लखनऊ: उत्तर प्रदेश के लोक आयुक्त संगठन ने अपनी स्थापना के 50 वर्ष पूरे कर लिए हैं। इस मौके पर आयोजित समारोह में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ मुख्य अतिथि के तौर पर शामिल हुए। कार्यक्रम के दौरान उन्होंने लोक आयुक्त संगठन की पांच दशक की यात्रा, उसके कामकाज और भ्रष्टाचार के खिलाफ उसकी भूमिका पर बात की। मुख्यमंत्री ने कहा कि किसी भी शिकायत का निस्तारण समयबद्ध और निष्पक्ष तरीके से होना ही व्यवस्था की सबसे बड़ी कसौटी है।

समारोह में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने लोक आयुक्त संगठन से जुड़ी स्मारिका और सूचना पुस्तिका का विमोचन भी किया। इस दौरान संगठन के अधिकारियों और कर्मचारियों ने पिछले 50 वर्षों के कामकाज और उपलब्धियों की जानकारी साझा की।

मुख्यमंत्री ने कहा कि आम लोगों की शिकायतों को सुनना और उनका उचित समाधान करना शासन व्यवस्था की जिम्मेदारी है। अगर किसी व्यक्ति की शिकायत लंबे समय तक लंबित रहती है तो इससे उसका व्यवस्था पर भरोसा कमजोर होता है। ऐसे में जरूरी है कि शिकायतों पर तय समय के भीतर कार्रवाई हो और शिकायतकर्ता को भी इसकी जानकारी मिले। उन्होंने कहा कि समयबद्ध निस्तारण, पारदर्शिता और जवाबदेही किसी भी शिकायत निवारण व्यवस्था की पहचान होनी चाहिए। लोक आयुक्त संगठन की भूमिका भी इसी दिशा में महत्वपूर्ण है।

सीएम योगी ने कहा कि सुशासन का मतलब केवल सरकारी योजनाओं को लागू करना नहीं है, बल्कि यह भी सुनिश्चित करना है कि उनका लाभ सही व्यक्ति तक पहुंचे। सरकारी व्यवस्था में भ्रष्टाचार या अनियमितता की शिकायत मिलने पर उसकी गंभीरता से जांच होनी चाहिए और दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि पिछले वर्षों में तकनीक के इस्तेमाल से सरकारी कामकाज में पारदर्शिता बढ़ी है। ऑनलाइन सेवाओं और डिजिटल माध्यमों ने लोगों और सरकारी दफ्तरों के बीच की दूरी कम की है। इसके बावजूद शिकायतों की निगरानी और उनके समय पर निस्तारण की व्यवस्था को लगातार बेहतर करने की जरूरत है।

लोक आयुक्त संगठन के 50 वर्ष पूरे होने को मुख्यमंत्री ने एक महत्वपूर्ण पड़ाव बताया। उन्होंने कहा कि पांच दशक के दौरान संगठन ने शिकायतों की जांच और भ्रष्टाचार से जुड़े मामलों में अपनी भूमिका निभाई है। समय के साथ प्रशासनिक व्यवस्था में बदलाव आया है और उसी के साथ शिकायतों के स्वरूप में भी परिवर्तन हुआ है। मुख्यमंत्री ने कहा कि आने वाले समय में संगठन को बदलती जरूरतों के अनुसार अपनी कार्यप्रणाली को और प्रभावी बनाना होगा। लोगों को शिकायत दर्ज कराने से लेकर उसके निस्तारण तक पूरी प्रक्रिया आसान और पारदर्शी तरीके से उपलब्ध होनी चाहिए।

सीएम योगी ने कहा कि सरकार और प्रशासन के कामकाज का अंतिम उद्देश्य जनता का भरोसा जीतना होना चाहिए। जब कोई व्यक्ति अपनी समस्या लेकर किसी संस्था के पास पहुंचता है तो उसे यह भरोसा होना चाहिए कि उसकी शिकायत सुनी जाएगी और उसके साथ निष्पक्ष व्यवहार होगा। उन्होंने कहा कि शिकायतों का समयबद्ध निस्तारण ही हमारी कसौटी है। अधिकारियों और संस्थाओं की जिम्मेदारी है कि वे शिकायतों को केवल फाइलों तक सीमित न रखें, बल्कि उनकी वास्तविक स्थिति को समझते हुए समाधान की दिशा में काम करें।

समारोह के दौरान लोक आयुक्त संगठन के अधिकारियों ने भी संस्था के सामने आने वाली चुनौतियों और भविष्य की कार्ययोजना पर चर्चा की। 50 साल पूरे होने के मौके पर आयोजित यह कार्यक्रम संगठन की अब तक की यात्रा को याद करने के साथ-साथ आने वाले वर्षों में उसकी भूमिका को और मजबूत बनाने के संकल्प का भी अवसर बना।

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