BJP : बच्चों के सोशल मीडिया इस्तेमाल को लेकर देश में बहस लगातार तेज हो रही है। खासकर 13 या 16 साल से कम उम्र के बच्चों के सोशल मीडिया अकाउंट पर रोक लगाने को लेकर अलग-अलग राय सामने आती रही हैं। इसी बीच लोकसभा में बीजेपी सांसद बैजयंत पांडा के एक प्राइवेट मेंबर बिल ने इस मुद्दे को फिर चर्चा में ला दिया है।
क्या है इस बिल में?
BJP सांसद बैजयंत पांडा की ओर से ‘Safeguarding Healthy Internet Environments for Little Digital-Natives (SHIELD) Bill, 2025’ नाम से प्राइवेट मेंबर बिल लोकसभा की सूची में शामिल किया गया था। यह बिल शुक्रवार, 7 अगस्त 2026 को सूचीबद्ध हुआ, हालांकि संसद की कार्यवाही समय से पहले स्थगित होने के कारण इसे सदन में पेश नहीं किया जा सका। इस बिल के जरिए बच्चों के लिए सुरक्षित डिजिटल माहौल तैयार करने और कम उम्र में सोशल मीडिया के इस्तेमाल से जुड़ी चिंताओं पर कानून बनाने की दिशा में एक प्रस्ताव सामने आया है।
13 या 16 साल की उम्र पर क्यों हो रही बहस?
दुनिया के कई देशों में बच्चों की ऑनलाइन सुरक्षा को लेकर नियमों पर चर्चा चल रही है। भारत में भी यह सवाल लगातार उठ रहा है कि कम उम्र के बच्चों को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर अकाउंट बनाने की अनुमति किस उम्र से मिलनी चाहिए। विशेषज्ञों के बीच चिंता यह है कि कम उम्र में सोशल मीडिया का अत्यधिक इस्तेमाल बच्चों की पढ़ाई, नींद, मानसिक स्वास्थ्य और ऑनलाइन सुरक्षा को प्रभावित कर सकता है। वहीं, पूरी तरह प्रतिबंध लगाने के बजाय उम्र की पुष्टि और अभिभावकों की निगरानी जैसे विकल्पों पर भी चर्चा होती रही है।
सरकार और सोशल मीडिया कंपनियों के बीच भी खींचतान
बच्चों की ऑनलाइन सुरक्षा का मुद्दा ऐसे समय में सामने आया है जब केंद्र सरकार और बड़ी सोशल मीडिया कंपनियों के बीच डिजिटल नियमों और प्लेटफॉर्म की जिम्मेदारियों को लेकर बहस चल रही है। ऐसे में पांडा का यह प्राइवेट बिल इस पूरे मुद्दे को नई राजनीतिक और नीतिगत चर्चा के केंद्र में ला सकता है। अभी यह बिल कानून नहीं बना है। इसे आगे सदन में पेश किया जाना और संसदीय प्रक्रिया से गुजरना बाकी है। इसलिए बच्चों के सोशल मीडिया इस्तेमाल पर किसी तत्काल प्रतिबंध की बात कहना फिलहाल सही नहीं होगा।

