दिल्ली के जंतर-मंतर पर पिछले 20 दिनों से भूख हड़ताल कर रहे पर्यावरणविद् और सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक की तबीयत बिगड़ने के बाद दिल्ली पुलिस उन्हें अस्पताल ले गई। पुलिस ने वांगचुक को सफदरजंग अस्पताल में भर्ती कराया है। अस्पताल के बाहर सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी गई है और बड़ी संख्या में पुलिस तथा अर्धसैनिक बलों के जवान तैनात किए गए हैं।
जानकारी के अनुसार, सोनम वांगचुक अपनी मांगों को लेकर जंतर-मंतर पर अनशन कर रहे थे। लगातार भूख हड़ताल के कारण उनकी स्वास्थ्य स्थिति को देखते हुए पुलिस उन्हें चिकित्सा जांच के लिए अस्पताल लेकर गई। इस दौरान प्रदर्शन स्थल पर मौजूद लोगों के बीच हलचल बढ़ गई।
पुलिस द्वारा वांगचुक को अस्पताल ले जाने के बाद जंतर-मंतर पर मौजूद प्रदर्शनकारियों को भी धीरे-धीरे वहां से हटाया जाने लगा। पुलिस ने पूरे इलाके में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी है और किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए अतिरिक्त बल तैनात किया गया है।
वांगचुक लंबे समय से पर्यावरण और लद्दाख से जुड़े मुद्दों को लेकर आवाज उठा रहे हैं। उनके समर्थकों का कहना है कि वे अपनी मांगों के समर्थन में शांतिपूर्ण तरीके से आंदोलन कर रहे थे। वहीं, पुलिस का कहना है कि उनकी प्राथमिकता वांगचुक के स्वास्थ्य को देखते हुए उन्हें उचित चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराना है।
अस्पताल में डॉक्टरों की टीम सोनम वांगचुक की स्वास्थ्य जांच कर रही है। फिलहाल उनकी स्थिति को लेकर विस्तृत मेडिकल रिपोर्ट का इंतजार है। वहीं, जंतर-मंतर पर प्रदर्शनकारियों को हटाए जाने के बाद इलाके में स्थिति नियंत्रण में बताई जा रही है।
सोनम वांगचुक को अस्पताल ले जाने की खबर के बाद उनके समर्थकों और सामाजिक संगठनों की ओर से प्रतिक्रिया भी सामने आने लगी है। प्रशासन पूरे मामले पर नजर बनाए हुए है।


