अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो चार दिवसीय भारत दौरे पर हैं। यात्रा के दूसरे दिन उन्होंने विदेश मंत्री एस. जयशंकर के साथ अहम बैठक की, जिसमें रक्षा, व्यापार और निवेश जैसे कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर विस्तार से चर्चा हुई। इसके साथ ही समुद्री व्यापार से जुड़े मामलों पर भी बातचीत हुई, जिसमें भारत ने अपना रुख स्पष्ट किया।
भारत और अमेरिका ने अपनी रणनीतिक साझेदारी को और मजबूत करने की प्रतिबद्धता दोहराई है। अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो और विदेश मंत्री एस. जयशंकर के बीच हुई बातचीत में वैश्विक और क्षेत्रीय मुद्दों पर सहयोग बढ़ाने पर जोर दिया गया। यह बैठक ऐसे समय में हुई है जब ईरान संघर्ष के चलते दुनिया के कई हिस्सों में अस्थिरता बनी हुई है और एशिया से लेकर यूरोप तक ऊर्जा संकट की आशंका बढ़ गई है। मौजूदा भू-राजनीतिक हालात को देखते हुए इस बातचीत को बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है, क्योंकि भारत-अमेरिका साझेदारी को क्षेत्रीय स्थिरता और वैश्विक संतुलन के लिहाज से अहम माना जाता है। बैठक के दौरान मार्को रुबियो ने भारत-अमेरिका संबंधों को दुनिया की सबसे अहम रणनीतिक साझेदारियों में से एक बताया। उन्होंने कहा कि दोनों देश सिर्फ सहयोगी नहीं, बल्कि गहरे और भरोसेमंद रणनीतिक साझेदार हैं।
रुबियो ने यह भी कहा कि भारत में उनका पहला दिन बेहद अच्छा रहा और वह देश को और करीब से समझने को लेकर उत्साहित हैं। उन्होंने जोर देकर कहा कि अमेरिका कई देशों के साथ काम करता है, लेकिन भारत के साथ उसका रिश्ता खास महत्व रखता है, क्योंकि यह केवल किसी एक क्षेत्र तक सीमित नहीं है। उन्होंने आगे कहा कि दोनों देशों के बीच वैश्विक स्तर पर सहयोग की व्यापक संभावनाएं हैं और दुनिया के अलग-अलग हिस्सों में मिलकर काम करने की जरूरत है।
भारत और अमेरिका दुनिया के दो बड़े लोकतंत्र: रुबियो
मार्को रुबियो ने कई क्षेत्रों में भारत और अमेरिका के बीच सहयोग बढ़ाने की संभावनाओं पर जोर दिया है। उन्होंने कहा कि दोनों देश दुनिया के दो सबसे बड़े लोकतंत्र हैं और यही साझा लोकतांत्रिक आधार उनके मजबूत संबंधों की नींव है। उनके अनुसार, भारत और अमेरिका के कई साझा हित हैं, जिन पर मिलकर काम करना न केवल स्वाभाविक है, बल्कि आवश्यक भी है। अमेरिकी विदेश मंत्री ने यह भी कहा कि भारत-अमेरिका संबंधों को दोबारा शुरू करने की जरूरत नहीं है, क्योंकि यह साझेदारी पहले से ही मजबूत और स्थापित है। अब उद्देश्य इस रिश्ते को और आगे बढ़ाकर नई ऊंचाइयों तक ले जाना है।

