नई दिल्ली: ममता बनर्जी की पार्टी तृणमूल कांग्रेस (TMC) से चुनाव चिन्ह छीन लिए जाने के बाद लोकसभा में नेता विपक्ष राहुल गांधी ( Rahul Gandhi) मोदी सरकार और चुनाव आयोग पर आगबूबला हो गए हैं। राहुल गांधी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स के जरिए आरोप लगाया कि वोट चोरी, सरकार चोरी और अब पार्टी चोरी, ये हमारे लोकतांत्रिक पतन के प्रतीक बन गए हैं।
दरअसल एक दिन पहले ही चुनाव आयोग ने तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) में बगावत के बाद दो गुट बनने पर ‘ऑल इंडिया तृणमूल कांग्रेस’ के नाम और सिंबल के इस्तेमाल पर रोक लगा दी। इसी को लेकर राहुल गांधी भड़क गए जिस पर अब बीजेपी ने भी पलटवार किया है।
वोट चोरी, सरकार चोरी, अब पार्टी चोरी: राहुल गांधी
राहुल गांधी ने चुनाव आयोग के इस फैसले पर गुस्सा जाहिर करते हुए एक्स पर लिखा, ‘पहले शिवसेना, फिर NCP और अब तृणमूल कांग्रेस, हर बार एक ही पैटर्न – BJP और चुनाव आयोग मिलकर एक पार्टी को तोड़ते हैं, फिर उसका चुनाव चिन्ह छीन लिया जाता है। जब पूरी की पूरी पार्टी चोरी हो सकती है, तो करोड़ों भारतीयों के वोट चोरी होना भी हैरानी की बात नहीं, वोट चोरी, सरकार चोरी, अब पार्टी चोरी ये हमारे लोकतांत्रिक पतन के प्रतीक बन गए हैं।
पहले शिवसेना, फिर NCP और अब तृणमूल कांग्रेस।
हर बार एक ही पैटर्न – BJP और चुनाव आयोग मिलकर एक पार्टी को तोड़ते हैं। फिर उसका चुनाव चिन्ह छीन लिया जाता है।
जब पूरी की पूरी पार्टी चोरी हो सकती है, तो करोड़ों भारतीयों के वोट चोरी होना भी हैरानी की बात नहीं।
वोट चोरी। सरकार चोरी।…
— Rahul Gandhi (@RahulGandhi) September 18, 2026
उन्होंने आगे लिखा, ECI की संवैधानिक ज़िम्मेदारी जनादेश की रक्षा करना है, मगर उल्टा वो उन ताकतों की मदद कर रहा है, जो जनता के फैसले को ही पलट देते हैं। यह लड़ाई सिर्फ़ ममता बनर्जी जी की नहीं है, यह हर राजनीतिक दल, हर मतदाता की लड़ाई है जो स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव चाहता है।’
कांग्रेस खुद भस्मासुर: बीजेपी
राहुल गांधी के इन आरोपों पर बीजेपी के राष्ट्रीय प्रवक्ता और राज्यसभा सांसद सुधांशु त्रिवेदी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर जवाबी पलटवार किया। सुधांशु त्रिवेदी ने कहा, ‘राहुल गांधी पढ़ाई-लिखाई नहीं करते हैं, उन्हें इतिहास पता करना चाहिए। सुधांशु त्रिवेदी ने कांग्रेस को भस्मासुर करार देते हुए पूछ लिया कि चौधरी चरण सिंह को किसने धोखा दिया था।
राहुल गांधी पर हमला करते हुए बीजेपी प्रवक्ता ने कहा, नेता प्रतिपक्ष हमेशा व्याकुल रहते हैं और उन्हें यहां की संस्कृति, धर्म के बारे में तो कुछ पता नहीं ही है लेकिन आज पता चल गया गया कि उन्हें अपनी पार्टी के बारे में भी कोई जानकारी नहीं है। त्रिवेदी ने आगे कहा, ‘उन्होंने TMC, NCP, शिवसेना का नाम लिया और आरोप लगाया कि बीजेपी इनको खत्म कर रही है.’ बीजेपी प्रवक्ता ने कटाक्ष करते हुए कहा कि NCP के शरद पवार कांग्रेस से अलग हुए थे विदेशी मूल के मुद्दे पर और विदेशी मूल के वारिश को ये ही नहीं पता है.’
देवगौड़ा से गुजराल तक की बीजेपी ने दिलाई याद
इतना ही नहीं सुधांशु त्रिवेदी ने आगे कहा, ‘ममता बनर्जी ने कांग्रेस से ही परेशान होकर तृणमूल कांग्रेस बनाई थी। राहुल गांधी परिवार का ही इतिहास पता कर लीजिए, इंदिरा गांधी ने 1969 में राष्ट्रपति चुनाव में अपनी ही पार्टी के खिलाफ वोट करवा दिया था। त्रिवेदी ने आगे कहा, ‘अशोक गहलोत कुछ समय पहले कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष बनने वाले थे लेकिन उन्होंने खुद कहा कि उन्हें निपटा दिया गया।’
प्रेस कॉन्फ्रेंस में बीजेपी प्रवक्ता ने कांग्रेस को इतिहास की याद दिलाते हुए देवगौड़ा से लेकर इंद्र कुमार गुजराल तक की याद दिला दी। सुधांशु त्रिवेदी ने कहा, ‘1980 में जब सत्ता में आए तो 9 राज्यों की सरकार इसलिए गिरा दी क्योंकि उनकी केंद्र से सरकार चली गई थी. त्रिवेदी ने तंज कसते हुए कहा कि इतना कुछ नहीं तो कम से कम अपने दौर का ही देख लो कितने मुख्यमंत्रियों को खा गए.’
वहीं दूसरी तरफ इन आरोप-प्रत्यारोप के बीच ममता बनर्जी की अगुवाई वाली तृणमूल कांग्रेस ने चुनाव आयोग को अपनी पसंद के तीन नए नाम और दो सिंबल के विकल्प सौंप दिए हैं.
रिपोर्ट: कुणाल कौशल


