सावन के प्रथम सोमवार | पर औरैया के ऐतिहासिक देवकली मंदिर पर सुबह 4 बजे से ही उमड़ी शिव भक्तों की भारी भीड़ गूंजे हर-हर महादेव के जय कारे
आज सावन मास कृष्ण पक्ष की पंचमी तिथि है और सावन का प्रथम सोमवार है। सावन के प्रथम सोमवार पर औरैया के ऐतिहासिक देवकली मंदिर में सुबह 4 बजे से ही शिव भक्तों की भारी भीड़ देखने को मिली। ऐसी मान्यता है कि सावन में भगवान भोलेनाथ का पूजन करने से साधक की शीघ्र ही मनोकामना पूर्ण होती है।
कहा जाता है कि माता पार्वती ने शिव को वर के रूप में प्राप्त करने के लिए सावन मास में ही आराधना की थी और भगवान भोलेनाथ को वर के रूप में पाया था। यही बजह है कि सावन में शिव आराधना, उपासना के साथ ही शिव भक्त भगवान भोलेनाथ का जलाभिषेक, रुद्राभिषेक, के साथ पवित्र नदियों का जल भगवान भोलेनाथ को चढ़ाते है और अपनी मनोकामना की भगवान भोले नाथ से कामना करते है।
औरैया के ऐतिहासिक देवकली मंदिर में कई प्रदेशों से श्रद्धालु जलाभिषेक, रुद्राभिषेक, व कांवर चढ़ाने के लिए आते है। ऐसी मान्यता है कि देवकली मंदिर में विराजमान भगवान भोलेनाथ से मांगी गई मुराद अवश्य ही पूरी होती है। यहाँ सावन के सोमवार के साथ ही शिवरात्रि पर भी लाखों श्रद्धालु जलाभिषेक करने व कांवर चढ़ाने को बड़ी दूर- दूर से आते है। इस मंदिर में स्थापित शिव लिंग प्रति बर्ष जौ के बराबर बढ़ता भी है।
औरैया के देवकली मंदिर में पहुँचने वाले श्रद्धालुओं को कोई दिक्कत न हो इसको लेकर जिला प्रशासन के द्वारा व्यापक इंतजामात किये गए है। जिला प्रशासन के द्वारा मंदिर मार्ग पर बड़े वाहनों के प्रवेश पर रोक लगाने के साथ ही रूट डाइवर्जन, एम्बुलेंस, खोया-पाया केंद्र भी बनाया गया है।
इसके साथ ही मंदिर परिसर व रास्ते मे पर्याप्त पुलिस बल की ड्यूटी लगाई गई है। मंदिर में कांवर व डाक कांवर चढ़ाने वाले श्रद्धालुओं को दूसरे द्वार से प्रवेश कराया जा रहा है तो वही महिला व पुरूष अपनी- अपनी लाइन में लगकर अपनी बारी आने पर दर्शन पूजन कर रहे है। इतना की नही यमुना नदी से जल लेकर आने वाले श्रद्धालुओं की सुरक्षा को द्रष्टगति रखते हुये यमुना नदी पर गोताखोरों को भी तैनात किया गया है।
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रिपोर्ट – अवधेश अवस्थी (औरैया) काजल कुमारी

