निठारी कांड के आरोपी रहे सुरेंद्र कोली की मौत के बाद कई सवाल खड़े हो गए हैं। जिस व्यक्ति को अदालत से मिली फांसी की सजा कई बार टलती रही और आखिरकार सुप्रीम कोर्ट से भी राहत मिली, उसकी जिंदगी का अंत कथित तौर पर फांसी के फंदे पर हुआ। शनिवार को उसके शव का पोस्टमार्टम कराया जाएगा। इसके लिए उसके परिजन हरिद्वार पहुंच रहे हैं। कोली लंबे समय तक निठारी कांड से जुड़े मामलों में कानूनी कार्रवाई का सामना करता रहा। उसे अलग-अलग मामलों में मौत की सजा सुनाई गई थी। बाद में इन मामलों में उसे अदालतों से राहत मिलती गई और सुप्रीम कोर्ट ने भी उसे बरी कर दिया था। इसके बावजूद अब उसकी मौत ने पूरे मामले को एक बार फिर चर्चा में ला दिया है।
सुरेंद्र कोली को निठारी कांड से जुड़े मामलों में दोषी ठहराए जाने के बाद मौत की सजा सुनाई गई थी। कई मौकों पर उसकी फांसी टली। कानूनी प्रक्रिया आगे बढ़ती रही और वह लगातार अपनी सजा के खिलाफ अदालतों का दरवाजा खटखटाता रहा। बाद में मामले में उसे सुप्रीम कोर्ट से बड़ी राहत मिली और वह बरी हो गया। ऐसे में उसकी मौत का तरीका कई सवाल खड़े कर रहा है। हालांकि, उसकी मौत की वास्तविक परिस्थितियां क्या थीं, यह पुलिस की जांच और पोस्टमार्टम रिपोर्ट सामने आने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा।
कोली पर निठारी कांड के दौरान बच्चों के अपहरण और हत्या समेत कई बेहद गंभीर आरोप लगे थे। इन मामलों की जांच और अदालती कार्रवाई के दौरान उसने लंबे समय तक जेल में रहकर कानूनी लड़ाई लड़ी। अब उसकी मौत के बाद यह सवाल भी उठ रहा है कि इतने लंबे समय तक गंभीर आरोपों और फांसी की सजा का सामना करने के बावजूद उसने पहले कभी आत्महत्या जैसा कदम क्यों नहीं उठाया, लेकिन अब ऐसी स्थिति कैसे बनी कि उसकी जान चली गई। किसी व्यक्ति के आत्महत्या करने के पीछे की वजह का अनुमान लगाना उचित नहीं होगा। इस सवाल का जवाब जांच पूरी होने के बाद ही सामने आ सकता है।
शनिवार को सुरेंद्र कोली के शव का पोस्टमार्टम कराया जाना है। उसके परिवार के सदस्य हरिद्वार पहुंच रहे हैं। पोस्टमार्टम के दौरान डॉक्टर मौत के कारण और उससे जुड़ी परिस्थितियों की जांच करेंगे। अब पुलिस की जांच के साथ-साथ पोस्टमार्टम रिपोर्ट भी अहम होगी। रिपोर्ट से यह पता लगाने में मदद मिलेगी कि उसकी मौत वास्तव में फांसी लगाने से हुई या इसके पीछे कोई दूसरी परिस्थिति थी। पुलिस घटनास्थल से जुड़े साक्ष्यों और अन्य पहलुओं की भी जांच करेगी।
निठारी कांड देश के चर्चित आपराधिक मामलों में रहा है। इस मामले में सुरेंद्र कोली को लंबे समय तक कानूनी लड़ाई लड़नी पड़ी। अलग-अलग मामलों में उसे सजा सुनाई गई और कई बार उसकी फांसी की तारीख भी तय हुई, लेकिन कानूनी राहत मिलने के कारण उसे फांसी नहीं दी जा सकी। अब उसकी मौत ने इस पुराने मामले को फिर सुर्खियों में ला दिया है। फिलहाल पुलिस की जांच जारी है और पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है। रिपोर्ट और जांच के बाद ही उसकी मौत की पूरी तस्वीर साफ हो सकेगी।

