पश्चिम बंगाल में चुनावी हलचल तेज, दक्षिण 24 परगना के 15 बूथों पर ईवीएम गड़बड़ी आरोपों के बाद चुनाव आयोग ने पुनर्मतदान का आदेश दिया।

West Bengal Elections: पश्चिम बंगाल में चुनावी माहौल एक बार फिर गरमा गया है। दक्षिण 24 परगना जिले की डायमंड हार्बर और मगराहाट पश्चिम विधानसभा सीटों के 15 मतदान केंद्रों पर आज दोबारा मतदान कराया जा रहा है। चुनाव आयोग ने ईवीएम से छेड़छाड़ और मतदान प्रक्रिया में गड़बड़ी के आरोपों को गंभीरता से लेते हुए यह बड़ा फैसला लिया।

15 केंद्रों पर वोटिंग जारी

सुबह 7 बजे शुरू हुई वोटिंग शाम 6 बजे तक जारी रहेगी। इन 15 केंद्रों में से 11 बूथ मगराहाट पश्चिम और 4 बूथ डायमंड हार्बर में स्थित हैं। शुरुआती आंकड़ों के अनुसार, सुबह 9 बजे तक कुल 16.23% मतदान दर्ज किया गया। मगराहाट पश्चिम के बूथों पर 16.88% और डायमंड हार्बर के केंद्रों पर 15.83% वोटिंग हुई।

EVM विवाद से मचा सियासी घमासान

इस पुनर्मतदान की जड़ में ईवीएम से छेड़छाड़ के आरोप हैं। बीजेपी ने दावा किया था कि कुछ बूथों पर उनके चुनाव चिन्ह ‘कमल’ के सामने लगे बटन को टेप से ढक दिया गया था, ताकि मतदाता उसे पहचान न सकें। इस घटना के फोटो और वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुए, जिसके बाद चुनाव आयोग हरकत में आया।

सिर्फ यही नहीं, विपक्षी दलों और मतदाताओं ने बूथ कैप्चरिंग, धांधली और मतदान में बाधा जैसी गंभीर शिकायतें भी दर्ज कराईं। इन आरोपों के आधार पर आयोग ने जनप्रतिनिधित्व अधिनियम, 1951 की धारा 58(2) के तहत इन बूथों पर मतदान रद्द कर दोबारा चुनाव कराने का आदेश दिया।

30 और बूथों पर भी लटक रही तलवार

सूत्रों की मानें तो फलता विधानसभा क्षेत्र के करीब 30 और मतदान केंद्रों पर भी पुनर्मतदान की संभावना है। इस पर अंतिम फैसला चुनाव आयोग की रिपोर्ट के बाद लिया जाएगा। शुरुआती जांच में मतदान से पहले किसी गड़बड़ी के संकेत नहीं मिले, जिससे शक जताया जा रहा है कि छेड़छाड़ वोटिंग के दौरान हुई हो सकती है।

वोटिंग के बीच जनता की नाराजगी भी आई सामने

बाहिरापुरा कुरकुरिया एफपी स्कूल स्थित मतदान केंद्र पर लंबी कतारें देखने को मिलीं, लेकिन कई मतदाता इस बात से अनजान दिखे कि आखिर दोबारा मतदान क्यों हो रहा है। कुछ लोगों ने दावा किया कि पहले चरण में कोई गड़बड़ी नहीं हुई थी। वहीं, स्थानीय लोगों में बुनियादी सुविधाओं को लेकर नाराजगी भी साफ दिखी। खराब सड़कें, पानी की कमी और अधूरी सुविधाएं लोगों के गुस्से की वजह बनी हुई हैं।

रिकॉर्ड मतदान के बीच विवाद

गौरतलब है कि पश्चिम बंगाल में इस बार दो चरणों में कुल 92.93% मतदान दर्ज किया गया, जो अब तक का सबसे अधिक है। पहले चरण में 93.19% और दूसरे चरण में 92.67% वोटिंग हुई थी। लेकिन इतनी भारी भागीदारी के बीच EVM विवाद ने चुनावी प्रक्रिया पर सवाल खड़े कर दिए हैं।

आयोग का सख्त रुख

राज्य के मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने साफ किया है कि चुनाव प्रक्रिया में किसी भी तरह की गड़बड़ी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। जहां भी नियमों का उल्लंघन पाया जाएगा, वहां तुरंत कार्रवाई होगी चाहे दोबारा मतदान ही क्यों न कराना पड़े। अब नजरें इस बात पर टिकी हैं कि आगे और कितने बूथों पर पुनर्मतदान होता है और इस पूरे विवाद का चुनावी नतीजों पर क्या असर पड़ेगा।

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