ग्रेटर नोएडा के इंडिया एक्सपो सेंटर एंड मार्ट में तीन दिवसीय इंडिया बायो एनर्जी एंड टेक (IBET) एक्सपो 2026 का आयोजन किया जा रहा है। एक्सपो में देशभर से 150 से अधिक प्रदर्शक हिस्सा ले रहे हैं, जबकि बड़ी संख्या में लोग भी इसे देखने पहुंच रहे हैं। आयोजकों के मुताबिक, एक्सपो में प्रवेश पूरी तरह निशुल्क है और यह सुबह 9 बजे से शाम 6 बजे तक आम लोगों के लिए खुला है।
दूसरे दिन पहुंचे कई मंत्री
गुरुवार को एक्सपो के दूसरे दिन उत्तर प्रदेश सरकार के ऊर्जा एवं अतिरिक्त ऊर्जा स्रोत राज्य मंत्री ए.के. शर्मा, कृषि राज्य मंत्री सूर्य प्रताप शाही और ऊर्जा एवं अतिरिक्त ऊर्जा स्रोत राज्य मंत्री कैलाश सिंह राजपूत ने कार्यक्रम में शिरकत की। इस दौरान उन्होंने बायो एनर्जी, कृषि अवशेषों के बेहतर इस्तेमाल और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने की संभावनाओं पर चर्चा की।
कृषि कचरे से किसानों की बढ़ सकती है कमाई
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए ए.के. शर्मा ने कहा कि उत्तर प्रदेश में हर साल करीब 6 करोड़ टन कृषि अवशेष पैदा होते हैं। इसके अलावा राज्य में रोजाना लगभग 15 हजार टन शहरी कचरा भी निकलता है। उन्होंने कहा कि अगर इस कचरे का सही तरीके से इस्तेमाल किया जाए तो यह समस्या के बजाय आय और रोजगार का जरिया बन सकता है।
शर्मा ने कंप्रेस्ड बायोगैस (CBG) को किसानों के लिए बड़ी संभावना वाला क्षेत्र बताया। उन्होंने कहा कि कृषि अवशेषों और अन्य जैविक कचरे से ऊर्जा तैयार करके किसानों की आय बढ़ाई जा सकती है। इससे गांवों में ही रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे और ग्रामीण युवाओं को काम के लिए शहरों की ओर पलायन करने की जरूरत भी कम हो सकती है।
‘वेस्ट से वेल्थ’ पर जोर
मंत्री ने कहा कि बायो एनर्जी सेक्टर में ‘वेस्ट से वेल्थ’ यानी कचरे को कमाई में बदलने की क्षमता है। खेतों में बचने वाले पराली और अन्य कृषि अवशेषों को उपयोगी ईंधन में बदलकर न केवल पर्यावरण को फायदा पहुंचाया जा सकता है, बल्कि किसानों के लिए आय का एक अतिरिक्त स्रोत भी तैयार किया जा सकता है।
तीन दिनों तक चलने वाले इस एक्सपो में बायो एनर्जी, CBG, कृषि अवशेषों से ऊर्जा उत्पादन और आधुनिक तकनीकों से जुड़े उत्पादों व समाधानों को प्रदर्शित किया जा रहा है। एक्सपो का उद्देश्य देश में स्वच्छ ऊर्जा को बढ़ावा देने के साथ-साथ किसानों, उद्योगों और तकनीकी क्षेत्र के बीच नए अवसरों को बढ़ावा देना है।

