दिल्ली के मालवीय नगर में एक होटल में आग लग गई, जो इतनी तेजी से फैली कि लोग सुरक्षित निकलने से पहले ही फंस गए। इस हादसे में अब तक 10 लोगों के मरने की खबर है। दिल्ली के मालवीय नगर इलाके में स्थित लेमन ग्रीन नामक रेस्टोरेंट में बुधवार (3 जून) को भीषण आग लग गई, जिसमें 10 लोगों की जलकर मौत हो गई। आग के बारे में सूचना सुबह 09:45 बजे दिल्ली अग्निशमन सेवा (DFS) को मिली। फायर ब्रिगेड की टीम ने तुरंत कार्रवाई करते हुए बेसमेंट से तीन लोगों को बचाया और CATS एम्बुलेंस से उन्हें अस्पताल पहुंचाया, लेकिन कई अन्य लोगों को समय रहते सुरक्षित नहीं निकाला जा सका। DDMA साउथ डिस्ट्रिक्ट के SDM जितेंद्र कुमार ने बताया कि सूचना मिलते ही सभी संबंधित अधिकारियों और बचाव दलों को मौके पर भेजा गया। उन्होंने कहा कि इमारत के नीचे चल रहे होटल से आग फैलने की संभावना है, हालांकि अभी आग लगने का निश्चित कारण पता नहीं चल पाया है।
नकली लाइसेंस पर चल रहा था होटल, हादसे के बाद बड़ा खुलासा
पुलिस अधिकारी ने कहा कि इस तरह की घटनाएं दोबारा न हों, इसके लिए सख्त कार्रवाई जरूरी है। जांच में सामने आया है कि होटल किसी दूसरे के लाइसेंस के आधार पर संचालित किया जा रहा था। समय रहते BSES ने बिजली आपूर्ति बंद कर दी, जिससे आग को नियंत्रित करने में मदद मिली।
आग से बचने के लिए लोग ऊपर से कूदे, दृश्य भयावह
एसडीएम ने जानकारी दी कि बिल्डिंग में आग फैलने के बाद बाहर आने के रास्ते नहीं बचे थे. स्थानीय लोगों ने बिल्डिंग के आगे जमीन पर गद्दे लगा दिए थे. इसके बाद लोग बालकनी और खिड़की आदि से नीचे कूदे थे. एमसीडी से जानकारी मांगी गई है कि ऐसे कितने होटल और रेस्टोरेंट को रिहायशी इलाके में संचालन का लाइसेंस दिया गया है. सभी की एक रूटीन जांच की जाएगी.
मालवीय नगर विधायक का बयान: हादसे पर जताया दुख, जांच की मांग
मालवीय नगर के विधायक सतीश उपाध्याय ने इसे बेहद दुखद घटना बताया। उन्होंने कहा कि सुबह करीब 9 बजे आग लगने की सूचना मिली थी, जिसके बाद तुरंत पूरी व्यवस्था को सक्रिय किया गया और वे स्वयं मौके पर पहुंचे। उन्होंने बताया कि आग लगने के कारणों की जांच बाद में की जाएगी। इस हादसे में कुछ लोगों की मौत हुई है और कई लोग अस्पताल में भर्ती हैं। उन्होंने यह भी कहा कि मुख्यमंत्री से उनकी कई बार बात हुई है और प्रशासन पूरी स्थिति पर नजर बनाए हुए है। सतीश उपाध्याय ने आश्वासन दिया कि एक कार्यकर्ता के तौर पर जो भी संभव होगा, वह किया जाएगा और भविष्य में ऐसी घटनाएं न हों, इसके लिए ठोस कदम उठाए जाएंगे।

