CWG Games: उत्तर प्रदेश के अलीगढ़ का नाम अब खेल के अंतरराष्ट्रीय मानचित्र पर स्वर्ण अक्षरों में दर्ज हो गया है। कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में भारतीय एथलीट गुलवीर सिंह ने पुरुषों की 10,000 मीटर दौड़ में ऐतिहासिक रजत पदक (सिल्वर मेडल) जीतकर देश को गौरवान्वित किया है। उनकी इस अभूतपूर्व उपलब्धि के बाद न केवल उनके गांव, बल्कि पूरे अलीगढ़ में जश्न का माहौल है।
खेतों की पगडंडियों से पोडियम तक का सफर
गुलवीर सिंह की सफलता की कहानी संघर्ष और दृढ़ संकल्प की मिसाल है। उनकी मां लक्ष्मी, जो इस समय खुशी से फूली नहीं समा रही हैं, याद करते हुए बताती हैं कि गुलवीर का बचपन खेतों की पगडंडियों पर दौड़ते हुए बीता। उन्होंने कहा, “जो बेटा कभी खेतों में दौड़कर अभ्यास करता था, आज उसने वैश्विक मंच पर हमारे परिवार और देश का नाम ऊंचा किया है।
रचा नया कीर्तिमान
मैं उसकी इस मेहनत और लगन को देखकर बेहद गर्व महसूस कर रही हूं। मुझे विश्वास है कि वह भविष्य में और भी बेहतर प्रदर्शन करेगा और देश का मान बढ़ाता रहेगा।” गुलवीर की पत्नी बबीता ने भी इस खुशी को साझा करते हुए कहा कि उनके पति की मेहनत का फल उन्हें मिल गया है। उन्होंने बताया कि जीत की खबर मिलते ही गांव में लोग मिठाई बांट रहे हैं और गुलवीर के स्वागत की तैयारियां शुरू हो गई हैं।
ऐतिहासिक प्रदर्शन
गुलवीर सिंह ने यह पदक जीतकर एथलेटिक्स जगत में इतिहास रच दिया है। यह पहली बार है जब किसी भारतीय पुरुष धावक ने कॉमनवेल्थ गेम्स की 10,000 मीटर स्पर्धा में पोडियम तक पहुंचने में सफलता प्राप्त की है। भारतीय सेना से जुड़े गुलवीर ने अपनी सहनशक्ति और गति का अद्भुत परिचय देते हुए 27:49.78 का समय दर्ज किया।
दौड़ के दौरान गुलवीर शुरुआत से ही अग्रणी धावकों के समूह में बने रहे। अंतिम लैप में उन्होंने जिस फुर्ती और तकनीक का प्रदर्शन किया, वह देखने लायक था। हालांकि वे ऑस्ट्रेलिया के के. रॉबिन्सन से मामूली अंतर से पिछड़ गए, लेकिन दूसरा स्थान हासिल कर उन्होंने भारतीय एथलेटिक्स के लिए एक नया प्रतिमान स्थापित किया है।
भारतीय एथलेटिक्स में मील का पत्थर
खेल विशेषज्ञों का मानना है कि गुलवीर सिंह की यह उपलब्धि भारतीय लंबी दूरी के धावकों के लिए एक बड़ा प्रोत्साहन है। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत का दबदबा पिछले कुछ वर्षों में बढ़ा है, और गुलवीर जैसे एथलीटों ने यह साबित कर दिया है कि उचित प्रशिक्षण और कड़ी मेहनत के दम पर भारतीय धावक वैश्विक स्तर पर किसी को भी चुनौती दे सकते हैं। CWG Games
गुलवीर की सफलता ने न केवल उनके परिवार के सपनों को उड़ान दी है, बल्कि अलीगढ़ के उन सैकड़ों युवा एथलीटों को भी प्रेरित किया है, जो संसाधनों के अभाव के बावजूद कड़ी मेहनत कर रहे हैं। भारतीय सेना का अनुशासन और गुलवीर का अटूट आत्मविश्वास ही इस जीत का आधार बना। CWG Games
उज्ज्वल भविष्य की राह
अपनी इस ऐतिहासिक जीत के बाद गुलवीर ने आगे की प्रतियोगिताओं के लिए कमर कस ली है। भारतीय प्रशंसकों को उम्मीद है कि वे आगामी टूर्नामेंटों में इससे भी बेहतर प्रदर्शन करेंगे और जल्द ही पोडियम के शीर्ष पर पहुंचकर तिरंगा लहराएंगे। फिलहाल, पूरा अलीगढ़ और समूचा भारत अपने इस ‘गोल्डन बॉय’ के आने का इंतजार कर रहा है।परिजनों में खुशी CWG Games
परिवार ने जताई खुशी
गुलवीर सिंह की पत्नी बबीता ने भी उनकी सफलता पर खुशी जताई। उन्होंने कहा कि उनके पति ने दौड़ में दूसरा स्थान हासिल कर जिले और देश का सम्मान बढ़ाया है। उन्होंने बताया कि घर और गांव में सभी लोग उनकी इस उपलब्धि से बेहद खुश हैं और गर्व महसूस कर रहे हैं। CWG Games
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एथलीट गुलवीर सिंह ने कॉमनवेल्थ गेम्स में पुरुषों की 10,000 मीटर स्पर्धा में सिल्वर मेडल जीतकर इतिहास रच दिया है। यह पहली बार है जब किसी भारतीय पुरुष एथलीट ने कॉमनवेल्थ गेम्स की 10,000 मीटर स्पर्धा में पोडियम स्थान हासिल किया है। CWG Games


