तमिलनाडु की राजनीति में सत्ता के समीकरणों को लेकर सस्पेंस गहराता जा रहा है. अभिनेता से नेता बने विजय की पार्टी TVK को समर्थन देने के मुद्दे पर VCK ने अभी तक अपने पत्ते नहीं खोले हैं. इस बीच, वीसीके नेता वन्नी अरासु के एक सोशल मीडिया पोस्ट ने अटकलों को और तेज कर दिया है.

शनिवार को वन्नी अरासु ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, ‘भले ही आप हमें हाशिए पर धकेलने या अलग-थलग करने की कोशिश करें, हम खुद तय करेंगे कि हम ही केंद्र हैं.’

अरासु के इस बयान को विजय के नेतृत्व वाली सरकार में वीसीके की भूमिका और स्वाभिमान से जोड़कर देखा जा रहा है. ये पोस्ट ऐसे समय में आया है जब विजय सरकार बनाने के लिए जरूरी बहुमत जुटाने की कोशिश कर रहे हैं.

आज होगा अंतिम फैसला

वीसीके के अध्यक्ष थोल थिरुमावलवन आज पार्टी के वरिष्ठ नेताओं के साथ एक अहम बैठक करेंगे. शुक्रवार को भी पार्टी की उच्च स्तरीय समिति की ऑनलाइन बैठक हुई थी. पार्टी ने बताया है कि मीडिया में चल रही कई खबरें भ्रम पैदा कर रही हैं. थिरुमावलवन आज आधिकारिक तौर पर घोषणा कर सकते हैं कि पार्टी टीवीके को समर्थन देगी या नहीं.

बहुमत के करीब विजय

तमिलनाडु की 234 सदस्यीय विधानसभा में विजय की पार्टी टीवीके 108 सीटों के साथ सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी है. बहुमत के लिए 118 सीटों की जरूरत है. वीसीके ने इस चुनाव में 2 सीटें जीती हैं. हालांकि विजय को पहले ही कांग्रेस (5 सीटें), सीपीआई (2 सीटें) और सीपीआई (एम) (2 सीटें) का समर्थन मिल चुका है. इनके साथ विजय का आंकड़ा 117 तक पहुंच रहा है, जबकि बहुमत के लिए सिर्फ एक और विधायक की जरूरत है.

विजय ने पेश किया सरकार बनाने का दावा 

विजय ने पहले ही राजभवन में राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ अर्लेकर से मुलाकात कर सरकार बनाने का दावा पेश कर दिया है. उन्होंने कहा कि लोकतंत्र के नाते ये उनका फर्ज है कि वो एक स्थिर सरकार दें. उन्होंने सीपीआई, सीपीआई (एम) और कांग्रेस के समर्थन का हवाला देते हुए कहा कि वो जनता के लोकतंत्र के साथ खड़े हैं.

अगर वीसीके का समर्थन विजय को मिल जाता है, तो तमिलनाडु की राजनीति में दशकों से चले आ रहे द्रमुक (DMK) और अन्नाद्रमुक (AIADMK) के वर्चस्व का औपचारिक रूप से अंत हो जाएगा. ऐसे में सबकी नजरें अब वीसीके के फैसले पर टिकी हैं.

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