BenagalNews : मंगलवार को कोलकाता में स्थित कालीघाट कार्यालय पर सीआईडी की एक टीम पहुंची। बताया जा रहा है कि यह टीम उनके भतीजे अभिषेक बनर्जी को नोटिस सौंपने के उद्देश्य से वहां गई थी। पश्चिम बंगाल में टीएमसी के सत्ता से बाहर होने के बाद ममता बनर्जी की राजनीतिक चुनौतियां लगातार बढ़ती नजर आ रही हैं। मंगलवार को कोलकाता स्थित कालीघाट कार्यालय पर सीआईडी की टीम पहुंची। जानकारी के अनुसार, यह टीम उनके भतीजे और टीएमसी के राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी को नोटिस देने के लिए वहां गई थी, क्योंकि इसी परिसर में पार्टी का एक कार्यालय भी स्थित है। यह मामला पश्चिम बंगाल विधानसभा में विपक्ष के लिए आरक्षित महत्वपूर्ण पदों पर नियुक्तियों से जुड़ा है, जिसमें कुछ टीएमसी विधायकों के हस्ताक्षरों में कथित अनियमितता और असंगति की जांच की जा रही है। इससे पहले सीआईडी ने सोमवार (8 जून 2026) को अभिषेक बनर्जी को तीसरा नोटिस जारी किया था, जिसमें उन्हें 9 जून शाम 5 बजे तक दक्षिण कोलकाता स्थित सीआईडी मुख्यालय में पूछताछ के लिए उपस्थित होने को कहा गया था। इससे पहले 30 मई को जारी पहले नोटिस में उन्हें 1 जून को पेश होने का निर्देश दिया गया था। हालांकि, उन्होंने 1 जून को सीआईडी को पत्र भेजकर 15 दिनों का समय मांगा था. उन्होंने इसके पीछे 30 मई को दक्षिण 24 परगना जिले के सोनारपुर में कथित हमले के दौरान लगी चोटों और स्वास्थ्य संबंधी कारणों का हवाला दिया था. इसके बाद सीआईडी ने दूसरा नोटिस जारी कर उन्हें सोमवार दोपहर 12 बजे तक पूछताछ के लिए उपस्थित होने को कहा था, लेकिन सोमवार सुबह अभिषेक बनर्जी ने एक बार फिर सीआईडी को पत्र भेजकर पूछताछ के लिए अतिरिक्त समय की मांग की. वहीं दूसरी तरफ, टीएमसी के पूर्व विधायक सब्यसाची दत्ता को अदालत ने आठ दिन की पुलिस हिरासत में भेज दिया है। उन्हें मंगलवार (9 जून 2026) तड़के पश्चिम बंगाल के उत्तर 24 परगना जिले से जबरन वसूली और आपराधिक धमकी के आरोप में गिरफ्तार किया गया था। शिकायत के अनुसार, दत्ता पर आरोप है कि वह जबरन वसूली की गतिविधियों में शामिल थे और उन्होंने वर्ष 2018 में शिकायतकर्ता से एक करोड़ रुपये से अधिक की मांग की थी। उनकी गिरफ्तारी ऐसे समय में हुई है जब बिधाननगर के पूर्व विधायक और तृणमूल सरकार में मंत्री रह चुके सुजीत बोस को भी निकाय भर्ती घोटाले से जुड़े मामले में प्रवर्तन निदेशालय ने गिरफ्तार किया है। इस पर राज्य के मंत्री शरदवत मुखर्जी ने प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि भ्रष्टाचार और अहंकार में डूबे लोग लगातार कानून के शिकंजे में आ रहे हैं।

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