राजधानी दिल्ली में होने वाले 18वें BRICS शिखर सम्मेलन की तैयारियां अब अंतिम दौर में पहुंच गई हैं। सम्मेलन में शामिल होने वाले विदेशी राष्ट्राध्यक्षों और प्रतिनिधियों के स्वागत में जहां कूटनीतिक स्तर पर खास इंतजाम किए जा रहे हैं, वहीं उनके खान-पान का भी विशेष ध्यान रखा जा रहा है। मेहमानों को भारत की विविधता सिर्फ संस्कृति और परंपराओं में ही नहीं, बल्कि खाने की थाली में भी देखने को मिलेगी।
ब्रिक्स सम्मेलन के दौरान मेहमानों के लिए ऐसा मेन्यू तैयार किया गया है, जिसमें देश के अलग-अलग हिस्सों के पारंपरिक व्यंजनों के साथ स्वास्थ्य को ध्यान में रखकर तैयार किए गए हल्के और पौष्टिक भोजन को भी जगह दी गई है। बाजरा उपमा, रागी डोसा और मिलेट पोंगल जैसे व्यंजनों से लेकर अवधी कबाब, हैदराबादी बिरयानी, कश्मीरी पुलाव और अलग-अलग राज्यों की थाली तक कई विकल्प मेन्यू में शामिल किए गए हैं।
सम्मेलन में आने वाले मेहमानों को भारत के अलग-अलग राज्यों के स्वाद से रूबरू कराने की तैयारी है। मेन्यू में उत्तर भारत से लेकर दक्षिण भारत और पश्चिम भारत तक के कई लोकप्रिय व्यंजन शामिल किए गए हैं। कोशिश यही है कि विदेशी मेहमानों को एक ही जगह पर भारत के अलग-अलग इलाकों के स्वाद का अनुभव मिल सके। दोपहर के भोजन में गुजराती, राजस्थानी और दक्षिण भारतीय थाली परोसे जाने की तैयारी है। वहीं उत्तर भारतीय स्वाद के लिए कश्मीरी पुलाव और कई पारंपरिक व्यंजनों को शामिल किया गया है। दक्कनी अंदाज के व्यंजनों के साथ हैदराबादी वेज और नॉन-वेज बिरयानी भी मेहमानों की मेज पर नजर आएगी।
इस बार मेन्यू में मोटे अनाज यानी श्री अन्न पर भी खास जोर दिया गया है। बाजरा, ज्वार और रागी जैसे अनाज से तैयार होने वाले व्यंजनों को विदेशी मेहमानों के लिए पेश किया जाएगा। नाश्ते में रागी डोसा, बाजरा उपमा और मिलेट पोंगल जैसे विकल्प रखे गए हैं। इनके साथ मौसमी फलों, नारियल पानी और ताजा छाछ की भी व्यवस्था होगी। इन व्यंजनों के जरिए भारतीय खान-पान की उस परंपरा को भी सामने लाने की कोशिश होगी, जिसमें स्वाद के साथ पौष्टिकता पर भी जोर दिया जाता है।
BRICS सम्मेलन में शामिल होने वाले सभी मेहमानों की खान-पान की आदतें एक जैसी नहीं हैं। ऐसे में मेन्यू तैयार करते समय अलग-अलग देशों के प्रतिनिधियों की पसंद, डाइट और खाने से जुड़ी जरूरतों को ध्यान में रखा गया है। होटल स्तर पर तैयारियों से जुड़े अधिकारियों के मुताबिक, विदेशी मेहमानों के लिए कस्टमाइज्ड कॉन्टिनेंटल नाश्ते का विकल्प भी रखा जाएगा।
लाइव कुकिंग काउंटर पर मेहमान अपनी पसंद के हिसाब से भोजन तैयार करवा सकेंगे। कम तेल और हल्के मसालों वाले व्यंजनों के विकल्प भी उपलब्ध रहेंगे। यानी किसी मेहमान को हल्का खाना पसंद है तो उसके लिए अलग व्यवस्था होगी और जो भारतीय मसालों और पारंपरिक स्वाद का आनंद लेना चाहते हैं, उनके लिए भी कई विकल्प मौजूद रहेंगे।
सम्मेलन के दौरान सिर्फ बड़े होटल के शेफ ही नहीं, बल्कि देश के अलग-अलग हिस्सों के पारंपरिक खानसामों की विशेषज्ञता भी देखने को मिलेगी। विभिन्न राज्यों के खास व्यंजनों को तैयार करने के लिए अनुभवी खानसामों और शेफ को जिम्मेदारी दी जा रही है। भारत मंडपम में विदेश मंत्री एस. जयशंकर की ओर से विदेशी मेहमानों के लिए आयोजित रात्रिभोज में भी देश के अलग-अलग राज्यों के स्वाद को खास जगह मिलने की तैयारी है। इसके लिए विभिन्न क्षेत्रों के पारंपरिक व्यंजनों को तैयार करने वाले खानसामों को शामिल किया जा रहा है।
रात्रिभोज और अन्य आधिकारिक कार्यक्रमों के दौरान भारतीय व्यंजनों की लंबी श्रृंखला मेहमानों के सामने होगी। इसमें अवधी कबाब, हैदराबादी बिरयानी और अलग-अलग क्षेत्रों के शाकाहारी व्यंजनों को प्रमुखता दी जाएगी। भारतीय भोजन की खासियत यह है कि हर राज्य का अपना अलग स्वाद और पकाने का तरीका है। कहीं मसालों का इस्तेमाल ज्यादा होता है तो कहीं भोजन हल्का और सादा रखा जाता है। BRICS सम्मेलन के मेन्यू में इसी विविधता को एक साथ लाने की कोशिश की गई है।
सम्मेलन में आने वाले विदेशी मेहमानों के भोजन को लेकर सुरक्षा और स्वच्छता के मानकों का भी खास ध्यान रखा जा रहा है। भोजन तैयार करने से लेकर उसे परोसने तक पूरी प्रक्रिया पर निगरानी रखने की तैयारी है। अधिकारियों और होटल प्रबंधन की ओर से मेहमानों की डाइट से जुड़ी जानकारी को ध्यान में रखकर भोजन तैयार किया जाएगा। शाकाहारी और नॉन-वेज विकल्पों के साथ उन मेहमानों के लिए भी व्यवस्था रहेगी, जिन्हें किसी खास तरह के भोजन से परहेज है।
BRICS सम्मेलन भारत के लिए सिर्फ कूटनीतिक मुलाकातों का मंच नहीं है। इस दौरान दुनिया के कई देशों के शीर्ष नेता और प्रतिनिधि भारत आएंगे। ऐसे में उनके सामने भारतीय संस्कृति, परंपरा, कला और खान-पान को पेश करने का भी मौका होगा। सम्मेलन का मेन्यू इसी तस्वीर का हिस्सा है। बाजरा और रागी जैसे पारंपरिक अनाज से लेकर अवधी, राजस्थानी, गुजराती, दक्षिण भारतीय और हैदराबादी व्यंजनों तक, खाने की मेज पर भारत की विविधता दिखाई देगी। कोशिश है कि विदेशी मेहमान सम्मेलन से लौटते समय भारत की कूटनीतिक मेजबानी के साथ यहां के स्वाद को भी याद रखें।

