नई दिल्ली में हाल ही में आयोजित एक शानदार फिल्म एक्सपो में सिनेमा जगत की हस्तियां शामिल हुई। इस खास आयोजन में बॉलीवुड ही नहीं, बल्कि इंटरनेशनल फिल्म इंडस्ट्री से जुड़ी कई जाने-माने सितारे एक मंच पर एकत्रित हुए। एक्सपो में सिनेमा के सुनहरे भविष्य को लेकर विचार किया गया। इस दौरान इंडस्ट्री की मजबूती और नई सोच को खुलकर सामने रखा गया।
सितारों के विचार
इस आयोजन में नंदिता दास, पंकज पाराशर, कनिका सिंगल, गैरी ग्रेवाल, अमित जोशी और मशहूर फिल्मकार चंद्रन रत्नम जैसे सिनेमा जगत के जाने-माने नामों ने शिरकत की। इन सभी ने फिल्म वितरण और निर्माण की दुनिया में आ रहे बदलावों पर अपने अनुभव और विचार शेयर किए। कार्यक्रम का संचालन विंदू दारा सिंह ने किया, वहीं फिल्ममेकर टूटू शर्मा और राहुल नेहरा द्वारा शुरू किए गए सिटारा प्लेक्स ने इस आयोजन को सहयोग दिया।
स्क्रीन की संख्या
एक्सपो के दौरान सबसे दिलचस्प चर्चा देश भर में तेजी से बढ़ती सिनेमा स्क्रीनों की संख्या को लेकर हुई, जो अब पांच हजार का आंकड़ा पार कर चुकी है। इंडस्ट्री के जानकारों ने इस बात पर जोर दिया कि स्क्रीन की बढ़ती संख्या फिल्म देखने के अनुभव को पूरी तरह बदल रही है। इन तकनीकी बदलावों ने फिल्म निर्माताओं और वितरकों के लिए नए रास्ते खोल दिए हैं, जिससे सिनेमा मनोरंजन का माध्यम बना हुआ है।
छोटे शहरों तक पहुंच
पंकज पाराशर और नंदिता दास ने सिनेमा के अब तक के अपने सफर के बारे में बताया साथ ही उन्होंने नई स्क्रीनों के प्रभाव और छोटे शहरों में बढ़ते फिल्मी उत्साह पर विस्तार से बातचीत की। वहीं गैरी ग्रेवाल और अमित जोशी ने बदलते कंटेंट, इंडिपेंडेंट सिनेमा और फिल्म निर्माण में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के बढ़ते इस्तेमाल पर अपने विचार रखे। सभी वक्ताओं ने एकमत होकर कहा कि टियर-2 शहरों और उससे आगे के इलाकों में सिनेमा की पहुंच लगातार बढ़ रही है, जो निर्माताओं और निवेशकों दोनों के लिए नए अवसर लेकर आ रही है।
मजबूत आर्थिक स्थिति
आयोजन में इस बात पर भी रोशनी डाली गई कि सिनेमा इंडस्ट्री की आर्थिक स्थिति लगातार मजबूत हो रही है। कुल मिलाकर इस एक्सपो ने यह साबित कर दिया कि बड़े पर्दे की चमक फीकी नहीं पड़ी है, बल्कि तकनीकी नवाचार और दर्शकों के बढ़ते जुड़ाव के साथ सिनेमा एक नई और मजबूत वापसी कर रहा है, जो आने वाले समय में फिल्म निर्माताओं और दर्शकों दोनों के लिए बेहतर भविष्य गढ़ेगा।

