UP: उरई नगर पालिका जांच विवाद पर विराम, रिंकू सिंह राही जांच समिति से हटे, 6 अगस्त तक पार्षदों से मांगे गए शपथपत्र
उरई (जालौन): उरई नगर पालिका में कथित वित्तीय अनियमितताओं की जांच को लेकर पिछले कई दिनों से चल रहा प्रशासनिक विवाद अब नए मोड़ पर पहुंच गया है। जांच प्रक्रिया को लेकर लगातार उठ रहे सवालों के बीच एसडीएम न्यायिक रिंकू सिंह राही ने खुद को जांच समिति से अलग कर लिया है। उन्होंने स्पष्ट कर दिया है कि अब वह इस मामले की जांच का हिस्सा नहीं हैं और आगे की कोई कार्रवाई उनके स्तर से नहीं की जाएगी।
यह फैसला उस समय सामने आया जब एडीएम (नमामि गंगे) एवं जांच समिति के अध्यक्ष की ओर से एक आधिकारिक पत्र जारी किया गया। पत्र के अनुसार जांच की जिम्मेदारी अब समिति के अन्य सदस्यों के माध्यम से आगे बढ़ाई जाएगी, जबकि मामले से जुड़े सभी पार्षदों को 6 अगस्त तक अपने-अपने शपथपत्र (एफिडेविट) जमा करने के निर्देश दिए गए हैं।
रिंकू सिंह राही ने सोशल मीडिया पर दी जानकारी
जांच से हटने के बाद रिंकू सिंह राही ने सोशल मीडिया पर भी अपनी बात रखी। उन्होंने लिखा कि अब वह इस जांच समिति का हिस्सा नहीं हैं और आगे की जांच से उनका कोई संबंध नहीं रहेगा। साथ ही उन्होंने यह भी संकेत दिया कि प्रशासन द्वारा जारी आदेश का वह पूरी तरह पालन करेंगे। उनकी इस पोस्ट के बाद पूरे मामले को लेकर नई चर्चाएं शुरू हो गई हैं। पिछले कुछ समय से जांच की निष्पक्षता और प्रक्रिया को लेकर कई तरह की प्रतिक्रियाएं सामने आ रही थीं, जिसके बीच उनका यह फैसला काफी अहम माना जा रहा है।
क्या है पूरा मामला?
उरई नगर पालिका में विकास कार्यों और वित्तीय लेन-देन में कथित अनियमितताओं के आरोपों के बाद प्रशासन ने जांच समिति का गठन किया था। जांच के दौरान कई दस्तावेजों और अभिलेखों की समीक्षा की गई, वहीं संबंधित पक्षों से भी जानकारी मांगी गई। इसी क्रम में अब सभी पार्षदों को शपथपत्र दाखिल करने का निर्देश दिया गया है ताकि उनके पक्ष और तथ्यों को आधिकारिक रिकॉर्ड का हिस्सा बनाया जा सके। प्रशासन का कहना है कि जांच पूरी तरह नियमों के तहत और पारदर्शी तरीके से आगे बढ़ाई जाएगी। शपथपत्र मिलने के बाद समिति उपलब्ध दस्तावेजों और बयानों का मिलान करेगी और उसके आधार पर अपनी अंतिम रिपोर्ट तैयार करेगी।
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6 अगस्त की समय सीमा महत्वपूर्ण
प्रशासन ने साफ किया है कि सभी संबंधित पार्षदों को 6 अगस्त तक हर हाल में अपने शपथपत्र जमा करने होंगे। इसके बाद जांच प्रक्रिया अगले चरण में प्रवेश करेगी और आवश्यकतानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी। रिंकू सिंह राही के जांच समिति से हटने के बाद इस मामले ने नया मोड़ ले लिया है। अब सबकी नजर इस बात पर टिकी है कि जांच समिति आगे किस दिशा में बढ़ती है और अंतिम रिपोर्ट में किन तथ्यों का खुलासा होता है।
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