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प्रधानमंत्री मोदी और साइप्रस के राष्ट्रपति निकोस क्रिस्टोडौलिडेस के बीच नई दिल्ली में द्विपक्षीय वार्ता हुई, जिसमें दोनों देशों के रिश्तों को और मजबूत बनाने पर जोर दिया गया। पीएम मोदी ने कहा कि भारत और साइप्रस की दोस्ती मजबूत होने के साथ भविष्य केंद्रित भी है। भारत और साइप्रस के संबंधों को नई मजबूती देने की दिशा में शुक्रवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और साइप्रस के राष्ट्रपति निकोस क्रिस्टोडौलिडेस के बीच नई दिल्ली स्थित हैदराबाद हाउस में द्विपक्षीय वार्ता हुई। पीएम मोदी ने कहा कि दोनों देशों की दोस्ती न केवल मजबूत है, बल्कि भविष्य की जरूरतों और संभावनाओं के अनुरूप भी है। बैठक में विदेश मंत्री एस जयशंकर, राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजित डोभाल और विदेश सचिव विक्रम मिस्री समेत दोनों देशों के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। साइप्रस के राष्ट्रपति निकोस क्रिस्टोडौलिडेस गुरुवार को मुंबई दौरे के बाद नई दिल्ली पहुंचे। विदेश मंत्रालय के अनुसार, यह यात्रा जून 2025 में प्रधानमंत्री मोदी की ऐतिहासिक साइप्रस यात्रा के बाद बने सकारात्मक माहौल को आगे बढ़ाने और भारत-साइप्रस साझेदारी को और मजबूत करने की साझा प्रतिबद्धता को दर्शाती है। राष्ट्रपति क्रिस्टोडौलिडेस की यह यात्रा 20 से 23 मई तक चल रही चार दिवसीय राजकीय यात्रा का हिस्सा है। प्रधानमंत्री मोदी के निमंत्रण पर हो रही यह उनकी मौजूदा पदभार संभालने के बाद पहली भारत यात्रा है। इस दौरान प्रधानमंत्री मोदी उनके सम्मान में लंच का आयोजन करेंगे, जबकि राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू राष्ट्रपति भवन में आधिकारिक भोज देंगी। विदेश मंत्री एस. जयशंकर भी साइप्रस के राष्ट्रपति से मुलाकात करेंगे। रणनीतिक दृष्टि से भी यह दौरा महत्वपूर्ण माना जा रहा है, क्योंकि फिलहाल साइप्रस यूरोपीय संघ की परिषद की अध्यक्षता संभाल रहा है। ऐसे में दोनों देशों के बीच व्यापार, निवेश, कनेक्टिविटी और भारत-यूरोपीय संघ सहयोग को लेकर नई संभावनाओं पर चर्चा होने की उम्मीद है।

मुंबई दौरे के दौरान राष्ट्रपति क्रिस्टोडौलिडेस ने कारोबारी मंच में हिस्सा लिया, जहां दोनों देशों के बीच व्यापार और निवेश संबंधों को बढ़ाने पर जोर दिया गया। भारत और साइप्रस वर्ष 2027 में अपने राजनयिक संबंधों के 65 वर्ष पूरे करने जा रहे हैं। ऐसे में इस राजकीय यात्रा को दोनों देशों के बढ़ते रिश्तों को नई दिशा देने और भारत-यूरोपीय संघ सहयोग को मजबूत करने की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है।

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