UttarpradeshNews: उत्तर प्रदेश बीजेपी अध्यक्ष पंकज चौधरी और संगठन महामंत्री ने लंबे समय बाद नई टीम का गठन करते हुए समाजवादी पार्टी के PDA फॉर्मूले को संतुलित करने की रणनीति अपनाई है। नई प्रदेश कार्यकारिणी में नेताओं का चयन करते समय जातीय और क्षेत्रीय समीकरणों का विशेष ध्यान रखा गया है, जिससे संगठन को आगामी चुनावों के लिए और मजबूत किया जा सके। उत्तर प्रदेश के बीजेपी अध्यक्ष पंकज चौधरी ने लगभग 6 महीने बाद अपनी नई टीम का ऐलान कर दिया है. यूपी बीजेपी की नई टीम में 19 उपाध्यक्ष, 8 महामंत्री, 18 मंत्री, 6 क्षेत्रीय अध्यक्ष समेत मुख्य प्रवक्ता की भी घोषणा हुई है. यूपी बीजेपी अध्यक्ष पंकज चौधरी और यूपी बीजेपी संगठन महामंत्री ने लंबे विचार-विमर्श के बाद सपा के PDA की काट में नई टीम में नेताओं को जगह दी है. बीजेपी ने क्षेत्रीय जातीय समीकरण का विशेष ख्याल रखा है और सबसे ज्यादा पिछड़ी और दलित बिरादरी के नेताओं पर फोकस किया है.
सीएम योगी के करीबी नेताओं को नई टीम में मिली प्राथमिकता
उत्तर प्रदेश बीजेपी की नई प्रदेश कार्यकारिणी में संघ और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का प्रभाव स्पष्ट रूप से देखने को मिल रहा है। सूची में कई नाम ऐसे शामिल किए गए हैं जो सीएम योगी के करीबी माने जाते हैं, जिससे संगठन में उनकी पकड़ और मजबूत होती दिख रही है।इस पूरी टीम गठन में संगठन महामंत्री धर्मपाल को अहम भूमिका में ‘किंगमेकर’ के रूप में देखा जा रहा है, जबकि संघ के पूर्वी यूपी क्षेत्र प्रचारक अनिल जी की सिफारिशों को भी काफी हद तक शामिल किया गया है। वहीं, प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी के कुछ प्रस्तावित नामों को भी जगह मिली है। इसी बीच बीजेपी ने 6 क्षेत्रीय अध्यक्षों के नाम भी घोषित किए हैं, जिन्हें संगठनात्मक दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है। इनमें 4 अध्यक्ष ओबीसी वर्ग से और 2 सवर्ण समाज से चुने गए हैं, जिससे सामाजिक संतुलन साधने की कोशिश साफ नजर आती है। कुल मिलाकर नई टीम में जातीय समीकरणों और संगठनात्मक रणनीति दोनों का खास ध्यान रखा गया है।


