Mathura Murder Case: यूपी के मथुरा से एक ऐसा हत्याकांड सामने आया है, जिसने हर किसी को हैरान कर दिया। यहां एक महिला ने अपनी बेटी और उसके प्रेमी के साथ मिलकर पति की बेरहमी से हत्या कर दी। हत्या के बाद तीनों ने शव को ठिकाने लगाने के लिए यमुना किनारे ले जाकर जला दिया। हैरानी की बात यह है कि इस वारदात का खुलासा करीब तीन महीने बाद हुआ। मामला जयसिंहपुरा के राधा कृष्ण वाटिका इलाके का है।
पुलिस के मुताबिक मृतक की पहचान मनोज सोनी के रूप में हुई है। आरोप है कि पत्नी नैना ने बेटी के प्रेम संबंध का विरोध करने वाले पति को रास्ते से हटाने की साजिश रची। इसके बाद बेटी और उसके प्रेमी को भी इस साजिश में शामिल कर लिया।
पुलिस जांच में सामने आया कि 18 अप्रैल की रात मनोज का अपनी पत्नी से विवाद हुआ था। आरोप है कि इसी दौरान उसे दूध में नशीला पदार्थ मिलाकर पिला दिया गया। बेहोश होने के बाद इमामदस्ते की मूसली से उसके सिर पर हमला किया गया, जिससे उसकी मौत हो गई। हत्या के बाद आरोपियों ने शव को कंबल में लपेटा और स्कूटी से यमुना किनारे अक्रूर घाट लेकर पहुंचे। वहां शव को जला दिया गया, ताकि हत्या से जुड़े सबूत मिटाए जा सकें।
मनोज के छोटे भाई रामबाबू ने पुलिस को बताया कि 18 अप्रैल की रात भाई का पत्नी से विवाद हुआ था। इसके बाद मनोज अचानक लापता हो गया। 21 अप्रैल को उसकी पत्नी नैना ने गोविंद नगर थाने में मनोज की गुमशुदगी की शिकायत दी थी। हालांकि, चौंकाने वाली बात यह रही कि शिकायत देने के अगले ही दिन नैना ने उसे वापस ले लिया। उस समय किसी को अंदाजा नहीं था कि मामला इतना गंभीर हो सकता है।
करीब तीन महीने से ज्यादा समय तक मामला रहस्य बना रहा। पुलिस की जांच आगे बढ़ी तो एक-एक कर ऐसे सुराग सामने आए, जिनसे पूरा मामला खुल गया। जांच में पत्नी नैना, उसकी बेटी और बेटी के प्रेमी की भूमिका सामने आई। पुलिस ने शनिवार को तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया।
अदालत ने तीनों को जेल भेज दिया है। पुलिस अब हत्या की पूरी साजिश, शव को ठिकाने लगाने और सबूत मिटाने से जुड़े पहलुओं की जांच कर रही है। मथुरा की यह वारदात एक बार फिर सवाल खड़े करती है कि आखिर एक परिवार के अंदर चल रहे विवाद ने कैसे एक खौफनाक हत्या का रूप ले लिया।


