मुंबई: दिवंगत अभिनेत्री और सेलिब्रिटी मैनेजर दिशा सालियान की मौत का मामला एक बार फिर चर्चा में है। दिशा के पिता सतीश सालियान ने शिवसेना (यूबीटी) नेता आदित्य ठाकरे और एनसीपी (एसपी) नेता अनिल देशमुख को 500 करोड़ रुपये का कानूनी नोटिस भेजा है। नोटिस में दोनों नेताओं से कथित तौर पर किए गए बयानों को वापस लेने, सार्वजनिक माफी मांगने और 500 करोड़ रुपये के हर्जाने की मांग की गई है। दोनों नेताओं को इन मांगों पर जवाब देने के लिए सात दिन का समय दिए जाने की बात सामने आई है। सतीश सालियान का आरोप है कि उनकी बेटी की मौत की जांच और न्याय की मांग को लेकर उनके प्रयासों को राजनीतिक रंग देने की कोशिश की गई। कानूनी नोटिस में खास तौर पर ऐसे बयानों पर आपत्ति जताई गई है, जिनके जरिए उनके न्याय के लिए किए जा रहे प्रयासों को कथित तौर पर राजनीतिक मकसद से प्रेरित बताया गया।
मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक, नोटिस में आदित्य ठाकरे पर सतीश सालियान के इरादों पर सवाल उठाने और उनकी न्याय की लड़ाई को कथित तौर पर राजनीतिक, दुर्भावनापूर्ण तथा प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचाने के मकसद से जुड़ा बताने का आरोप लगाया गया है। नोटिस में यह भी दावा किया गया है कि सतीश सालियान की ओर से अपनी बेटी की मौत की दोबारा जांच की मांग को लेकर उठाए गए कदमों को गलत तरीके से पेश किया गया। उनके परिवार का कहना है कि वह एक पिता के तौर पर अपनी बेटी की मौत की परिस्थितियों की निष्पक्ष जांच चाहते हैं। नोटिस में दोनों नेताओं से केवल आर्थिक हर्जाना ही नहीं, बल्कि सार्वजनिक रूप से माफी मांगने की मांग भी की गई है। रिपोर्टों के अनुसार, सतीश सालियान ने लिखित और सार्वजनिक माफी के साथ-साथ प्रमुख प्रिंट, टीवी और डिजिटल प्लेटफॉर्म पर इसे प्रकाशित और प्रसारित करने की मांग रखी है। तीन मिनट का वीडियो माफीनामा संबंधित नेताओं के आधिकारिक सोशल मीडिया अकाउंट पर पोस्ट करने की मांग भी की गई है।
दिशा सालियान की उम्र 28 साल थी। 8 जून 2020 को मुंबई के मलाड इलाके में एक ऊंची इमारत से गिरने के बाद उनकी मौत हो गई थी। उस समय मुंबई पुलिस ने मामले को दुर्घटना के तौर पर दर्ज किया था और एक्सीडेंटल डेथ रिपोर्ट दर्ज की गई थी। दिशा की मौत के छह दिन बाद अभिनेता सुशांत सिंह राजपूत की भी मौत हुई थी। दिशा कुछ समय तक सुशांत सिंह राजपूत की मैनेजर रही थीं। दोनों घटनाओं के बीच समय का अंतर होने के कारण दिशा की मौत का मामला लंबे समय तक सार्वजनिक चर्चा में बना रहा। हालांकि, दोनों मामलों के बीच संबंध को लेकर अलग-अलग दावे और आरोप सामने आते रहे हैं, जिनकी पुष्टि जांच के तथ्यों से अलग-अलग तरीके से की जानी है।
दिशा की मौत के बाद उनके पिता सतीश सालियान ने बाद में बॉम्बे हाई कोर्ट का रुख करते हुए मामले में एफआईआर दर्ज करने और नए सिरे से जांच की मांग की थी। उनकी याचिका में मामले में आपराधिक पहलू की जांच की मांग उठाई गई थी। समय के साथ यह मामला अदालत और राजनीतिक बहस दोनों का हिस्सा बन गया। अब सीबीआई की ओर से दर्ज एफआईआर के बाद एक बार फिर इस केस की जांच चर्चा में है।
सितंबर 2026 में सीबीआई ने दिशा सालियान की मौत के मामले में एफआईआर दर्ज की। रिपोर्टों के मुताबिक, एफआईआर में आदित्य ठाकरे, अभिनेता डीनो मोरिया, सूरज पंचोली और रिया चक्रवर्ती समेत कुछ अन्य लोगों के नाम जांच के संदर्भ में सामने आए हैं। पोस्टमार्टम में देरी से जुड़े डॉक्टरों और कर्मचारियों की भूमिका भी जांच के दायरे में बताई गई है। किसी एफआईआर में नाम आना अपने आप में अपराध साबित होने के बराबर नहीं है। संबंधित लोगों की भूमिका जांच के दौरान सामने आने वाले सबूतों और कानूनी प्रक्रिया के आधार पर तय होगी।
कानूनी नोटिस के बीच आदित्य ठाकरे ने दिशा सालियान से किसी भी तरह के संबंध से इनकार किया है। 16 सितंबर को सोशल मीडिया पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए उन्होंने कहा कि वह दिशा से कभी मिले या उन्हें जानते तक नहीं थे। ठाकरे ने उनके नाम को मामले से जोड़ने की कोशिशों को बिना सबूत की मुहिम बताया और कहा कि पिछले करीब छह वर्षों से उन्हें इस मामले से जोड़ने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने यह भी कहा कि मामले की आधिकारिक दोबारा जांच को बिना राजनीतिक हस्तक्षेप के आगे बढ़ने दिया जाना चाहिए।
कानूनी नोटिस में एनसीपी (एसपी) नेता और महाराष्ट्र के पूर्व गृह मंत्री अनिल देशमुख के कथित बयानों का भी उल्लेख किया गया है। रिपोर्टों के अनुसार, नोटिस में दावा किया गया है कि मार्च 2025 में देशमुख ने दिशा सालियान मामले को आदित्य ठाकरे को बदनाम करने की साजिश बताया था। सतीश सालियान का कहना है कि इस तरह के बयानों से उनकी बेटी की मौत की जांच की मांग को ही संदेह के घेरे में डालने की कोशिश हुई। इसी वजह से नोटिस में देशमुख से भी माफी और हर्जाने की मांग की गई है।
500 करोड़ रुपये के इस कानूनी नोटिस के बाद मामला एक बार फिर कानूनी और सार्वजनिक चर्चा के केंद्र में आ गया है। एक तरफ सतीश सालियान अपनी बेटी की मौत की परिस्थितियों की जांच को लेकर लगातार सवाल उठा रहे हैं, वहीं आदित्य ठाकरे ने अपने ऊपर लगाए जा रहे आरोपों से इनकार किया है। सीबीआई की जांच आगे बढ़ रही है। ऐसे में मामले से जुड़े आरोपों और दावों की वास्तविकता जांच के दौरान सामने आने वाले सबूतों और कानूनी प्रक्रिया से तय होगी।


