नई दिल्ली: Kailash Mansarovar यात्रा पर निकले कई भारतीय श्रद्धालुओं को बड़ी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। नेपाल के रास्ते यात्रा कर रहे कई यात्री चीन में प्रवेश के लिए आवश्यक परमिट और वीजा न होने के कारण नेपाल में ही फंस गए हैं। इस स्थिति को देखते हुए विदेश मंत्रालय (MEA) ने शनिवार को एक महत्वपूर्ण एडवाइजरी जारी करते हुए श्रद्धालुओं से सतर्क रहने की अपील की है। Kailash Mansarovar
विदेश मंत्रालय ने स्पष्ट कहा है कि जब तक यात्रा के लिए जरूरी सभी दस्तावेज, परमिट और वीजा पूरी तरह से मंजूर न हो जाएं, तब तक भारत से यात्रा शुरू न करें। अधूरे दस्तावेजों के साथ यात्रा शुरू करने से यात्रियों के फंसने और आर्थिक नुकसान उठाने की आशंका बढ़ जाती है। Kailash Mansarovar
नेपाल में फंसे कई भारतीय श्रद्धालु
विदेश मंत्रालय के अनुसार, हाल के दिनों में उसे नेपाल में फंसे कई भारतीय नागरिकों से सहायता की अपील मिली है। ये सभी श्रद्धालु निजी टूर ऑपरेटरों के माध्यम से Kailash Mansarovar यात्रा पर निकले थे, लेकिन चीन में प्रवेश के लिए आवश्यक यात्रा दस्तावेज समय पर उपलब्ध नहीं हो सके। इसके चलते यात्रियों को नेपाल में लंबे समय तक रुकना पड़ रहा है, जिससे उन्हें अतिरिक्त खर्च, रहने की व्यवस्था और अन्य परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। मंत्रालय लगातार भारतीय दूतावास और संबंधित एजेंसियों के माध्यम से स्थिति पर नजर बनाए हुए है। Kailash Mansarovar
बिना परमिट यात्रा शुरू करना पड़ सकता है भारी
एमईए ने अपनी एडवाइजरी में कहा कि कई श्रद्धालु इस उम्मीद में यात्रा शुरू कर देते हैं कि आगे चलकर परमिट और वीजा मिल जाएगा। लेकिन ऐसा करना जोखिम भरा साबित हो सकता है। यदि चीन की अनुमति समय पर नहीं मिलती, तो यात्रियों को नेपाल में ही रुकना पड़ सकता है या फिर उन्हें यात्रा बीच में छोड़कर वापस लौटना पड़ सकता है। मंत्रालय ने कहा कि यात्रा शुरू करने से पहले यह सुनिश्चित कर लें कि पासपोर्ट, चीनी वीजा, तिब्बत ट्रैवल परमिट और अन्य सभी आवश्यक अनुमति-पत्र पूरी तरह तैयार हैं। Kailash Mansarovar
टूर ऑपरेटर चुनते समय बरतें विशेष सावधानी
विदेश मंत्रालय ने श्रद्धालुओं को निजी टूर ऑपरेटर चुनते समय भी बेहद सतर्क रहने की सलाह दी है। मंत्रालय ने कहा कि यात्रा बुक करने से पहले यह जांच लें कि संबंधित टूर ऑपरेटर पंजीकृत (Registered) और अधिकृत (Authorised) है या नहीं।
कुछ निजी कंपनियां बिना सभी औपचारिकताएं पूरी किए यात्रियों को यात्रा पर भेज देती हैं, जिसके कारण बाद में श्रद्धालुओं को भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है। इसलिए किसी भी पैकेज को बुक करने से पहले उसकी विश्वसनीयता और दस्तावेजों की स्थिति की पूरी जांच करना आवश्यक है। Kailash Mansarovar
Kailash Mansarovar यात्रा का धार्मिक महत्व
Kailash Mansarovar यात्रा हिंदू, बौद्ध, जैन और बोन धर्म के अनुयायियों के लिए अत्यंत पवित्र मानी जाती है। हर वर्ष हजारों भारतीय श्रद्धालु भगवान शिव के पवित्र धाम माने जाने वाले कैलाश पर्वत और मानसरोवर झील के दर्शन के लिए इस कठिन यात्रा पर निकलते हैं। हालांकि यह यात्रा चीन के तिब्बत स्वायत्त क्षेत्र से होकर गुजरती है, इसलिए इसमें कई अंतरराष्ट्रीय यात्रा दस्तावेजों और विशेष परमिट की आवश्यकता होती है। ऐसे में यात्रियों के लिए सभी औपचारिकताएं समय पर पूरी करना बेहद जरूरी है। Kailash Mansarovar
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विदेश मंत्रालय की अपील
विदेश मंत्रालय ने सभी श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे जल्दबाजी में यात्रा शुरू करने से बचें और केवल तभी रवाना हों जब उनके पास पूरी यात्रा के लिए आवश्यक सभी दस्तावेज उपलब्ध हों। साथ ही, केवल विश्वसनीय और अधिकृत टूर ऑपरेटरों के माध्यम से ही यात्रा की योजना बनाएं, ताकि किसी भी तरह की असुविधा या संकट से बचा जा सके। Kailash Mansarovar

