कर्नाटक की सत्ताधारी कांग्रेस सरकार में आज बड़ा राजनीतिक बदलाव हुआ है। मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है और उनके स्थान पर डीके शिवकुमार को नया मुख्यमंत्री बनाया जाएगा। इसके लिए सिद्धारमैया सीधे राज्यपाल कार्यालय पहुंचे और अपना इस्तीफा सौंपा।
बेंगलुरु में लोक भवन पहुंचे सीएम सिद्धारमैया, जल्द दे सकते हैं इस्तीफा
कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धारमैया बेंगलुरु स्थित लोक भवन पहुंच चुके हैं, जहां वे जल्द ही अपने पद से इस्तीफा दे सकते हैं। बताया जा रहा है कि राज्यपाल थावर चंद गहलोत फिलहाल लोक भवन में मौजूद नहीं हैं, ऐसे में सिद्धारमैया अपना इस्तीफा लोक भवन कार्यालय में ही सौंप सकते हैं।
कर्नाटक की आर्थिक हालत खराब, नए सीएम से भी राहत की उम्मीद नहीं: विश्लेषक
भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष और विधायक बी.वाई. विजयेंद्र ने गुरुवार को कर्नाटक सरकार पर हमला बोलते हुए कहा कि राज्य में अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि सिद्धारमैया के बाद अगला मुख्यमंत्री कौन बनेगा। होसपेट में मीडिया से बातचीत के दौरान विजयेंद्र ने कहा, ‘सिद्धारमैया के बाद मुख्यमंत्री कौन बनेगा, यह अब सबसे बड़ा सवाल बन गया है।’ उन्होंने कहा, कांग्रेस के तीन साल के शासन में कर्नाटक आर्थिक संकट में फंस गया है। सरकार ने लोगों को अच्छा शासन देने के लिए कोई ईमानदार और गंभीर प्रयास नहीं किया। राज्य की शासन व्यवस्था पूरी तरह बिगड़ चुकी है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार किसानों, गरीबों और युवाओं की समस्याओं को नजरअंदाज कर रही है और सिर्फ अल्पसंख्यकों को खुश करने पर ध्यान दे रही है। उन्होंने कहा, ‘सरकार किसानों, गरीबों और बेरोजगार युवाओं की समस्याएं सुनने में विफल रही है। मुख्यमंत्री की कुर्सी को लेकर चल रही लड़ाई शासन से भी बड़ा मुद्दा बन गई है। सत्ता की अंदरूनी खींचतान का असर प्रशासन पर पड़ रहा है। राज्य के युवा सरकार से नाराज हैं और कर्नाटक धीरे-धीरे ड्रग्स कैपिटल बनता जा रहा है।’ सिद्धारमैया के इस्तीफे को लेकर चल रही चर्चाओं का जिक्र करते हुए विजयेंद्र ने कहा कि मुख्यमंत्री पद को लेकर कांग्रेस के अंदर अलग-अलग गुट सक्रिय हो गए हैं।
नागरिकों और नेताओं में उठे नाराजगी के स्वर
कर्नाटक में कांग्रेस सरकार पूरी तरह विफल, युवाओं की हालत खराब: बी.वाई. विजयेंद्र
कर्नाटक में नेतृत्व परिवर्तन की चर्चाओं के बीच भाजपा प्रदेश अध्यक्ष बी.वाई. विजयेंद्र ने कांग्रेस सरकार की आलोचना की है। उनका कहना है कि सत्तारूढ़ पार्टी में आंतरिक मतभेदों ने न केवल कांग्रेस विधायकों के बीच अस्थिरता पैदा की है, बल्कि राज्य के प्रशासनिक तंत्र को भी कमजोर कर दिया है। उन्होंने आरोप लगाया कि तुष्टिकरण की राजनीति और विकास कार्यों में ठहराव के कारण जनता के महत्वपूर्ण मुद्दों की अनदेखी हो रही है। विजयेंद्र ने कहा कि कांग्रेस सरकार की नीतियों के चलते राज्य के युवा निराश और परेशान हैं, और सरकार लोगों की बुनियादी समस्याओं को हल करने में पूरी तरह असफल रही है।
राज्यपाल की गैरमौजूदगी में भी सिद्धारमैया दे सकते हैं इस्तीफा
कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धारमैया के संभावित इस्तीफे को लेकर जारी राजनीतिक हलचल के बीच राज्यपाल थावरचंद गहलोत के बेंगलुरु से बाहर जाने पर चर्चाएं तेज हो गई हैं। हालांकि कांग्रेस से जुड़े सूत्रों का कहना है कि राज्यपाल की अनुपस्थिति से इस्तीफे की प्रक्रिया पर कोई असर नहीं पड़ेगा। बताया जा रहा है कि सिद्धारमैया तय कार्यक्रम के अनुसार गुरुवार दोपहर 3 बजे राज्यपाल कार्यालय को अपना इस्तीफा सौंप सकते हैं। कांग्रेस के सूत्रों ने बताया कि सिद्धारमैया को निर्देश दिया गया है कि राज्यपाल के बंगलूरू में नहीं होने के बावजूद वे अपना इस्तीफा राज्यपाल कार्यालय में जमा करें। पार्टी नेताओं का कहना है कि तय कार्यक्रम में कोई बदलाव नहीं होगा और सभी घटनाक्रम पहले से निर्धारित योजना के अनुसार आगे बढ़ेंगे। सूत्रों के अनुसार, राज्यपाल बुधवार रात करीब 11:45 बजे केम्पेगौड़ा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे से मुंबई के लिए रवाना हुए थे। उन्होंने रात मुंबई में बिताई और गुरुवार को मध्य प्रदेश के इंदौर जाने का कार्यक्रम है। उनके बेंगलुरु लौटने को लेकर फिलहाल कोई आधिकारिक सूचना नहीं दी गई है। राज्यपाल कार्यालय ने इस यात्रा को पारिवारिक मेडिकल इमरजेंसी से जुड़ा बताया है। हालांकि, उनके इस अचानक दौरे के समय को लेकर राजनीतिक हलकों में सवाल उठने लगे हैं, खासकर तब जब मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने उनसे मुलाकात के लिए समय मांगा था। सूत्रों के अनुसार, सिद्दारमैया ने बुधवार को राज्यपाल से मिलने का समय मांगा था। इसके जवाब में राज्यपाल ने कथित तौर पर गुरुवार सुबह 11:30 बजे या फिर दोपहर 3 बजे के बाद मिलने की सहमति दी थी। ऐसे समय में राज्यपाल के बेंगलुरु छोड़ने से अटकलें और तेज हो गई हैं। घटनाक्रम की इस कड़ी ने राज्य में तेजी से बदल रही राजनीतिक स्थिति पर बहस को और बढ़ा दिया है। मुख्यमंत्री आवास पर नाश्ते के लिए पहुंचे डीके शिवकुमार ने आज सीएम सिद्धारमैया के पैर छूकर उनका आशीर्वाद लिया। इस घटना की तस्वीरें सामने आने के बाद सिद्धारमैया के संभावित इस्तीफे को लेकर चर्चाएं और तेज हो गई हैं। हालांकि, राज्यपाल की अनुपस्थिति के चलते आज इस्तीफे की प्रक्रिया पर संशय बना हुआ है। इस बीच मौजूदा सरकार के एक मंत्री ने संकेत दिया है कि कांग्रेस नेतृत्व बदलाव के लिए तैयार है।
सिद्धारमैया इस्तीफे पर विपक्ष ने साधा निशाना



