21 मई को सीजेपी का मूल एक्स (X) अकाउंट भारत में ब्लॉक कर दिया गया था। इसके बाद संगठन ने “कॉकरोच इज बैक” नाम से नया अकाउंट शुरू किया, जो तेजी से लोकप्रिय हुआ और फिलहाल इसके 2.27 लाख से ज्यादा फॉलोअर्स हैं। दिल्ली हाईकोर्ट ने ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ के एक्स (पूर्व में ट्विटर) अकाउंट भारत में ब्लॉक किए जाने के मामले में केंद्र सरकार और एक्स को नोटिस जारी किया है। हालांकि, कोर्ट ने पार्टी के ब्लॉक किए गए अकाउंट को तुरंत बहाल करने का आदेश देने से इनकार कर दिया। हाईकोर्ट ने आज कॉकरोच जनता पार्टी के संस्थापक अभिजीत दीपके की याचिका पर सुनवाई की। याचिका में उनके व्यंग्यात्मक डिजिटल संगठन के सोशल मीडिया अकाउंट को एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर ब्लॉक किए जाने के फैसले को चुनौती दी गई थी। इस मामले की सुनवाई जस्टिस पुरुषेंद्र कुमार कौरव की पीठ ने की। अभिजीत दीपके, जो पहले आम आदमी पार्टी से जुड़े रह चुके हैं, ने 15 मई को “कॉकरोच जनता पार्टी” की शुरुआत की थी। यह कदम उस समय उठाया गया जब मुख्य न्यायाधीश सुरेश कांत द्वारा एक सुनवाई के दौरान “कॉकरोच” और “परजीवी” जैसे शब्दों के इस्तेमाल को लेकर विवाद खड़ा हुआ था। यह टिप्पणी सीनियर एडवोकेट की पदवी से जुड़ी एक याचिका की सुनवाई के दौरान की गई थी। 16 मई को मुख्य न्यायाधीश ने अपने बयान को लेकर स्पष्ट किया कि उनकी टिप्पणी फर्जी और बोगस डिग्री लेकर वकालत में आने वाले लोगों के लिए थी, न कि युवाओं के लिए। उन्होंने मीडिया रिपोर्ट्स पर दुख जताते हुए कहा था कि उनके बयान को तोड़-मरोड़कर पेश किया गया।
अकाउंट ब्लॉक के बाद शुरू हुआ नया एक्स हैंडल, फॉलोअर्स की संख्या तेजी से बढ़ी
21 मई को सीजेपी का मूल एक्स (पूर्व में ट्विटर) अकाउंट भारत में ब्लॉक कर दिया गया था। इसके बाद संगठन ने “कॉकरोच इज बैक” नाम से नया हैंडल शुरू किया, जो तेजी से लोकप्रिय हो गया और अब इसके 2.27 लाख से अधिक फॉलोअर्स हैं। यह आंदोलन अपनी अलग डिजिटल शैली और प्रतीकात्मक सोच के कारण चर्चा में है। समर्थक कॉकरोच की पहचान को सरकार के खिलाफ एक प्रतीकात्मक विरोध के रूप में देखते हैं।

