भारतीय क्रिकेट के सबसे शांत, गंभीर और भरोसेमंद बल्लेबाजों में से एक, अजिंक्य रहाणे (Ajinkya Rahane) ने खेल के सभी प्रारूपों से संन्यास की घोषणा कर दी है। उन्होंने 30 जुलाई को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म इंस्टाग्राम पर एक भावुक पोस्ट साझा करते हुए अपने शानदार करियर पर विराम लगा दिया है। रहाणे के इस फैसले ने न केवल उनके प्रशंसकों को स्तब्ध कर दिया है, बल्कि भारतीय क्रिकेट के एक युग के अंत का संकेत भी दिया है। उन्होंने स्पष्ट किया है कि वे अब इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) का भी हिस्सा नहीं होंगे।
एक भावुक विदाई और कृतज्ञता का संदेश
ने अपनी विदाई के संदेश में लिखा, “कैप नंबर 278, अब यहीं विराम। वर्षों तक मिले अटूट प्यार और समर्थन के लिए आप सभी का हृदय से आभार। मैं हमेशा आपका ऋणी रहूंगा।” इस संदेश के साथ उन्होंने अपने साथी खिलाड़ियों, कोचों, बीसीसीआई और उन सभी प्रशंसकों को धन्यवाद दिया, जिन्होंने उनके करियर के हर उतार-चढ़ाव में उनका साथ दिया।
कप्तानी का बेदाग और स्वर्णिम सफर
अजिंक्य रहाणे का नाम उन चुनिंदा खिलाड़ियों में शामिल है, जिन्होंने भारतीय क्रिकेट टीम के तीनों प्रारूपों टेस्ट, वनडे और टी20 में कप्तानी का भार संभाला और उसे बखूबी निभाया। टेस्ट क्रिकेट में उनका कप्तानी रिकॉर्ड अद्वितीय रहा है। उन्होंने कुल छह टेस्ट मैचों में भारत की कप्तानी की, जिसमें चार में जीत हासिल की और दो मैच ड्रा रहे।
सबसे बड़ी बात यह है कि उनकी कप्तानी में भारतीय टीम को टेस्ट में कभी हार का सामना नहीं करना पड़ा। वहीं, वनडे में तीन मैचों में कप्तानी की और तीनों में जीत हासिल की। टी20 अंतरराष्ट्रीय में उन्होंने दो मैचों में टीम का नेतृत्व किया, जिसमें एक जीत और एक हार मिली।
रनों का अंबार और अंतरराष्ट्रीय आंकड़े
रहाणे के आंकड़े उनकी निरंतरता और प्रतिभा की गवाही देते हैं। उन्होंने भारत के लिए 85 टेस्ट, 90 वनडे और 20 टी20 अंतरराष्ट्रीय मैच खेले। तीनों प्रारूपों को मिलाकर उन्होंने 35.95 की औसत से 8,414 रन बनाए, जिसमें 15 शतक और 51 अर्धशतक शामिल हैं।
IPL में भी रहाणे का योगदान अविस्मरणीय रहा है। उन्होंने 212 मैचों में 30.15 की औसत से 5,367 रन बनाए, जिसमें 2 शतक और 35 अर्धशतक दर्ज हैं। राजस्थान रॉयल्स, चेन्नई सुपर किंग्स और कोलकाता नाइट राइडर्स जैसी टीमों के लिए खेलते हुए उन्होंने अपनी बल्लेबाजी कौशल का लोहा मनवाया।
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गाबा की ऐतिहासिक जीत
अजिंक्य रहाणे के करियर का सबसे सुनहरा पन्ना 2020-21 के ऑस्ट्रेलिया दौरे पर लिखा गया। एडिलेड में भारत की शर्मनाक हार और विराट कोहली की अनुपस्थिति में कप्तानी का जिम्मा उनके कंधों पर था। मेलबर्न में शतक जड़कर उन्होंने टीम में न केवल नई ऊर्जा फूँकी, बल्कि गाबा (ब्रिस्बेन) के किले को फतह कर इतिहास रच दिया। Ajinkya Rahane
यह जीत भारतीय क्रिकेट की सबसे बड़ी उपलब्धियों में से एक है। ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ उस 2-1 की ऐतिहासिक सीरीज जीत ने रहाणे को दुनिया भर के क्रिकेट प्रेमियों की नजरों में एक महान रणनीतिकार और शांत स्वभाव के कप्तान के रूप में स्थापित कर दिया। Ajinkya Rahane
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भारतीय क्रिकेट पर छोड़ी अमिट छाप
रहाणे केवल एक बल्लेबाज नहीं थे, बल्कि वे टीम की वह दीवार थे जो कठिन परिस्थितियों में मजबूती से खड़ी रहती थी। स्लिप में उनकी बेहतरीन फील्डिंग और प्रतिकूल परिस्थितियों में संयम बनाए रखने की कला उन्हें अन्य खिलाड़ियों से अलग बनाती है। क्रिकेट के मैदान पर उनका ‘जेंटलमैन’ व्यवहार हमेशा याद रखा जाएगा। भले ही अब वे बल्ला थामकर मैदान पर नहीं उतरेंगे, लेकिन भारतीय क्रिकेट इतिहास में उनका नाम एक आदर्श खिलाड़ी के रूप में हमेशा अमर रहेगा। Ajinkya Rahane

