लखनऊ: देश आज 80वां स्वतंत्रता दिवस मना रहा है। इस खास मौके पर राजधानी लखनऊ में आयोजित राजकीय समारोह में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने देश की रक्षा के लिए अपना सर्वोच्च बलिदान देने वाले वीर सैनिकों और उनके परिवारों को सम्मानित किया। समारोह में उन परिवारों के प्रति सम्मान और कृतज्ञता व्यक्त की गई, जिन्होंने अपने घर के वीर सपूतों को देश की सुरक्षा के लिए समर्पित किया।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि देश की आजादी केवल एक ऐतिहासिक उपलब्धि नहीं है, बल्कि इसके पीछे अनगिनत वीरों का त्याग, संघर्ष और बलिदान जुड़ा हुआ है। सीमा पर तैनात सैनिक अपने कर्तव्य को निभाते हुए देशवासियों की सुरक्षा सुनिश्चित करते हैं। कई बार इस कर्तव्य की कीमत उन्हें अपने प्राणों से चुकानी पड़ती है। ऐसे वीरों के परिवारों का सम्मान करना पूरे समाज और राष्ट्र की जिम्मेदारी है।
शौर्य और बलिदान को किया नमन
समारोह के दौरान वीरता पुरस्कार प्राप्त करने वाले सैनिकों और शहीदों के परिजनों को सम्मानित किया गया। मरणोपरांत शौर्य चक्र से सम्मानित शहीद लेफ्टिनेंट हरी सिंह बिष्ट की माता शांति बिष्ट को मुख्यमंत्री ने सम्मान प्रदान किया। वहीं शौर्य चक्र से सम्मानित लेफ्टिनेंट कर्नल अमित मोहिंद्रा के पिता एचएस मोहिंद्रा को भी सम्मानित किया गया।
शौर्य चक्र से सम्मानित कर्नल भरत सिंह तथा वीर चक्र से सम्मानित शहीद नायक राजा सिंह की पौत्रवधू राजेश्वरी देवी को भी समारोह में सम्मान मिला। इन परिवारों के लिए यह पल भावुक करने वाला रहा। सम्मान भले ही उनके परिजनों को दिया गया, लेकिन इसके पीछे उन वीर सैनिकों के साहस और बलिदान को सलाम था, जिन्होंने देश की आन-बान और शान के लिए अपना जीवन समर्पित कर दिया।
शहीद परिवारों के प्रति जताई कृतज्ञता
मुख्यमंत्री ने ऑपरेशन विजय में शहीद हुए मेजर रितेश शर्मा के पिता सत्य प्रकाश शर्मा को भी सम्मानित किया। इसके साथ ही वायुयान दुर्घटना में शहीद एनसी पुताली के भाई मुन्नी लाल को सम्मान प्रदान किया गया। ऑपरेशन रक्षक में शहीद नायक अरुण कुमार त्रिपाठी के पिता हवलदार ओमप्रकाश त्रिपाठी और नौसैन्य अभियान में शहीद लेफ्टिनेंट कमांडर रजनीकांत यादव की माता प्रजेश यादव को भी मुख्यमंत्री ने सम्मानित किया। इन परिवारों के लिए स्वतंत्रता दिवस का यह अवसर केवल राष्ट्रीय पर्व नहीं, बल्कि अपने प्रियजनों की यादों से जुड़ा एक भावुक दिन भी है। जिन घरों ने देश के लिए अपने बेटे, भाई या जीवनसाथी को खोया, उनके त्याग को शब्दों में पूरी तरह व्यक्त करना आसान नहीं है।
वीरों के बलिदान से सुरक्षित है देश
स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर आयोजित इस सम्मान समारोह ने एक बार फिर याद दिलाया कि देश की सीमाओं की सुरक्षा के पीछे हमारे सैनिकों का अदम्य साहस और उनके परिवारों का त्याग भी शामिल है। सैनिक जब देश की रक्षा के लिए घर से निकलता है तो उसके साथ उसका पूरा परिवार भी एक तरह से इस जिम्मेदारी का हिस्सा बन जाता है। शहीदों के परिवारों ने अपने प्रियजनों को खोने का दर्द सहते हुए भी देश के प्रति सम्मान और गर्व की भावना को कायम रखा है। यही भावना आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा बनती है।
सम्मान सिर्फ पुरस्कार नहीं, राष्ट्र का आभार
समारोह में दिए गए ये सम्मान केवल शौर्य चक्र या वीर चक्र की उपलब्धियों को याद करने तक सीमित नहीं रहे, बल्कि यह उन परिवारों के प्रति राष्ट्र का आभार भी हैं, जिन्होंने देश के लिए अपना सर्वस्व न्योछावर किया। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने वीर सैनिकों और उनके परिजनों के योगदान को नमन करते हुए यह संदेश दिया कि देश अपने वीरों के बलिदान को कभी नहीं भूल सकता। स्वतंत्रता दिवस जैसे अवसर हमें याद दिलाते हैं कि आज हम जिस स्वतंत्र वातावरण में सांस ले रहे हैं, उसके पीछे लाखों वीरों का संघर्ष और बलिदान है।
राजधानी लखनऊ में आयोजित यह समारोह इसी भावना का प्रतीक बना, जहां तिरंगे की शान के बीच वीर सैनिकों के साहस, शौर्य और बलिदान को सम्मान के साथ याद किया गया। देश के लिए प्राण न्योछावर करने वाले इन वीरों की कहानियां आने वाली पीढ़ियों को भी राष्ट्रसेवा, कर्तव्य और साहस की प्रेरणा देती रहेंगी।

