फिल्म ‘हनुमान अंश’ इन दिनों अपनी कमाई को लेकर सुर्खियों में बनी हुई है। बॉक्स ऑफिस पर फिल्म ने शानदार प्रदर्शन करते हुए ‘धुरंधर’ और ‘बॉर्डर-2’ जैसी चर्चित फिल्मों को पीछे छोड़ दिया है। फिल्म की सफलता के बीच अब इसकी प्रोड्यूसर अनुप्रिया नागर ने भी एक बड़ी उपलब्धि अपने नाम कर ली है। अनुप्रिया का नाम लंदन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स में दर्ज किया गया है। उन्हें भारत की सबसे कम उम्र की फिल्म प्रोड्यूसर के तौर पर यह सम्मान दिया गया है।
अपनी इस उपलब्धि के बीच अनुप्रिया नागर रविवार को उत्तराखंड के नैनीताल स्थित प्रसिद्ध कैंची धाम पहुंचीं। उन्होंने यहां बाबा नीम करौली महाराज के दर्शन किए और मंदिर में पूजा-अर्चना कर आशीर्वाद लिया। इसी दौरान एक खास कार्यक्रम में लंदन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स के इंटरनेशनल प्रेसिडेंट कार्तिक पालीवाल ने अनुप्रिया नागर को सम्मान प्रदान किया। उनके नाम यह रिकॉर्ड दर्ज होना फिल्म जगत के साथ-साथ उत्तराखंड के लिए भी खास उपलब्धि माना जा रहा है।
अनुप्रिया नागर ने कम उम्र में ही फिल्म निर्माण के क्षेत्र में कदम रखा और अपनी पहचान बनाने में कामयाब रही हैं। आमतौर पर फिल्म प्रोडक्शन को एक ऐसा क्षेत्र माना जाता है, जिसमें अनुभव और लंबा करियर अहम भूमिका निभाता है। ऐसे में कम उम्र में प्रोड्यूसर के तौर पर पहचान बनाना अपने आप में बड़ी बात है। फिल्म ‘हनुमान अंश’ की सफलता ने भी अनुप्रिया के नाम को चर्चा में ला दिया है। फिल्म को दर्शकों की ओर से अच्छा रिस्पॉन्स मिला है और बॉक्स ऑफिस पर इसकी कमाई लगातार सुर्खियां बटोर रही है। अब लंदन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स में नाम दर्ज होने के बाद उनके करियर में एक और बड़ी उपलब्धि जुड़ गई है।
सम्मान मिलने के बाद अनुप्रिया नागर ने खुशी जाहिर करते हुए कहा कि यह उपलब्धि उनके लिए बेहद खास है। उनके मुताबिक, यह सम्मान केवल उनकी व्यक्तिगत सफलता नहीं है, बल्कि उन सभी युवा फिल्म निर्माताओं के लिए भी एक प्रेरणा है, जो कम उम्र में फिल्म इंडस्ट्री में अपनी पहचान बनाने का सपना देखते हैं। अनुप्रिया ने इसे उत्तराखंड और देश के युवा फिल्म निर्माताओं की उपलब्धि बताते हुए कहा कि अगर लगन और मेहनत के साथ अपने सपने की दिशा में काम किया जाए तो उम्र किसी कामयाबी के रास्ते में बाधा नहीं बनती।
‘हनुमान अंश’ की बॉक्स ऑफिस सफलता के बाद फिल्म की टीम लगातार चर्चा में है। फिल्म की कहानी और प्रदर्शन के साथ अब इसके निर्माण से जुड़े लोगों को भी पहचान मिल रही है। अनुप्रिया नागर को मिला यह सम्मान इसी कड़ी में एक बड़ी उपलब्धि है। एक तरफ फिल्म सिनेमाघरों में दर्शकों का ध्यान खींच रही है, वहीं दूसरी तरफ इसकी प्रोड्यूसर का नाम अंतरराष्ट्रीय स्तर पर रिकॉर्ड बुक में दर्ज होना पूरी टीम के लिए खुशी का मौका है। खासकर उत्तराखंड से जुड़े युवा फिल्मकारों के लिए यह उपलब्धि इसलिए भी अहम मानी जा रही है क्योंकि इससे फिल्म निर्माण के क्षेत्र में नई पीढ़ी को आगे आने का हौसला मिल सकता है।
कम उम्र में फिल्म निर्माण की जिम्मेदारी संभालकर अनुप्रिया नागर ने यह दिखाया है कि सिनेमा की दुनिया में अपनी जगह बनाने के लिए सिर्फ उम्र नहीं, बल्कि सोच, मेहनत और अपने काम के प्रति जुनून भी मायने रखता है। अब लंदन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स में उनका नाम दर्ज होना उनके फिल्मी सफर का एक यादगार पड़ाव बन गया है।

