास्थ्य विभाग की टीम ने अस्पताल का निरीक्षण किया। प्रथम दृष्टया मामला गंभीर पाये जाने पर अस्पताल को तत्काल प्रभाव से सील कर दिया गया। अस्पताल संचालक के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर पुलिस और स्वास्थ्य विभाग ने संयुक्त जांच शुरू कर दी है।
केकराही स्थित निजी अस्पताल में प्रसूता और नवजात की मौत के मामले को जिलाधिकारी चर्चित गौड़ ने गंभीरता से लिया है। डीएम के निर्देश पर स्वास्थ्य विभाग की टीम ने अस्पताल का निरीक्षण किया, जहां प्रथम दृष्टया मामला गंभीर पाए जाने पर अस्पताल को तत्काल प्रभाव से सील कर दिया गया। जिलाधिकारी ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि मरीजों के जीवन के साथ किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। मामले की निष्पक्ष जांच के लिए टीम गठित कर दी गई है और दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ कठोर विधिक एवं प्रशासनिक कार्रवाई की जाएगी।
परिजनों का आरोप है कि प्रसव पीड़ा होने पर उन्हें बेहतर इलाज का भरोसा देकर निजी अस्पताल भेजा गया था। अस्पताल में ऑपरेशन के दौरान लापरवाही के चलते पहले नवजात की मौत हुई और बाद में प्रसूता की हालत भी बिगड़ गई। परिजनों का कहना है कि गंभीर स्थिति होने पर अस्पताल प्रबंधन ने जिम्मेदारी से पल्ला झाड़ते हुए वाराणसी रेफर कर दिया, जहां डॉक्टरों ने संतोषी को मृत घोषित कर दिया। पीड़ित परिवार का आरोप है कि अस्पताल की लापरवाही ने उनका पूरा परिवार उजाड़ दिया और अब वे दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।


