Dr. Sadasukhi : डॉक्टर सिर्फ इलाज नहीं करते, कई बार वे किसी परिवार की उम्मीद, किसी मां की दुआ और किसी मरीज की नई शुरुआत भी बन जाते हैं। राजस्थान में अगर यूरोलॉजी और किडनी ट्रांसप्लांट की बात होती है, तो सबसे भरोसेमंद नामों में Dr. T. C. Sadasukhi का नाम जरूर लिया जाता है। चार दशक से भी ज्यादा समय से वे हजारों मरीजों का इलाज कर चुके हैं और आज भी उसी समर्पण के साथ लोगों की सेवा में जुटे हुए हैं।
Dr. Sadasukhi ने अपने लंबे मेडिकल करियर में न सिर्फ जटिल ऑपरेशन सफलतापूर्वक किए, बल्कि राजस्थान में किडनी ट्रांसप्लांट को नई पहचान दिलाने में भी अहम भूमिका निभाई। यही वजह है कि कई लोग उन्हें प्रदेश में यूरोलॉजी और किडनी ट्रांसप्लांट का अग्रणी विशेषज्ञ मानते हैं।
राजस्थान में किडनी ट्रांसप्लांट को दी नई दिशा
साल 2015 राजस्थान के चिकित्सा इतिहास के लिए एक खास साल रहा। इसी साल Dr. T. C. Sadasukhi की टीम ने राज्य का पहला कैडवेरिक किडनी ट्रांसप्लांट सफलतापूर्वक किया। इस प्रक्रिया में ब्रेन-डेड व्यक्ति द्वारा दान किए गए अंग को जरूरतमंद मरीज में प्रत्यारोपित किया जाता है। इस सफलता ने सिर्फ एक ऑपरेशन पूरा नहीं किया, बल्कि पूरे राज्य में अंगदान को लेकर लोगों की सोच बदलने का काम भी किया। इसके बाद कई परिवार अंगदान के लिए आगे आए और कई मरीजों को नई जिंदगी मिलने का रास्ता खुला।
4000 से ज्यादा किडनी ट्रांसप्लांट, हजारों सफल सर्जरी
अपने 40 से ज्यादा वर्षों के अनुभव में Dr. Sadasukhi 4000 से अधिक सफल किडनी ट्रांसप्लांट कर चुके हैं। इसके अलावा उन्होंने हजारों जटिल यूरोलॉजी और एंडोस्कोपिक सर्जरी भी की हैं। उनकी कोशिश हमेशा यही रहती है कि मरीज को कम दर्द हो, इलाज बेहतर हो और वह जल्द से जल्द सामान्य जिंदगी में लौट सके। उनके पास सिर्फ राजस्थान ही नहीं, बल्कि देश के अलग-अलग राज्यों से भी मरीज इलाज के लिए पहुंचते हैं।
पढ़ाई से लेकर प्रोफेसर बनने तक का सफर
Dr. Sadasukhi ने अपनी पूरी मेडिकल पढ़ाई Sawai Man Singh Medical College, जयपुर से की। यहीं से उन्होंने MBBS, MS (जनरल सर्जरी) और M.Ch (जेनिटो-यूरिनरी सर्जरी) की पढ़ाई पूरी की। बाद में उन्होंने नेशनल बोर्ड ऑफ एग्जामिनेशंस से MNAMS की डिग्री भी हासिल की। इलाज के साथ-साथ उन्होंने मेडिकल एजुकेशन में भी बड़ा योगदान दिया। वे लंबे समय तक एसएमएस मेडिकल कॉलेज और Mahatma Gandhi Medical College and Hospital में प्रोफेसर और यूरोलॉजी विभाग के अध्यक्ष रहे। इस दौरान उन्होंने सैकड़ों युवा डॉक्टरों को प्रशिक्षित किया, जो आज देश के अलग-अलग हिस्सों में अपनी सेवाएं दे रहे हैं।
किन बीमारियों के इलाज में हैं विशेषज्ञ
Dr. Sadasukhi यूरोलॉजी से जुड़ी कई गंभीर बीमारियों के इलाज के लिए जाने जाते हैं। इनमें किडनी ट्रांसप्लांट, किडनी स्टोन, प्रोस्टेट की समस्या, मूत्राशय और मूत्रमार्ग से जुड़ी बीमारियां, रिकंस्ट्रक्टिव यूरोलॉजी और आधुनिक एंडोस्कोपिक सर्जरी शामिल हैं। वे मरीज की स्थिति के अनुसार नई तकनीकों और कम चीरा लगाने वाली प्रक्रियाओं को प्राथमिकता देते हैं, ताकि रिकवरी जल्दी हो सके।
आज भी मरीजों की सेवा में सक्रिय
वर्तमान में Dr. Sadasukhi जयपुर स्थित महात्मा गांधी मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल, सीतापुरा में डायरेक्टर एवं एमेरिटस प्रोफेसर के रूप में अपनी सेवाएं दे रहे हैं। इसके अलावा सदासुखी हॉस्पिटल, जवाहर नगर, जयपुर में भी वे मरीजों को परामर्श और इलाज उपलब्ध कराते हैं।
मरीजों के लिए सिर्फ डॉक्टर नहीं, भरोसे का नाम
डॉक्टर की पहचान सिर्फ उसकी डिग्री या अनुभव से नहीं होती, बल्कि इस बात से होती है कि मरीज उसके पास किस भरोसे के साथ आता है। डॉ. टी. सी. सदासुखी ने अपने काम, व्यवहार और समर्पण से यही भरोसा कमाया है। चार दशक से ज्यादा समय से वे लगातार लोगों को बेहतर इलाज देने के साथ-साथ मेडिकल क्षेत्र में नई पीढ़ी के डॉक्टरों को भी तैयार कर रहे हैं। यही वजह है कि आज भी जब किडनी ट्रांसप्लांट या यूरोलॉजी के किसी जटिल इलाज की बात होती है, तो राजस्थान ही नहीं बल्कि देश के कई हिस्सों के मरीज डॉ. टी. सी. सदासुखी का नाम पूरे विश्वास के साथ लेते हैं।

