Muzaffarnagar News: मुजफ्फरनगर जिला अस्पताल के डॉक्टरों पर एक दिव्यांग बच्ची की हड्डी तोड़ने का आरोप लगा है। बच्ची की मां का आरोप है कि जिला अस्पताल के डॉक्टर बच्ची के इलाज हेतु पच्चीस हजार रुपये मांग रहे थे। आरोप है कि डॉक्टरों को पूरे पैसे नहीं मिलने पर उन्होंने बच्ची की दोबारा हड्डी तोड़ दी।
मामला मुजफ्फरनगर के जिला अस्पताल का है जहां रेशमा नाम की महिला ने बच्ची की हड्डी तोड़ने का गंभीर आरोप लगाया है। महिला ने बताया कि वह अपनी बेटी के पैर की टूटी हड्डी का इलाज कराने के लिए जिला अस्पताल आई थी, जहां उससे 25 हजार रुपये मांगे गए। महिला का आरोप है कि पैसे नहीं देने पर उसे जिला अस्पताल से भगा दिया गया।
महिला द्वारा इस घटना की शिकायत डीएम से करने पर अस्पताल के डॉक्टरों ने 8 हजार रुपये लेकर बच्ची का ऑपरेशन कर दिया और एक माह बाद दोबारा चेकप के लिए बुलाया।
महिला ने बताया कि जब वह चेकप के लिए दोबारा अस्पताल गई तो डॉक्टरों ने बच्ची का घुटना मोड़ दिया, जिससे उसके पैर की हड्डी टूट गई। हड्डी टूटने की आवाज उसने अपने कानों से सुनी। दर्द से जब बच्ची रोने लगी तो उसने बच्ची के पैर का एक्सरे कराया जिसमें हड्डी टूटी मिली।
इस मामले में मुजफ्फरनगर के मुख्य चिकित्सा अधिकारी सुनील तेवतिया का बयान सामने आया है, उन्होंने इस प्रकरण की गंभीरता से जांच कराने का आश्वासन दिया है। उनका कहना है कि इस मामले में दोषी पाए जाने पर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

