NewDelhi : नेपाल के विदेश मंत्री शिशिर खनल ने भारत के साथ संबंधों को लेकर सकारात्मक रुख अपनाते हुए कहा है कि सीमा विवाद सहित सभी मुद्दों का समाधान बातचीत के जरिए संभव है। दिल्ली दौरे के दौरान उन्होंने भारत के विदेश मंत्री एस जयशंकरसे मुलाकात की और व्यापार, ऊर्जा सहयोग, कनेक्टिविटी तथा सीमा से जुड़े विभिन्न विषयों पर विस्तृत चर्चा की। दोनों पक्षों ने आपसी सहयोग को मजबूत करने और द्विपक्षीय संबंधों को आगे बढ़ाने पर भी विचार साझा किए। भारत और नेपाल के रिश्तों को लेकर नेपाल के विदेश मंत्री शिशिर खनलका बड़ा बयान सामने आया है। दिल्ली दौरे पर आए खनल ने कहा कि साल 2026 दोनों देशों के संबंधों के लिए सबसे अच्छा मौका लेकर आया है। उन्होंने साफ कहा कि भारत और नेपाल के बीच कोई भी समस्या इतनी बड़ी नहीं है जिसे बातचीत से हल न किया जा सके। सीमा विवाद से लेकर व्यापार, ऊर्जा और कनेक्टिविटी तक दोनों देशों ने खुलकर बातचीत की है। खनल ने यह भी कहा कि नेपाल भारत को खुले दिल और साफ नजरिये से देखता है।

क्या नेपाल ने रिश्ते सुधारने पर हामी भरी? जयशंकर से मुलाकात के बाद बढ़ी उम्मीदें

नेपाल के विदेश मंत्री शिशिर खनल ने बताया कि 6 जून को उनकी भारत के विदेश मंत्री एस जयशंकर  के साथ विस्तृत बातचीत हुई। इस दौरान दोनों पक्षों ने व्यापार, सीमा पार संपर्क, ऊर्जा सहयोग, जल संसाधन और जन-स्तरीय संबंधों जैसे अहम मुद्दों पर विचार-विमर्श किया। उन्होंने कहा कि दोनों देशों की साझा सीमाएं किसी बाधा की बजाय सहयोग और जुड़ाव का माध्यम बन सकती हैं। खनल के अनुसार, भारत-नेपाल संबंधों को भावनाओं के बजाय तथ्यों और आपसी सम्मान के आधार पर आगे बढ़ाया जा रहा है।उन्होंने यह भी स्वीकार किया कि दोनों देशों के बीच कुछ पुराने विवाद मौजूद हैं, लेकिन उनका समाधान बातचीत और कूटनीतिक प्रक्रिया से संभव है। खनल ने जोर देकर कहा कि अब समय टकराव का नहीं, बल्कि आपसी सहयोग और साझेदारी को मजबूत करने का है।

क्या बातचीत से निकलेगा समाधान? भारत-नेपाल रिश्तों पर नई उम्मीदें

शिशिर खनल ने माना कि भारत और नेपाल के बीच सीमा और सीमांकन से जुड़े कुछ पुराने विवाद मौजूद हैं। हालांकि उन्होंने साफ कहा कि नेपाल इन मुद्दों को शांतिपूर्ण तरीके और बातचीत के जरिए सुलझाना चाहता है। उन्होंने बताया कि दोनों देशों की तकनीकी टीमें सीमा क्षेत्रों में मिलकर काम कर रही हैं। नेपाल के विदेश मंत्री ने कहा कि उनकी भारत के साथ हुई बातचीत में यह सहमति बनी है कि दोनों देश सभी मौजूदा तंत्रों को फिर से सक्रिय करेंगे ताकि लंबित मुद्दों का समाधान निकाला जा सके। उन्होंने यह भी कहा कि नेपाल किसी तीसरे पक्ष की मध्यस्थता नहीं चाहता और वह कूटनीतिक प्रक्रिया पर भरोसा रखता है।

भारत की इकोनॉमी पर नेपाल का रुख, क्या हुई खुलकर तारीफ?

नेपाल के विदेश मंत्री शिशिर खनल ने भारत को एक तेजी से उभरती हुई आर्थिक और तकनीकी शक्ति बताया है। उन्होंने कहा कि नेपाल “नए भारत” के साथ मिलकर आगे बढ़ने की इच्छा रखता है और उसकी विकास यात्रा का हिस्सा बनना चाहता है। खनल के अनुसार, भारत ने वैश्विक मंच पर अपनी एक मजबूत और नई पहचान स्थापित की है। नेपाल की प्राथमिकता अब आर्थिक परिवर्तन और विकास को गति देना है, ताकि पहले से किए गए समझौतों को केवल कागजों तक सीमित न रखकर उन्हें जमीनी स्तर पर लागू किया जा सके। उन्होंने यह भी कहा कि भारत-नेपाल संबंधों को अब पुराने मतभेदों या चिंताओं से नहीं, बल्कि भविष्य के अवसरों और साझा विकास की संभावनाओं के आधार पर आगे बढ़ाना चाहिए।

चीन-अमेरिका को लेकर नेपाल ने क्या दिया संकेत? बढ़ी कूटनीतिक हलचल

नेपाल के विदेश मंत्री ने भारत-चीन-नेपाल से जुड़े सीमा विवाद पर कहा कि नेपाल ने अपनी स्थिति स्पष्ट रूप से दोनों देशों—भारत और चीन—को बता दी है। उन्होंने दोहराया कि विवादित क्षेत्र नेपाल का हिस्सा है और यह उसका ऐतिहासिक दावा है, लेकिन इस मुद्दे का समाधान केवल बातचीत और कूटनीति के जरिए ही संभव है। अमेरिका के टैरिफ और व्यापारिक संबंधों पर बोलते हुए उन्होंने कहा कि नेपाल लगातार अमेरिका के संपर्क में है और सरकार बनने के बाद दोनों देशों के बीच कई उच्चस्तरीय बैठकें भी हो चुकी हैं। खनल ने स्पष्ट किया कि नेपाल की नीति सभी बड़े देशों के साथ संतुलित, व्यावहारिक और सहयोगात्मक संबंध बनाए रखने की है।

भारत-नेपाल संबंधों में सुधार के संकेत, आगे क्या बदलेगा समीकरण?

नेपाल के विदेश मंत्री शिशिर खनल ने बताया कि उनका दिल्ली दौरा मुख्य रूप से दोनों देशों के बीच उच्चस्तरीय राजनीतिक संवाद को दोबारा शुरू करने पर केंद्रित था। उन्होंने कहा कि पिछले लगभग दो वर्षों से भारत और नेपाल के शीर्ष नेतृत्व के बीच किसी बड़े स्तर की यात्रा नहीं हुई थी, ऐसे में यह दौरा एक नई शुरुआत के रूप में देखा जा रहा है। खनल के अनुसार, भारत के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार, विदेश मंत्री एस जयशंकर और अन्य वरिष्ठ अधिकारियों के साथ उनकी बातचीत सकारात्मक और रचनात्मक रही। इस दौरान दोनों पक्षों ने कनेक्टिविटी, ऊर्जा सहयोग, बहुपक्षीय साझेदारी और सीमा विवाद जैसे अहम मुद्दों पर खुलकर विचार-विमर्श किया। खनल ने उम्मीद जताई कि आने वाले समय में भारत और नेपाल के रिश्ते नई ऊंचाई पर पहुंचेंगे। नेपाल के विदेश मंत्री शिशिर खनल ने भारत के साथ रिश्तों को लेकर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि सीमा विवाद समेत सभी मुद्दे बातचीत से सुलझाए जा सकते हैं। दिल्ली दौरे के दौरान उन्होंने एस जयशंकर से व्यापार, ऊर्जा, कनेक्टिविटी और सीमा विवाद पर चर्चा की। खनल ने भारत को उभरती आर्थिक ताकत बताते हुए कहा कि नेपाल खुले दिल से भारत के साथ रिश्ते मजबूत करना चाहता है।

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