नई दिल्ली: जंतर-मंतर पर छात्र आंदोलन के बीच कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के संस्थापक अभिजीत दिपके की तबीयत अचानक खराब हो गई। पिछले कुछ दिनों से बुखार और तेज बदन दर्द से जूझ रहे दिपके ने बताया कि वह दर्द निवारक दवाओं के सहारे प्रदर्शन में लगातार शामिल होते रहे। हालांकि, तबीयत ज्यादा बिगड़ने के बाद उन्हें गुरुवार को कुछ घंटों के लिए प्रदर्शन स्थल से दूर रहकर आराम करने का फैसला लेना पड़ा। अभिजीत दिपके ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर एक पोस्ट के जरिए इसकी जानकारी दी। उन्होंने बताया कि कई दिनों से उनकी तबीयत ठीक नहीं थी, लेकिन इसके बावजूद वह प्रदर्शन में मौजूद रहे और आंदोलनकारियों के साथ खड़े रहे। छात्र
कई दिनों से बुखार और तेज बदन दर्द
दिपके ने अपने पोस्ट में कहा कि वह पिछले कुछ दिनों से बुखार और शरीर में तेज दर्द से परेशान हैं। इसके बावजूद उन्होंने प्रदर्शन से दूरी नहीं बनाई। उनका कहना था कि वह दर्द निवारक दवाएं लेकर किसी तरह प्रदर्शन में अपनी भागीदारी जारी रखे हुए थे।
उन्होंने लिखा कि कई दिनों से बुखार और तेज बदन दर्द के बावजूद वह दर्द की दवाओं के सहारे प्रदर्शन में डटे हुए थे। हालांकि, लगातार खराब स्वास्थ्य के कारण अब उन्हें कुछ समय के लिए आराम करना जरूरी हो गया। छात्र
कुछ घंटों के लिए प्रदर्शन स्थल से रहेंगे दूर
अभिजीत दिपके ने बताया कि वह गुरुवार को कुछ घंटों के लिए जंतर-मंतर स्थित प्रदर्शन स्थल पर मौजूद नहीं रहेंगे। हालांकि, उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि यह ब्रेक आंदोलन से पीछे हटना नहीं है, बल्कि स्वास्थ्य को देखते हुए थोड़े समय के लिए आराम करना है। उनके इस ऐलान के बाद प्रदर्शन में मौजूद समर्थकों और छात्रों ने भी उनके जल्द स्वस्थ होने की कामना की। लंबे समय से चल रहे प्रदर्शन के दौरान दिपके लगातार छात्रों के बीच नजर आ रहे थे और आंदोलन से जुड़े मुद्दों को लेकर अपनी आवाज उठा रहे थे। छात्र
छात्रों के प्रदर्शन के बीच बिगड़ी तबीयत
जंतर-मंतर पर छात्रों का प्रदर्शन लगातार जारी है। प्रदर्शनकारी कई मुद्दों को लेकर सरकार और प्रशासन से जवाब मांग रहे हैं। इसी दौरान CJP संस्थापक अभिजीत दिपके भी लगातार छात्रों के साथ प्रदर्शन में शामिल रहे हैं। कई दिनों तक बीमारी के बावजूद प्रदर्शन में शामिल रहने के बाद अब उनकी तबीयत पर असर पड़ा है। ऐसे में उन्होंने कुछ समय के लिए आराम करने का फैसला लिया है। छात्र
हालांकि, उनके बयान से यह साफ है कि वह आंदोलन को लेकर अपनी सक्रियता जारी रखने की कोशिश कर रहे हैं। दिपके का यह कदम दिखाता है कि वह अपनी खराब सेहत के बावजूद प्रदर्शन से जुड़े रहने की कोशिश कर रहे थे। अब कुछ घंटों के आराम के बाद उनकी तबीयत कैसी रहती है और वह कब दोबारा प्रदर्शन स्थल पर लौटते हैं, इस पर सभी की नजरें रहेंगी। छात्र
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