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Uttarpradeshnews: तीसरे में कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही ने नामांकन में हिस्सेदारी के रूप में कहा कि भाजपा सरकार के किसानों के लिए बेचे गए उत्पाद और विकास के सौदे में साफा दिखाई दे रहा है। उन्होंने प्राकृतिक खेती और कृषि क्षेत्र के समग्र विकास पर सरकार का विशेष ध्यान केंद्रित किया। मेरठ स्थित सरदार वल्लभभाई पटेल कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय में आयोजित प्रेस वार्ता के दौरान प्रदेश के कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही ने विपक्ष पर तीखा हमला किया। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी और ममता बनर्जी लगातार ‘रिपोर्ट कार्ड’ की राजनीति करते रहे हैं, लेकिन जनता उनके शासनकाल के नतीजों को भली-भांति समझ चुकी है। उन्होंने आगे कहा कि भाजपा सरकार का कामकाज किसानों के खेतों में बढ़े उत्पादन, कृषि शिक्षा के विस्तार और किसानों की आय में हो रही वृद्धि के रूप में स्पष्ट रूप से दिखाई देता है।

विपक्ष के आरोपों पर दिया जवाब

अखिलेश यादव द्वारा लगातार रिपोर्ट कार्ड जारी किए जाने के सवाल पर कृषि मंत्री ने कहा कि जनता केवल राजनीतिक बयानबाजी नहीं, बल्कि विकास और सुशासन के आधार पर निर्णय लेती है। उन्होंने कहा कि देश को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और प्रदेश को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व पर भरोसा है। सरकार ने किसानों के हितों और राष्ट्रीय सुरक्षा दोनों क्षेत्रों में प्रभावी कार्य किया है।

कृषि मंत्री ने प्राकृतिक खेती अपनाने की किसानों से की अपील, सतत कृषि विकास पर दिया जोर

कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही ने किसानों से रासायनिक उर्वरकों के अत्यधिक उपयोग से बचने की अपील की। उन्होंने कहा कि मिट्टी की उर्वरता को बनाए रखने के लिए गोबर की खाद, कम्पोस्ट और अन्य जैविक संसाधनों का उपयोग बढ़ाना बेहद जरूरी है। उन्होंने जानकारी दी कि 1 जून से 30 जून तक पूरे प्रदेश में प्राकृतिक खेती और संतुलित उर्वरक उपयोग को बढ़ावा देने के लिए विशेष जागरूकता अभियान चलाया जाएगा, जिसके तहत करीब एक हजार स्थानों पर कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।

प्रदेश में खाद की कोई कमी नहीं, पर्याप्त भंडार उपलब्ध: कृषि विभाग का दावा

कृषि मंत्री सूर्यप्रतापशाहीने बताया कि प्रदेश में इस समय 29.53 लाख मीट्रिक टन उर्वरकों का पर्याप्त भंडार उपलब्ध है। उन्होंने कहा कि किसानों को खाद की उपलब्धता को लेकर किसी प्रकार की चिंता करने की आवश्यकता नहीं है, क्योंकि सभी को समय पर उर्वरक उपलब्ध कराया जाएगा। इसके साथ ही उन्होंने किसानों से वैज्ञानिक एवं संतुलित तरीके से उर्वरकों के उपयोग की अपील भी की, ताकि मिट्टी की गुणवत्ता और उत्पादकता बनी रहे।

गन्ना किसानों को मिली राहत

कृषि मंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार ने इस वर्ष गन्ने के मूल्य में लगभग 40 रुपये प्रति क्विंटल की वृद्धि की है। इससे पश्चिमी उत्तर प्रदेश के लाखों किसानों को सीधा लाभ मिला है और उनकी आय बढ़ाने में मदद मिली है।

कृषि शिक्षा और अनुसंधान को मिल रहा बढ़ावा

उन्होंने बताया कि प्रदेश सरकार कृषि विश्वविद्यालयों और कृषि विज्ञान केंद्रों को मजबूत करने के लिए लगातार कार्य कर रही है। सरकार ने अपने कार्यकाल में चार नए कृषि महाविद्यालयों को मंजूरी दी है। कृषि विश्वविद्यालयों को 372 करोड़ रुपये की सहायता प्रदान की गई है। कृषि अनुसंधान, पशु चिकित्सा, महिला प्रशिक्षण, उन्नत खेती तकनीक, सिंचाई प्रबंधन और फसल गुणवत्ता सुधार पर विशेष कार्य किया जा रहा है।

महिलाओं और किसानों को आत्मनिर्भर बनाने पर जोर

सूर्य प्रताप शाही ने कहा कि महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए नियमित प्रशिक्षण कार्यक्रम संचालित किए जा रहे हैं। उन्होंने किसानों से सहफसली खेती को अपनाने और गन्ने के साथ मूंगफली तथा अन्य फसलों की खेती बढ़ाने की अपील की। साथ ही दलहन और तिलहन उत्पादन में आत्मनिर्भर बनने के लिए अरहर जैसी फसलों का रकबा बढ़ाने का भी आह्वान किया। प्रेस वार्ता के दौरान विश्वविद्यालय प्रशासन और कृषि क्षेत्र से जुड़े कई अधिकारी भी मौजूद रहे।

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