मुजफ्फरपुर में चांदनी चौक से रामदयालु तक सिक्सलेन सड़क बनाने की लंबे समय से अटकी कवायद अब आगे बढ़ने लगी है। करीब 44 करोड़ रुपये की लागत से प्रस्तावित इस सड़क के निर्माण में सबसे बड़ी अड़चन पेड़ों की वजह से थी। अब निर्माण एजेंसी ने सड़क के दोनों किनारों पर मौजूद पेड़ों की गिनती और मार्किंग शुरू कर दी है। शुरुआती तौर पर 500 से अधिक पेड़ चिह्नित किए गए हैं।

पेड़ों की गिनती और मार्किंग का काम शुरू

सिक्सलेन सड़क के निर्माण के लिए एनएच के किनारे लगे पेड़ों को हटाना जरूरी है। इसी को देखते हुए पुल निर्माण निगम की टीम ने पेड़ों की पहचान और उनकी मार्किंग शुरू कर दी है। अधिकारियों की टीम यह पता लगा रही है कि सड़क निर्माण की जद में कितने पेड़ आ रहे हैं और उनमें से कितनों को दूसरी जगह शिफ्ट किया जा सकता है।

अधिकारियों के मुताबिक, सभी पेड़ों को एक साथ काटने का फैसला नहीं लिया जाएगा। जो पेड़ सुरक्षित तरीके से दूसरी जगह लगाए जा सकते हैं, उन्हें शिफ्ट करने की कोशिश होगी। वहीं, सड़क निर्माण के रास्ते में आने वाले ऐसे पेड़ों को हटाया जा सकता है, जिन्हें शिफ्ट करना संभव नहीं होगा।

वन विभाग के साथ निजी जमीन के पेड़ भी शामिल

चिह्नित किए जा रहे पेड़ों में सिर्फ वन विभाग के पेड़ ही नहीं हैं। एनएच किनारे कई निजी प्रतिष्ठानों और अन्य संस्थानों की जमीन पर भी पेड़ लगे हुए हैं। ऐसे में पेड़ों की पूरी सूची तैयार करने के बाद उनकी स्थिति और स्वामित्व की जानकारी भी जुटाई जाएगी। पुल निर्माण विभाग के वरीय परियोजना अभियंता के अनुसार, फिलहाल अधिकारियों की टीम पेड़ों की गिनती में जुटी है। पूरी प्रक्रिया खत्म होने के बाद रिपोर्ट तैयार की जाएगी। इसके आधार पर आगे की कार्रवाई तय होगी।

शिफ्टिंग के लिए प्रशासन से मांगी जाएगी जमीन

पेड़ों की गिनती पूरी होने के बाद तैयार रिपोर्ट की विभागीय स्तर पर समीक्षा होगी। इसके बाद जिला प्रशासन से उन पेड़ों को शिफ्ट करने के लिए उपयुक्त जमीन उपलब्ध कराने का अनुरोध किया जाएगा, जिन्हें काटने के बजाय दूसरी जगह लगाया जा सकता है। प्रशासन की ओर से जमीन उपलब्ध होने के बाद चिह्नित पेड़ों को हटाने और शिफ्ट करने की प्रक्रिया शुरू होगी। माना जा रहा है कि पेड़ों से जुड़ी प्रक्रिया पूरी होने के बाद सड़क निर्माण के काम को गति मिल सकेगी।

करीब 44 करोड़ रुपये की लागत से बनेगी सिक्सलेन सड़क

चांदनी चौक से रामदयालु तक सिक्सलेन सड़क का निर्माण करीब 44 करोड़ रुपये की लागत से प्रस्तावित है। इस परियोजना को पिछले करीब एक साल से मंजूरी और अन्य प्रक्रियाओं के कारण आगे बढ़ने का इंतजार था। अब एनएचएआई की ओर से परियोजना के लिए एनओसी मिलने के बाद निर्माण का रास्ता काफी हद तक साफ हो गया है। पिछले दिनों पथ निर्माण विभाग के मंत्री ई. शैलेंद्र कुमार ने भी प्रस्तावित सड़क का निरीक्षण किया था। इसके बाद परियोजना से जुड़े अधिकारियों को जरूरी प्रक्रियाएं जल्द पूरी करने की दिशा में काम करने को कहा गया।

शहर में जाम से राहत मिलने की उम्मीद

चांदनी चौक से रामदयालु के बीच का रास्ता मुजफ्फरपुर के प्रमुख मार्गों में शामिल है। इस रूट पर दिनभर बड़ी संख्या में छोटे-बड़े वाहनों की आवाजाही रहती है। सड़क के सिक्सलेन होने से आने वाले समय में ट्रैफिक दबाव कम करने में मदद मिलने की उम्मीद है। सड़क को चौड़ा करने की राह में पेड़ों को हटाना सबसे जरूरी चरणों में से एक है।

विभाग पहले यह सुनिश्चित करना चाहता है कि निर्माण शुरू होने से पहले पेड़ों से जुड़ी सभी औपचारिकताएं पूरी हो जाएं। इसके बाद सड़क निर्माण की प्रक्रिया को आगे बढ़ाया जाएगा। अधिकारियों का कहना है कि पेड़ों की मार्किंग और गिनती पूरी होने के बाद तस्वीर और साफ होगी कि कितने पेड़ों को शिफ्ट किया जाएगा और कितने हटाने पड़ेंगे। इसके बाद प्रशासन और संबंधित विभागों के समन्वय से आगे की कार्रवाई की जाएगी।

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