नई दिल्ली: खेलों की दुनिया के बड़े मंचों में शामिल Asian Games 2026 का आधिकारिक आगाज शनिवार को जापान के आइची-नागोया में हो गया। 20वें एशियाई खेलों का उद्घाटन समारोह नागोया सिटी के मिजुहो पार्क एथलेटिक स्टेडियम में आयोजित किया जा रहा है। कुछ खेलों की प्रतियोगिताएं उद्घाटन समारोह से पहले ही शुरू हो चुकी हैं। इस बार एशियन गेम्स में एशिया के 45 देशों और क्षेत्रों के खिलाड़ी हिस्सा ले रहे हैं। प्रतियोगिताएं 19 सितंबर से 4 अक्टूबर तक चलेंगी।
उद्घाटन समारोह के साथ ही जापान में करीब 16 दिनों तक चलने वाले इस बड़े खेल आयोजन का औपचारिक रूप से शुभारंभ हो रहा है। आयोजन समिति के मुताबिक समारोह में खिलाड़ियों और एशियाई देशों की विविधता को केंद्र में रखा गया है। एशियन गेम्स की मशाल भी उद्घाटन समारोह के दौरान स्टेडियम में पहुंचने के बाद कड़ाही प्रज्वलित किए जाने के साथ खेलों के आधिकारिक आगाज का प्रतीक बनेगी। इस बार एशियन गेम्स में करीब 17 हजार खिलाड़ी और अधिकारी शामिल हो रहे हैं। कुल 43 खेलों में मुकाबले होंगे और 469 पदक स्पर्धाएं आयोजित की जानी हैं। कुछ खेलों में नए इवेंट भी जोड़े गए हैं, जिससे प्रतियोगिता का दायरा पिछले संस्करण की तुलना में बढ़ा है।
उद्घाटन समारोह में भारतीय दल के लिए भी खास पल होगा। ओलंपिक पदक विजेता निशानेबाज मनु भाकर और स्टार कबड्डी खिलाड़ी पवन सहरावत भारतीय दल के ध्वजवाहक के तौर पर तिरंगा लेकर आगे बढ़ेंगे। दोनों खिलाड़ियों के लिए यह जिम्मेदारी इसलिए भी खास है क्योंकि उन्हें देश के बड़े खेल मंच पर भारत का प्रतिनिधित्व करने का मौका मिल रहा है। शुरुआत में मनु भाकर के साथ शॉटपुट खिलाड़ी तजिंदरपाल सिंह तूर को पुरुष ध्वजवाहक बनाया गया था। लेकिन वह उद्घाटन समारोह के लिए समय पर नागोया नहीं पहुंच सके। इसके बाद उनकी जगह पवन सहरावत को यह जिम्मेदारी दी गई। पवन पहले भी एशियाई खेलों में भारत के लिए स्वर्ण पदक जीतने वाली कबड्डी टीम का हिस्सा रह चुके हैं।
एशियन गेम्स में भारतीय दल से इस बार भी बड़ी उम्मीदें हैं। भारत के करीब 500 खिलाड़ी 35 खेलों में चुनौती पेश करेंगे। निशानेबाजी, एथलेटिक्स, बैडमिंटन, बॉक्सिंग, कुश्ती, कबड्डी, हॉकी और क्रिकेट समेत कई खेलों में भारतीय खिलाड़ी पदक के दावेदारों में शामिल हैं। भारतीय खिलाड़ियों का लक्ष्य पिछले एशियन गेम्स के प्रदर्शन को और बेहतर करना है। हांगझोउ एशियन गेम्स 2022 में भारत ने रिकॉर्ड 107 पदक जीते थे। अब भारतीय दल की नजर उस प्रदर्शन को पीछे छोड़ने पर है।
एशियन गेम्स की आधिकारिक शुरुआत 19 सितंबर से मानी जा रही है, लेकिन सभी खेलों के मुकाबले इसी दिन से शुरू नहीं हुए हैं। आयोजन का कार्यक्रम काफी बड़ा होने के कारण कुछ प्रतियोगिताएं पहले ही शुरू कर दी गई थीं। पुरुष बास्केटबॉल जैसे कुछ इवेंट्स में मुकाबले 10 सितंबर से शुरू हो गए थे। यानी दर्शकों के लिए एशियन गेम्स का रोमांच उद्घाटन समारोह से पहले ही शुरू हो चुका है। अब जैसे-जैसे प्रतियोगिताएं आगे बढ़ेंगी, भारतीय खिलाड़ियों पर भी नजरें रहेंगी। पिछले एशियन गेम्स में भारत ने अपने इतिहास का सबसे शानदार प्रदर्शन किया था। हांगझोउ में भारतीय खिलाड़ियों ने कुल 107 पदक जीते थे। इस बार टीम की कोशिश उस प्रदर्शन को और आगे ले जाने की होगी। हालांकि हर खेल में मुकाबला कड़ा है और एशिया की कई मजबूत खेल टीमें इस बार भी मैदान में हैं। एशियन गेम्स में चीन लंबे समय से सबसे मजबूत दलों में रहा है। हांगझोउ में चीन ने 201 स्वर्ण सहित 383 पदक जीते थे। जापान और दक्षिण कोरिया भी प्रमुख दावेदारों में शामिल हैं।
आइची-नागोया एशियन गेम्स का आयोजन 19 सितंबर से 4 अक्टूबर 2026 तक होगा। प्रतियोगिताएं जापान के अलग-अलग शहरों और वेन्यू पर आयोजित की जा रही हैं। इस संस्करण में पारंपरिक खेलों के साथ कुछ नए खेलों को भी जगह मिली है। अब भारतीय खेल प्रेमियों की नजर उन खिलाड़ियों पर रहेगी, जो तिरंगे के साथ मैदान में उतरेंगे। उद्घाटन समारोह में मनु भाकर और पवन सहरावत की अगुआई के बाद भारतीय दल से पदकों की उम्मीदें और बढ़ गई हैं। आने वाले दिनों में खिलाड़ियों के प्रदर्शन से तय होगा कि भारत इस बार एशियन गेम्स में कितनी बड़ी पदक तालिका हासिल कर पाता है।


