नई दिल्ली: बीजेपी के राष्ट्रीय प्रवक्ता Shehzad Poonawalla ने पार्टी से एक बार फिर अपना इस्तीफा स्वीकार करने की अपील की है। उन्होंने साफ कर दिया है कि काफी सोच-विचार के बाद वह अपने फैसले पर कायम हैं और अब पार्टी में राष्ट्रीय प्रवक्ता के पद के साथ-साथ सक्रिय प्राथमिक सदस्यता से भी मुक्त होना चाहते हैं। इससे पहले 30 जुलाई को पूनावाला ने पार्टी के सभी पदों और प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा देने की पेशकश की थी, लेकिन बीजेपी ने उनका इस्तीफा तत्काल स्वीकार नहीं किया था और उन्हें अपने फैसले पर दोबारा विचार करने के लिए कहा था।

सोमवार को लिखे अपने पत्र में Shehzad Poonawalla ने पार्टी के इस रुख के लिए आभार जताया। उन्होंने कहा कि यह उनके लिए भावुक कर देने वाला क्षण था कि पार्टी ने उनका इस्तीफा तुरंत स्वीकार करने के बजाय उन्हें फैसले पर पुनर्विचार करने का मौका दिया। हालांकि, उन्होंने बताया कि काफी समय तक विचार करने के बाद वह इस निष्कर्ष पर पहुंचे हैं कि अब वह अपनी जिम्मेदारियों से मुक्त होना चाहते हैं।

‘पार्टी ने फैसला बदलने का मौका दिया, लेकिन मेरा निर्णय अंतिम’

Poonawalla ने अपने पत्र में कहा कि पार्टी की ओर से इस्तीफा तुरंत स्वीकार न करना उनके लिए बेहद सम्मान और अपनापन महसूस कराने वाला था। उन्होंने इसके लिए पार्टी नेतृत्व का आभार भी जताया। लेकिन उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि गहन विचार-विमर्श के बाद उन्होंने अपने मन में अंतिम फैसला कर लिया है। उन्होंने बीजेपी से आग्रह किया कि उन्हें राष्ट्रीय प्रवक्ता की जिम्मेदारी और पार्टी की सक्रिय प्राथमिक सदस्यता से मुक्त किया जाए। उनके इस पत्र से साफ है कि फिलहाल वह अपने फैसले को लेकर पीछे हटने के मूड में नहीं हैं।

30 जुलाई को दिया था इस्तीफा

Shehzad Poonawalla ने 30 जुलाई को बीजेपी के भीतर अपनी सभी जिम्मेदारियों और प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा देने की पेशकश की थी। उनके इस कदम के बाद राजनीतिक गलियारों में काफी चर्चा हुई थी। हालांकि, पार्टी ने तत्काल उनका इस्तीफा स्वीकार नहीं किया और उन्हें फैसले पर पुनर्विचार करने का आग्रह किया। अब कुछ समय बाद पूनावाला ने दोबारा पत्र लिखकर अपना रुख स्पष्ट कर दिया है। उन्होंने पार्टी से कहा है कि वह उन्हें राष्ट्रीय प्रवक्ता के पद और सक्रिय प्राथमिक सदस्यता से औपचारिक रूप से मुक्त कर दे।

PM मोदी समेत वरिष्ठ नेताओं के प्रति जताया सम्मान

इस्तीफे की मांग करते हुए भी शहजाद पूनावाला ने पार्टी के शीर्ष नेतृत्व के प्रति अपने सम्मान और जुड़ाव को जाहिर किया। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, बीजेपी अध्यक्ष नितिन नबीन और पार्टी के वरिष्ठ नेताओं अमित शाह, राजनाथ सिंह और बीएल संतोष के प्रति आभार, प्रेम और सम्मान व्यक्त किया।

Poonawalla का पत्र इस मायने में भी अहम माना जा रहा है कि उन्होंने पार्टी छोड़ने के अपने फैसले को किसी व्यक्तिगत नाराजगी या कटुता के तौर पर पेश नहीं किया। उन्होंने अपने लंबे राजनीतिक सफर और पार्टी नेतृत्व से मिले समर्थन के प्रति आभार जताते हुए अपनी जिम्मेदारियों से अलग होने की इच्छा जाहिर की है।

अब पार्टी के अगले कदम पर नजर

Shehzad Poonawalla के दोबारा इस्तीफा स्वीकार करने की मांग के बाद अब नजर बीजेपी नेतृत्व के अगले कदम पर है। पार्टी पहले ही उनके इस्तीफे को स्वीकार करने से इनकार कर चुकी है और उन्हें अपने फैसले पर सोचने का समय दिया था। ऐसे में अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि बीजेपी इस बार उनके अनुरोध को स्वीकार करती है या फिर एक बार फिर उन्हें अपने फैसले पर पुनर्विचार करने के लिए कहती है।

Poonawalla ने अपने पत्र के जरिए यह संदेश जरूर दे दिया है कि उन्होंने काफी सोच-विचार के बाद अपना फैसला लिया है और वह पार्टी की सक्रिय राजनीति में अपनी मौजूदा जिम्मेदारियों को आगे जारी नहीं रखना चाहते।

@Nation27

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