DelhiNews: मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने इस निर्णय की जानकारी देते हुए कहा कि अब आम नागरिकों और व्यापारियों को लाइसेंस, एनओसी और अन्य सरकारी मंजूरियों के लिए सरकारी दफ्तरों के बार-बार चक्कर नहीं लगाने होंगे। दिल्ली सरकार ने सुशासन और पारदर्शिता को मजबूत करने की दिशा में एक अहम कदम उठाते हुए 23 नई सेवाओं की समयबद्ध डिलीवरी तय कर दी है। अब सरकारी कार्यालयों में फाइलें लंबे समय तक लंबित नहीं रखी जा सकेंगी और अधिकारियों को निर्धारित समय सीमा के भीतर काम पूरा करना अनिवार्य होगा। इन सेवाओं को ‘दिल्ली राइट ऑफ सिटिजन टू टाइम बाउंड डिलीवरी ऑफ सर्विसेज एक्ट, 2011’ के तहत शामिल किया गया है, जिससे जनता को समय पर सेवाएं मिल सकेंगी और प्रक्रिया अधिक पारदर्शी होगी। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि इस निर्णय के बाद अब आम नागरिकों और कारोबारियों को लाइसेंस, एनओसी और अन्य सरकारी अनुमतियों के लिए सरकारी दफ्तरों के चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे। उन्होंने बताया कि इस पहल का मकसद प्रशासनिक व्यवस्था में जवाबदेही सुनिश्चित करना और आम लोगों को उनके अधिकारों के प्रति और अधिक सशक्त बनाना है। मुख्यमंत्री ने इसे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘ईज ऑफ डूइंग बिजनेस’ विजन को दिल्ली में प्रभावी रूप से लागू करने की दिशा में एक अहम कदम बताया।
अब एक दिन में होगा दुकान और व्यापार का पंजीकरण
रोजमर्रा की सुविधाओं में बड़ी राहत, आम लोगों को मिलेगा फायदा
आम नागरिकों की सुविधाओं को ध्यान में रखते हुए सरकार ने कई सेवाओं के लिए समयसीमा तय की है। इसके तहत सीवरेज कनेक्शन अब अधिकतम 15 दिनों में उपलब्ध कराया जाएगा। बिजली विभाग को निर्देश दिए गए हैं कि नए मीटर और कनेक्शन से जुड़ी सभी प्रक्रियाएं 60 दिनों के भीतर पूरी की जाएं। निर्माण क्षेत्र से जुड़े लोगों के लिए सड़क कटिंग की अनुमति 45 दिनों में और निर्माण सामग्री भंडारण की स्वीकृति मात्र एक दिन में देने का प्रावधान किया गया है। इसके अलावा, घर खरीदारों के हितों की सुरक्षा के लिए रेरा के तहत बिल्डर और एजेंट का पंजीकरण अब 30-30 दिनों के भीतर पूरा करना अनिवार्य होगा।
15 दिनों में मिलेगी फिल्म शूटिंग की अनुमति
दिल्ली को पर्यटन और फिल्म शूटिंग के प्रमुख केंद्र के रूप में विकसित करने के उद्देश्य से सरकार ने कई सेवाओं की समय-सीमा तय की है। इसके तहत फिल्म शूटिंग की अनुमति अब 15 दिनों के भीतर प्रदान की जाएगी। होटल पंजीकरण, मनोरंजन पार्क संचालन और खाद्य व्यवसाय के लिए एनओसी जैसी प्रक्रियाओं को अधिकतम 60 दिनों में पूरा करना अनिवार्य किया गया है। मोबाइल टावर लगाने की अनुमति 30 दिनों के भीतर देने का प्रावधान किया गया है। वहीं आबकारी विभाग में भी सुधार करते हुए बार लाइसेंस के लिए 30 दिन और आईएमएफएल व एफएल श्रेणी के ब्रांड पंजीकरण के लिए 42 दिनों की समयसीमा तय की गई है। पर्यावरण और कृषि क्षेत्र में पारदर्शिता की गारंटी पेड़ों की कटाई से संबंधित अनुमति के आवेदनों पर अब 60 दिनों के भीतर निर्णय लेना अनिवार्य होगा। प्रदूषण नियंत्रण के क्षेत्र में, डीपीसीसी द्वारा बैटरी अपशिष्ट संग्रहण और पुनर्चक्रण से संबंधित प्राधिकरण पत्र 15 दिनों में जारी किए जाएंगे। कृषि क्षेत्र में भी सुधार करते हुए कीटनाशक नियंत्रण, बीज लाइसेंस और बिक्री पंजीकरण की पूरी प्रक्रिया को 21 दिनों के भीतर सीमित कर दिया गया है। मुझे विश्वास है कि इस नई व्यवस्था से दिल्ली एक ऐसी प्रशासनिक प्रणाली की ओर बढ़ेगी, जहां प्रत्येक नागरिक को समय पर सेवा मिले और विकास की प्रक्रिया को गति प्राप्त हो। – रेखा गुप्ता, मुख्यमंत्री दिल्ली