देश में बढ़ते नशे के खतरे से युवाओं को बचाने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को ‘नशा मुक्त युवा, विकसित भारत संकल्प अभियान’ की शुरुआत की। यह अभियान अगले 100 हफ्तों तक पूरे देश में चलाया जाएगा। इसका मकसद युवाओं को नशे के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक करना, उन्हें स्वस्थ जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित करना और विकसित भारत के निर्माण में उनकी भागीदारी सुनिश्चित करना है।
प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि भारत का भविष्य उसके युवा हैं। अगर युवा शारीरिक और मानसिक रूप से स्वस्थ रहेंगे, तभी देश तेजी से आगे बढ़ सकेगा। उन्होंने कहा कि नशा किसी भी रूप में हो, वह इंसान के जीवन, परिवार और भविष्य को धीरे-धीरे खत्म कर देता है।
‘कुछ समय का हाई, लेकिन पूरी जिंदगी हो जाती है लो’
पीएम मोदी ने युवाओं से भावुक अपील करते हुए कहा कि नशा कुछ देर के लिए खुशी या सुकून का एहसास जरूर कराता है, लेकिन उसके बाद पूरी जिंदगी संघर्ष और परेशानियों से भर जाती है। उन्होंने कहा कि नशे की लत इंसान के सपनों, करियर और रिश्तों को बर्बाद कर देती है।
उन्होंने युवाओं से आग्रह किया कि वे सिर्फ खुद नशे से दूर न रहें, बल्कि अपने दोस्तों, परिवार और समाज के लोगों को भी इसके खिलाफ जागरूक करें। उनका कहना था कि हर युवा अगर एक और व्यक्ति को नशे से बचाने का संकल्प ले, तो देश में बड़ा बदलाव लाया जा सकता है।
100 हफ्तों तक देशभर में चलेंगे जागरूकता कार्यक्रम
इस अभियान के तहत स्कूलों, कॉलेजों, विश्वविद्यालयों, खेल संस्थानों और विभिन्न सामाजिक संगठनों के सहयोग से जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। युवाओं को नशे से होने वाले शारीरिक, मानसिक और सामाजिक नुकसान के बारे में जानकारी दी जाएगी। साथ ही खेल, योग, सांस्कृतिक गतिविधियों और सकारात्मक जीवनशैली को बढ़ावा दिया जाएगा ताकि युवा अपनी ऊर्जा सही दिशा में लगा सकें।
युवाओं की ताकत ही विकसित भारत की पहचान
प्रधानमंत्री ने कहा कि विकसित भारत का सपना तभी पूरा होगा जब देश का युवा आत्मविश्वासी, स्वस्थ और नशा मुक्त होगा। उन्होंने कहा कि नशा केवल व्यक्ति को नहीं, बल्कि पूरे परिवार और समाज को प्रभावित करता है। इसलिए इसके खिलाफ लड़ाई सिर्फ सरकार की नहीं, बल्कि पूरे समाज की जिम्मेदारी है।
उन्होंने सभी नागरिकों से इस अभियान का हिस्सा बनने और अपने आसपास नशे के खिलाफ जागरूकता फैलाने की अपील की। पीएम ने कहा कि यदि देश का हर युवा इस संकल्प को अपने जीवन का हिस्सा बना ले, तो आने वाले वर्षों में भारत न केवल आर्थिक रूप से मजबूत होगा, बल्कि सामाजिक रूप से भी अधिक स्वस्थ और सशक्त राष्ट्र बनकर उभरेगा।
समाज की भागीदारी पर दिया जोर
प्रधानमंत्री ने कहा कि माता-पिता, शिक्षक, सामाजिक संगठन और स्थानीय समुदाय युवाओं को सही दिशा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं। उन्होंने युवाओं से अपने सपनों पर ध्यान केंद्रित करने, खेल, शिक्षा और कौशल विकास को प्राथमिकता देने तथा नशे जैसी बुराइयों से हमेशा दूर रहने का आह्वान किया।
उन्होंने विश्वास जताया कि 100 सप्ताह तक चलने वाला यह अभियान देश में नशा मुक्ति को एक जन आंदोलन का रूप देगा और भारत के युवाओं को एक बेहतर, सुरक्षित और उज्ज्वल भविष्य की ओर आगे बढ़ाने में अहम भूमिका निभाएगा।


