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अभिजीत दीपके ने शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग करते हुए कहा कि वह इस मुद्दे को लेकर भारत लौट रहे हैं। उन्होंने कहा कि पिछले कई दिनों से सोशल मीडिया पर पेपर लीक के खिलाफ आवाज उठाई जा रही है। उनका आरोप है कि नीट परीक्षा में कथित गड़बड़ियों और पेपर लीक के कारण लाखों छात्रों की मेहनत प्रभावित हुई है, जबकि कुछ छात्रों ने आत्महत्या जैसा कदम भी उठाया। ऐसे में शिक्षा मंत्री को नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए इस्तीफा देना चाहिए।

अभिजीत ने कहा कि यदि इतनी बड़ी घटना के बाद भी किसी मंत्री की जवाबदेही तय नहीं होती, तो यह लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिए चिंता का विषय है। उनके अनुसार, यदि गलतियों के बावजूद कोई जवाबदेही न हो तो लोगों का सिस्टम पर भरोसा कमजोर पड़ सकता है।

उन्होंने लोगों से अपील करते हुए कहा कि अब समय आ गया है कि छात्र और युवा संविधान के दायरे में रहकर शांतिपूर्ण तरीके से अपनी आवाज उठाएं। उनका मानना है कि यदि बड़ी संख्या में लोग एकजुट होकर अपनी मांग रखेंगे तो सरकार को उनकी बात सुननी पड़ेगी।

अभिजीत दीपके ने बताया कि वह 6 जून को दिल्ली पहुंचेंगे। उन्होंने समर्थकों, छात्रों और युवाओं से एयरपोर्ट पर मिलने की अपील की है। इसके बाद वे पार्लियामेंट स्ट्रीट थाने जाकर जंतर-मंतर पर शांतिपूर्ण प्रदर्शन की अनुमति मांगेंगे।

उन्होंने कहा कि भारतीय संविधान सभी नागरिकों को शांतिपूर्ण तरीके से विरोध दर्ज कराने का अधिकार देता है और उसी अधिकार का इस्तेमाल करते हुए यह प्रदर्शन किया जाएगा। साथ ही उन्होंने उन सभी लोगों से इस अभियान में शामिल होने की अपील की, जो शिक्षा व्यवस्था में जवाबदेही और पारदर्शिता की मांग करते हैं।

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