NewDelhi: सीबीएसई ने नई त्रिभाषा नीति को लेकर गाइडलाइन जारी कर दी है, जिसमें स्पष्ट किया गया है कि यह बदलाव मौजूदा 10वीं कक्षा के छात्रों पर लागू नहीं होगा। नए नियम केवल आने वाले बैच के लिए प्रभावी होंगे। सेंट्रल बोर्ड ऑफ सेकेंडरी एजुकेशन (CBSE) ने थ्री-लैंग्वेज पॉलिसी को लेकर बड़ा बदलाव किया है। बोर्ड की नई गाइडलाइंस के अनुसार मौजूदा 10वीं कक्षा के छात्रों को अब तीसरी भाषा की बोर्ड परीक्षा नहीं देनी होगी। इस फैसले से लाखों छात्रों और अभिभावकों को बड़ी राहत मिली है। आइए समझते हैं कि इस नई गाइडलाइन।

पॉइंट्स में समझें पूरी गाइडलाइंस

  • मौजूदा कक्षा 10 के छात्रों पर यह नई भाषा नीति लागू नहीं होगी।
  • कक्षा 7, 8 और 9 में पढ़ रहे मौजूदा छात्रों को आगे चलकर कक्षा 10 में तीसरी भाषा की बोर्ड परीक्षा नहीं देनी होगी।
  • जिन छात्रों ने पहले से 2 विदेशी भाषाएं चुनी हैं, वे उन्हें जारी रख सकते हैं।
  • ऐसे छात्रों को इसके साथ एक अतिरिक्त भारतीय भाषा (Native Indian Language) भी पढ़नी होगी।
  • कक्षा के स्तर के अनुसार पढ़ाई का जरूरी स्टडी मटेरियल समय पर उपलब्ध कराया जाएगा।
  • भाषा सीखने को रोचक, उपयोगी और ज्ञानवर्धक बनाने पर जोर दिया जाएगा ताकि छात्रों का सर्वांगीण विकास हो सके।
  • राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 (NEP-2020) के अनुसार छात्रों को 3 भाषाएं सीखनी चाहिए, जिनमें कम से कम 2 भाषाएं भारतीय भाषाएं होना अनिवार्य/सलाहनीय है।

2026-27 से नई गाइडलाइंस लागू सिस्टम में बड़े बदलाव की तैयारी

CBSE का मुख्य उद्देश्य छात्रों को कई भारतीय भाषाओं (Native Indian Languages) में दक्ष बनाना और भाषा सीखने की प्रक्रिया को बढ़ावा देना है, ताकि उनकी शिक्षा संतुलित और समग्र रूप से विकसित हो सके। बोर्ड चाहता है कि भाषा सीखना केवल एक विषय न होकर एक सार्थक, रोचक और ज्ञानवर्धक अनुभव बने, जो छात्रों के सर्वांगीण विकास में मदद करे। इसके अलावा, सेकेंडरी स्टेज (कक्षा 9 और 10) में तीसरी भाषा (R3) को शामिल करना मिडिल स्टेज (कक्षा 6 से 8) में शुरू हुई भाषा सीखने की प्रक्रिया का ही विस्तार है। इन्हीं उद्देश्यों को ध्यान में रखते हुए शैक्षणिक सत्र 2026-27 से CBSE से जुड़े स्कूलों में भाषा नीति को लागू करने के लिए विस्तृत गाइडलाइंस जारी करना आवश्यक माना गया है।
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