तमिलनाडु की राजनीति में बुधवार, 13 मई 2026 का दिन मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय और उनकी पार्टी तमिलगा वेत्री कड़गम यानी TVK के लिए बेहद अहम साबित हुआ। विजय सरकार ने विधानसभा में फ्लोर टेस्ट पास कर लिया है। विश्वास प्रस्ताव के पक्ष में 144 विधायकों ने वोट किया, जबकि 22 वोट विरोध में पड़े। रिपोर्ट्स के मुताबिक, 5 विधायकों ने मतदान से दूरी बनाई।
विजय सरकार ने बहुमत साबित किया
234 सदस्यीय तमिलनाडु विधानसभा में बहुमत का आंकड़ा 118 है। विजय सरकार ने 144 वोट हासिल कर इस आंकड़े को आराम से पार कर लिया। इस जीत के बाद मुख्यमंत्री विजय की सरकार फिलहाल सुरक्षित मानी जा रही है। यह फ्लोर टेस्ट राज्यपाल के निर्देश के बाद कराया गया था, जिसमें सरकार को 13 मई तक सदन में अपना बहुमत साबित करना था।
DMK विधायकों ने किया वॉकआउट
फ्लोर टेस्ट के दौरान विधानसभा में सियासी ड्रामा भी देखने को मिला। DMK विधायकों ने मतदान से पहले सदन से वॉकआउट कर दिया। इसके बाद विपक्षी बेंच काफी हद तक खाली दिखाई दी। वहीं, DMDK विधायकों के भी वॉकआउट की खबर सामने आई।
AIADMK में फूट ने बदला पूरा खेल
विजय सरकार की जीत में AIADMK के भीतर की फूट को बड़ा कारण माना जा रहा है। रिपोर्ट्स के अनुसार, AIADMK के एक धड़े ने विजय सरकार का समर्थन किया। NDTV की रिपोर्ट में दावा किया गया कि 25 AIADMK विधायकों ने विजय के पक्ष में वोट किया। वहीं, पहले करीब 30 AIADMK विधायकों के समर्थन की बात सामने आई थी।
EPS ने विधायकों को याद दिलाया पार्टी व्हिप
AIADMK प्रमुख एडप्पादी के. पलानीस्वामी यानी EPS ने अपने विधायकों से विजय सरकार के पक्ष में वोट न करने की अपील की थी। उन्होंने कहा कि सभी विधायक पार्टी व्हिप से बंधे हैं। इसके बावजूद पार्टी के भीतर असंतोष और अलग रुख ने विधानसभा में बड़ा असर डाला।
पहली बार सत्ता में मजबूत हुई TVK
विजय की TVK हालिया चुनाव के बाद तमिलनाडु की राजनीति में एक बड़े नए खिलाड़ी के रूप में उभरी है। फ्लोर टेस्ट की जीत ने विजय के नेतृत्व को और मजबूत कर दिया है। इस परिणाम के बाद तमिलनाडु की राजनीति में DMK और AIADMK के पारंपरिक दबदबे को चुनौती मिलती दिख रही है।
अब आगे क्या?
फ्लोर टेस्ट पास करने के बाद विजय सरकार के सामने अब स्थिर शासन, गठबंधन प्रबंधन और जनता से किए वादों को पूरा करने की चुनौती होगी। AIADMK में फूट, DMK का वॉकआउट और छोटे दलों का समर्थन आने वाले दिनों में तमिलनाडु की राजनीति को और दिलचस्प बना सकता है।

