AligarhNews: फिरोजाबाद स्टेशन से करीब दो किलोमीटर दूर लखनऊ-नई दिल्ली शताब्दी एक्सप्रेस पर हुए पत्थरबाजी मामले की जांच में बड़ा खुलासा हुआ है। जांच के दौरान सामने आया कि रसूलपुर क्षेत्र में कूड़ा बीनने वाले एक किशोर ने ही ट्रेन पर पत्थर फेंका था। इस घटना का पर्दाफाश करने के लिए जांच टीमों ने करीब 200 सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली और छह अलग-अलग टीमों को लगाया गया, जिसके बाद आरोपी तक पहुंचने में सफलता मिली। स्वर्ण शताब्दी एक्सप्रेस पर पत्थरबाजी की घटना के दौरान उस बोगी में सवार यात्रियों ने सफर पूरा किया, जिसमें राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक मोहन भागवत और उत्तर प्रदेश सरकार के मंत्री भूपेंद्र चौधरी भी मौजूद थे। यात्रियों ने टूटे हुए शीशों के बीच यात्रा जारी रखी। बृहस्पतिवार रात 8:21 बजे ट्रेन अलीगढ़ जंक्शन पहुंची, जहां क्षतिग्रस्त खिड़की की सफाई शुरू की गई। रेलवे का एक कर्मचारी हाथ में पेचकस लेकर खिड़की में फंसे कांच के टुकड़ों को सावधानीपूर्वक निकालता रहा। इसी खिड़की के पास वाली दोनों सीटों पर महिला यात्री बैठी थीं, जो लखनऊ से दिल्ली तक का सफर कर रही थीं। इनमें से एक महिला यात्री ने बताया कि जब पत्थर शीशे से टकराया तो काफी तेज धमाके जैसी आवाज हुई। आसपास बैठे यात्री एकाएक चौंक गए और सभी की नजरें 54 नंबर सीट के पास वाली खिड़की की ओर चली गईं। फिरोजाबाद क्षेत्र में हुई घटना के बाद जब ट्रेन टूंडला जंक्शन पहुंची, तो सुरक्षा एजेंसियां तुरंत सक्रिय हो गईं। स्टेशन पर पहुंचते ही संबंधित कोच के आसपास सुरक्षा बलों की तैनाती बढ़ा दी गई, जिससे यात्रियों में हलचल देखने को मिली। हालांकि उस समय अधिकांश यात्रियों को इस बात की जानकारी नहीं थी कि उसी बोगी में आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत और प्रदेश सरकार के मंत्री भूपेंद्र चौधरी भी सफर कर रहे हैं।टूंडला से ट्रेन के आगे बढ़ने के बाद भी कोच में पत्थरबाजी की घटना पर चर्चा जारी रही। कई यात्रियों ने बार-बार क्षतिग्रस्त खिड़की की ओर देखा। सुरक्षा कर्मियों की बढ़ी हुई गतिविधियों ने भी लोगों का ध्यान खींचा। इसी दौरान कुछ यात्रियों को यह जानकारी मिली कि जिस बोगी में वे सफर कर रहे हैं, उसमें देश की एक प्रमुख हस्ती भी मौजूद हैं। अलीगढ़ जंक्शन पहुंचने पर रेलवे अधिकारियों, आरपीएफ और स्टेशन कर्मियों ने सीधे क्षतिग्रस्त खिड़की का निरीक्षण किया। प्लेटफॉर्म पर खड़ी ट्रेन में कर्मचारी सावधानी से टूटे कांच को निकालते रहे, जबकि यात्री अपनी सीटों पर बैठे यह सब देखते रहे। कुछ देर तक संबंधित कोच के बाहर सुरक्षा कर्मियों और रेलवे अधिकारियों की मौजूदगी बनी रही। घटना में किसी यात्री को चोट नहीं आई, लेकिन एक पत्थर ने पूरी बोगी का माहौल बदल दिया। टूटी खिड़की, बिखरे कांच और बढ़ी सुरक्षा के बीच यात्रियों ने अपना सफर जारी रखा। अलीगढ़ में सफाई के बाद ट्रेन दिल्ली के लिए रवाना हो गई, मगर पूरी यात्रा के दौरान पथराव की घटना चर्चा का विषय बनी रही।
घटना के बाद घनघनाते रहे अधिकारियों के फोन
शताब्दी एक्सप्रेस की ई-1 बोगी में वीवीआईपी यात्री होने और पथराव की सूचना कंट्रोल रूम से मिलते ही अलीगढ़ जंक्शन पर हलचल तेज हो गई। रेलवे अधिकारियों के साथ-साथ आरपीएफ और जीआरपी को तुरंत अलर्ट कर दिया गया। प्लेटफॉर्म नंबर चार पर ट्रेन के पहुंचने से पहले ही सुरक्षा बलों और वरिष्ठ अधिकारियों की तैनाती कर दी गई थी। इसी दौरान लगातार अफसरों के फोन बजते रहे, जिनमें प्रयागराज और दिल्ली जोन से आ रहे कॉल्स ने पूरे सिस्टम में तनाव की स्थिति बनाए रखी।

