GujratNews:  गुजरात की नर्मदा जिला अदालत ने आम आदमी पार्टी (AAP) के विधायक चैतर वसावा, उनकी पत्नी और सात अन्य लोगों को वन विभाग के अधिकारियों से मारपीट, धमकी देने और वसूली के मामले में दोषी ठहराया है। अदालत ने सभी दोषियों को सात साल की सजा सुनाई है। यह मामला वर्ष 2023 का है। चैतर वसावा दक्षिण गुजरात में AAP के एक प्रमुख आदिवासी नेता के रूप में जाने जाते हैं। गुजरात में आम आदमी पार्टी को बड़ा झटका लगा है। नर्मदा जिले की एक अदालत ने पार्टी के विधायक चैतर वसावा, उनकी पत्नी और सात अन्य लोगों को वन विभाग के अधिकारियों से मारपीट, धमकी और वसूली के मामले में दोषी ठहराते हुए सात साल की सजा सुनाई है। यह फैसला ऐसे समय आया है, जब चैतर वसावा दक्षिण गुजरात के आदिवासी क्षेत्रों में पार्टी के सबसे प्रभावशाली चेहरों में से एक माने जाते हैं। अदालत के इस फैसले से राज्य में AAP की राजनीतिक रणनीति को बड़ा नुकसान माना जा रहा है। चैतर वसावा गुजरात AAP के कार्यकारी अध्यक्ष भी हैं। वह 2022 के विधानसभा चुनाव में डेडियापाड़ा सीट से जीतकर चर्चा में आए थे। उनकी जीत ने दक्षिण गुजरात के आदिवासी इलाके में AAP को मजबूत आधार दिया था। चैतर वसावा ने खुद को आदिवासी भूमि अधिकारों के प्रमुख नेता के रूप में स्थापित किया था। हालांकि, अब अदालत के फैसले ने उनकी राजनीतिक राह मुश्किल कर दी है। फिलहाल इस फैसले पर AAP की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।

चैतर वसावा मामला: वन अधिकारियों से मारपीट और वसूली के आरोप, क्या है पूरा विवाद और कोर्ट का फैसला?

यह मामला 30 अक्तूबर 2023 का है। आरोप है कि वन विभाग के अधिकारियों ने जंगल की जमीन पर हुए अतिक्रमण को हटाने के लिए कुछ ग्रामीणों को निर्देश दिए थे। इसके बाद चैतर वसावा ने पांच वन अधिकारियों को अपने डेडियापाड़ा स्थित घर बुलाया। प्राथमिकी के मुताबिक, चैतर वसावा और उनके साथियों ने अधिकारियों के साथ अभद्रता की, एक अधिकारी के साथ मारपीट की और प्रभावित ग्रामीणों को मुआवजा देने की मांग की।

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